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घोसी को रेलवे स्टेशन का दर्जा दिलाने की उठी मांग
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घोसी (मऊ)। हाल्ट के बजाए घोसी को रेलवे स्टेशन का दर्जा दिलाने की मांग अब जोरो शोर से उठने लगी है। बुधवार को इसीक्रम में घोसी संघर्ष समिति के अध्यक्ष अरविंद्र पांडेय के नेतृत्व में बड़ी संख्या में लोगों ने एक दिवसीय उपवास रखकर विरोध जताते हुए रेलवे स्टेशन का दर्जा दिए जाने की मांग की। साथ ही चेेताया कि मांग पूरी न होने तक घोसी संघर्ष समिति के सदस्यों का विरोध जारी रहेगा। इस कार्यक्रम को फुलनसेना ,व्यापार मंडल तथा विभिन्न राजनैतिक दलों का समर्थन रहा।
घोसी संघर्ष समिति के संरक्षक अब्दुल मन्नान खान तथा अध्यक्ष अरविन्द पांडेय ने कहा कि घोसी रेलवे स्टेशन को स्टेशन की जगह हाल्ट के रूप में दर्जा देने घोसी की लाखों जनता के साथ घोर अन्याय है। जबकि घोसी लोकसभा के साथ विधानसभा का भी मुख्यालय है। घोसी में तहसील, ब्लाक है, फिर भी रेलवे इस तरह का गलत निर्णय ले रहा है। जब कि पूर्व रेलवे राजमंत्री मनोज सिन्हा ने इंदारा से घोसी होते हुए दोहरीघाट तक 213करोड़ का बजट स्वीकृति करा कर शिलान्यास किया था।
कहा कि आखिर बाद में रेलवे क्यो स्टेशन की जगह हाल्ट बनाने की आदेश दे रहे है। चेताया कि यदि पूर्ण स्टेशन का दर्जा नही मिलता तब तक उपवास के बाद अनशन,जोरदार प्रदर्शन को बाध्य होंगे। वहीं गोपाल राय तथा खुर्शीद खान ने कहा कि जब तक घोसी को स्टेशन का दर्जा नही मिलता, तबतक घोसी की जनता संघर्ष करती रहेगी। कहा कि जब सभी जगह छोटी लाइन थी, तब इंदारा दोहरीघाट रेल लाइन पूर्वोत्तर रेलवे की सबसे अधिक आमदनी देने वाली रेल लाइन थी। आमान परिवर्तन के कार्य मे तेजी लाने के साथ घोसी को स्टेशन का दर्जा दिया जाय।
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कार्यक्रम की अध्यक्षता अब्दुल मन्नान खान ने तथा संचालन सुदर्शन कुमार ने किया। इस अवसर पर राजविजय, काजी मुसीर अहमद, दीपचंद निषाद, सुधाकर यादव, बद्री तिवारी, सलामन घोसवी, उपेंद्र राय, लबिहारी गुप्ता, योगेंद्र राजभर, रमेश निषाद, रणधीर सिंह, शकील पांड़े, महफूज अहमद, अविनाश आदि रहे।
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घोसी संघर्ष समिति के संरक्षक अब्दुल मन्नान खान तथा अध्यक्ष अरविन्द पांडेय ने कहा कि घोसी रेलवे स्टेशन को स्टेशन की जगह हाल्ट के रूप में दर्जा देने घोसी की लाखों जनता के साथ घोर अन्याय है। जबकि घोसी लोकसभा के साथ विधानसभा का भी मुख्यालय है। घोसी में तहसील, ब्लाक है, फिर भी रेलवे इस तरह का गलत निर्णय ले रहा है। जब कि पूर्व रेलवे राजमंत्री मनोज सिन्हा ने इंदारा से घोसी होते हुए दोहरीघाट तक 213करोड़ का बजट स्वीकृति करा कर शिलान्यास किया था।
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कहा कि आखिर बाद में रेलवे क्यो स्टेशन की जगह हाल्ट बनाने की आदेश दे रहे है। चेताया कि यदि पूर्ण स्टेशन का दर्जा नही मिलता तब तक उपवास के बाद अनशन,जोरदार प्रदर्शन को बाध्य होंगे। वहीं गोपाल राय तथा खुर्शीद खान ने कहा कि जब तक घोसी को स्टेशन का दर्जा नही मिलता, तबतक घोसी की जनता संघर्ष करती रहेगी। कहा कि जब सभी जगह छोटी लाइन थी, तब इंदारा दोहरीघाट रेल लाइन पूर्वोत्तर रेलवे की सबसे अधिक आमदनी देने वाली रेल लाइन थी। आमान परिवर्तन के कार्य मे तेजी लाने के साथ घोसी को स्टेशन का दर्जा दिया जाय।
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कार्यक्रम की अध्यक्षता अब्दुल मन्नान खान ने तथा संचालन सुदर्शन कुमार ने किया। इस अवसर पर राजविजय, काजी मुसीर अहमद, दीपचंद निषाद, सुधाकर यादव, बद्री तिवारी, सलामन घोसवी, उपेंद्र राय, लबिहारी गुप्ता, योगेंद्र राजभर, रमेश निषाद, रणधीर सिंह, शकील पांड़े, महफूज अहमद, अविनाश आदि रहे।