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डेंगू के मरीजों को नहीं मिल पा रहे प्लेटलेट्स

Wed, 10 Aug 2022 10:54 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 10 Aug 2022 10:54 PM IST
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Dengue patients are unable to get platelets
मऊ। जिले में इन दिनों डेंगू पांव पसार रहा है। इसकी चपेट में आने पर शरीर में प्लेटलेट्स की मात्रा कम हो रही है। लेकिन चाह कर भी सरकारी अस्पताल में ब्लड से प्लेटलेट्स अलग कर मरीज को नहीं चढ़ाया जा सकता है। कारण ब्लड सेपरेशन मशीन के उपकरण का अब तक अस्पताल मेें न पहुंचना है। ऐसे में एक ब्लड से चार लोगों की जान बचाना भी मुश्किल हो रहा है। जिला अस्पताल में स्थापित ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट का लोकार्पण होने के 49 दिन बाद भी इसे चालू नहीं किया जा सका है। ऐसे में मरीजों को निजी अस्पताल की शरण लेनी पड़ रही है। जिला अस्पताल में ब्लड बैंक के समीप बने नवनिर्मित भवन में ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट का लोकार्पण 22 जून को कैबिनेट मंत्री एके शर्मा ने किया था तो लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा की आस जगी थी। अभी तक ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट चालू न होने से लोग मायूस हैं। यूनिट के लोकार्पण हुए 49 दिन बीत गए लेकिन अभी तक सभी मशीनों की आपूर्ति नहीं हो सकी है। अब तक मात्र तीन मशीनें ही आ सकी हैं। बाकी चार अब तक नहीं पहुंची हैं। इसके चलते मरीजों को प्लाज्मा और प्लेटलेट्स के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। स्वास्थ्य महकमे के अधिकारी शेष मशीनों का इंतजार कर रहे हैं। सभी मशीनों तथा उपकरणों की आपूर्ति कब तक पूरी हो जाएगी आला अधिकारी बताने को तैयार नहीं हैं। जिला अस्पताल में सिकलसेल, मलेरिया, आग से जलने आदि के पीड़ितों के मामले काफी संख्या में आते हैं। इन पीड़ितों को ब्लड चढ़ाने की जरूरत पड़ती है, लेकिन कई मरीज ऐसे भी होते ही जिन्हें केवल जरूरी तत्व चढ़ाया जाता है। लेकिन ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट के चालू न होने से उन्हें पूरा खून चढ़ाना पड़ता है। ब्लड में चार कंपोनेंट होते हैं। इनमें रेड ब्लड सेल (आरबीसी), प्लाज्मा, प्लेटलेट्स और अन्य तत्व शामिल हैं। सेपरेशन यूनिट में ब्लड को घुमाया जाता है। इससे ब्लड परत दर परत (लेयर बाई लेयर) हो जाता है और आरबीसी, प्लाज्मा, प्लेटलेट्स और क्रायोप्रेसीपिटेट अलग-अलग हो जाते हैं। जरूरत के मुताबिक इनको निकाल लिया जाता है। निकाले गए रक्त के प्रत्येक तत्व की अलग-अलग जीवन अवधि होती है। एक यूनिट तीन से चार लोगों की जरूरत पूरी कर सकती है।
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इनसेट
जिला अस्पताल में ब्लड बैंक के समीप बने नवनिर्मित भवन में ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट का लोकार्पण होने के बाद भी चालू नहीं हो सका है। इससे थैलेसीमिया से ग्रसित गरीब बच्चों को जिला अस्पताल ब्लड बैंक से ब्लड नहीं मिल पा रहा है। उन्हें निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ता है। जिलाधिकारी को भी ज्ञापन दिया गया है। -रवि खुशवानी, महासचिव, मऊ थैलेसीमिया वेलफेयर सोसाइटी
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