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Mau News: अब्बास की याचिका पर बहस पूरी, फैसला पांच जुलाई को
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मऊ। विशेष न्यायाधीश एमपी/एमएलए राजीव कुमार वत्स के न्यायालय में सोमवार को अब्बास अंसारी को सजा के मामले में दोनों पक्षों की बहस पूरी हो गई। विशेष न्यायाधीश ने सजा पर रोक लगाने और अपील के निस्तारण तक जमानत पर रिहा करने की अब्बास अंसारी और मंसूर अंसारी की अर्जी पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। आदेश के लिए 5 जुलाई की तिथि नियत की है।
विधानसभा चुनाव में नफरती भाषण देने के दोषी अब्बास अंसारी और मंसूर अंसारी को 31 मई को सीजेएम कोर्ट ने सजा सुनाई थी। इसी सजा के विरुद्ध अपील दाखिल की गई थी। कोर्ट में बहस के दौरान अभियोजन पक्ष ने अब्बास अंसारी के तीनों प्रार्थना पत्रों को बलहीन बताते हुए निरस्त करने का अनुरोध किया। वहीं, अब्बास के अधिवक्ता ने सजा और दंडादेश को स्थगित करने और अपील के निस्तारण तक जमानत पर रिहा करने का अनुरोध किया। मामला शहर कोतवाली क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार, एसआई गंगाराम बिंद की तहरीर पर शहर कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। नफरती भाषण के मामले में पूर्व विधायक अब्बास अंसारी व अन्य को आरोपी बनाया गया। सीजेएम ने दोषी पाए जाने के बाद अब्बास अंसारी को दो वर्ष की सजा के साथ ही 11 हजार जुर्माना लगाया था। मंसूर अंसारी को 6 माह की सजा सुनाई थी।
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विधानसभा चुनाव में नफरती भाषण देने के दोषी अब्बास अंसारी और मंसूर अंसारी को 31 मई को सीजेएम कोर्ट ने सजा सुनाई थी। इसी सजा के विरुद्ध अपील दाखिल की गई थी। कोर्ट में बहस के दौरान अभियोजन पक्ष ने अब्बास अंसारी के तीनों प्रार्थना पत्रों को बलहीन बताते हुए निरस्त करने का अनुरोध किया। वहीं, अब्बास के अधिवक्ता ने सजा और दंडादेश को स्थगित करने और अपील के निस्तारण तक जमानत पर रिहा करने का अनुरोध किया। मामला शहर कोतवाली क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार, एसआई गंगाराम बिंद की तहरीर पर शहर कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। नफरती भाषण के मामले में पूर्व विधायक अब्बास अंसारी व अन्य को आरोपी बनाया गया। सीजेएम ने दोषी पाए जाने के बाद अब्बास अंसारी को दो वर्ष की सजा के साथ ही 11 हजार जुर्माना लगाया था। मंसूर अंसारी को 6 माह की सजा सुनाई थी।
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