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बारिश के बाद बढ़ी यूरिया की मांग, समितियों के चक्कर लगा रहे किसान

Mon, 24 Aug 2020 11:33 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 24 Aug 2020 11:33 PM IST
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Demand for urea increased after rain, farmers circling committees
मऊ। बारिश के बाद यूरिया की मांग बढ़ गई है, दूसरी तरफ बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जिंक की मांग बढ़ गई है, लेकिन जरुरत के समय अधिकांश समितियों तथा निजी उर्वरक दुुकानों पर किसानों को यूरिया के लिए चक्कर लगाना पड़ रहा है। हालत यह है कि निजी उर्वरक की दुकानों पर स्टाक में खाद कम दिखाया जा रहा है। प्रशासन की तरफ से तमाम छापेमारी अभियान के बाद भी निजी दुकानदार मनमाना दाम वसूल रहे हैं। शिकायत के बाद भी यूरिया की कालाबाजारी पर अंकुश नहीं लगाया जा सका।
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जिले में 92 साधन सहकारी समितियां, 10 पीसीएफ, 10 डीसीएफ सहित 400 से अधिक निजी उर्वरक की दुकानें हैं। बारिश बाद धान की फसल में यूरिया के छिड़काव करने की जरुरत है। लेकिन अधिकांश समितियों तथा निजी उर्वरक की दुकानों पर मांग के अनुरुप यूरिया नहीं मिल पा रही है। बड़े किसानों को तो अधिक कीमत पर खरीदना पड़ रहा है। आंकड़ों मेें खरीफ सीजन में 10368 एमटी यूरिया का लक्ष्य है। अब तक 9765 एमटी यूरिया की आपूर्ति समितियों पर भेज दी गई है। विभाग की तरफ से एक रैक यूरिया की डिमांड की गई है। बारिश के बाद निचले इलाकों में जलजमाव के चले धान की फसल पीली हो गई है। किसान जिंक सल्फेट के लिए इधर उधर भटक रहे हैं।
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आंकड़ों में 10.8 एमटी जिंक सल्फेट की आपूर्ति की जा चुकी है। जबकि 2.8 एमटी स्टाक में है। किसानों की मानें तो समितियों के समय से न खुलने से किसानों को चक्कर काटना पड़ रहा है। सचिव कब आते हैं कब जाते हैं लोगों को पता नहीं चल पाता है। इससे निजी उर्वरक विक्रेताओं की चांदी कट रही है। वह मनमाने दाम पर यूरिया बेच रहे हैं। निजी उर्वरक विक्रेता अपने स्टाक में कम यूरिया दिखा रहे हैं। बैकडोर से अधिक दाम पर बेच रहे हैं। गत शुक्रवार को मुहम्मदाबादगोहना ब्लाक क्षेत्र के मुहम्मदाबादगोहना स्थित कई उर्वरक की दुकानों पर स्टाक से कम खाद मिली। किसानों का कहना था कि जरुरत के समय समितियों तथा निजी दुकानों पर यूरिया सहित अन्य उर्वरकों का टोंटा रहता है। इस बाबत एआर सहकारिता विवेक कौशल का कहना है कि जिले में पर्याप्त मात्रा में यूरिया का स्टाक है। डिमांड के अनुसार समितियों को यूरिया की आपूर्ति की जाती है। मामला संज्ञान आने पर संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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