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करेंट से दो किसानों की मौत
ब्यूरो, अमर उजाला, मऊ
Updated Fri, 10 Jul 2015 11:25 PM IST
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जिले के दो जगहों पर शुक्रवार को करेंट से दो किसानों की मौत हो गई। मधुबन थाना क्षेत्र के जोगरी हिसामपुर गांव में जहां शुक्रवार की सुबह खेत में गिरे तार की चपेट में आने से एक किसान की मौत हुई। वहीं, सरायलखंसी थाना क्षेत्र के पिजड़ा गांव में नलकूप के लिए बिजली का तार खींचते समय करंट से मौत हो गई।
जोगरी हिसामपुर गांव के रहने वाले गुलाब यादव 52 वर्ष घर के पास ही स्थित अपने धान की रोपाई की तैयारी के लिए सुबह पांच बजे खेत से घास निकाल रहे थे। इसी दौरान उनका गमछा कई दिन पहले से टूटकर खेत में गिरे बिजली के तार में फंस गया और तार गुलाब के सीने में चिपक गया। उस समय तार में बिजली प्रवाहित हो रही थी।
सीने पर तार चिपकते ही चीख के साथ ही गुलाब की मौके पर ही मौत हो गई। ग्रामीणों ने घटना की सूचना पुलिस के साथ ही उपजिलाधिकारी को भी दी। ग्रामीणों का गुस्सा बिजली विभाग की उदासीनता को लेकर था।
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एक दिन पहले ही उसी गांव के एक किसान की कीमती गाय करंट की चपेट में आकर मर मर गई थी। इसके बाद भी बिजली कर्मचारी नहीं चेते और टूट कर गिरे तार को जस का तस छोड़े रखा था। ग्रामीण शव को सड़क पर रखकर जाम करने की योजना बना रहे थे कि उपजिलाधिकारी और तहसीलदार मौके पर पहुंच गए।
अधिकारियों ने मृतक के परिवारीजन को अपेक्षित सहायता राशि पांच तीस हजार रुपये दिलाने का आश्वासन देकर लोगों को शांत कराया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिवार वालों को सौंप दिया।
उधर, सरायलखंसी थाना क्षेत्र के पिजड़ा गांव में रामबचन राम 42 वर्ष अपने नलकूप के लिए तार लगा रहा था। इस बीच तार का सिरा उससे छू गया। करंट की चपेट में आने से घटना स्थल पर ही उसकी मौत हो गई।
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जोगरी हिसामपुर गांव के रहने वाले गुलाब यादव 52 वर्ष घर के पास ही स्थित अपने धान की रोपाई की तैयारी के लिए सुबह पांच बजे खेत से घास निकाल रहे थे। इसी दौरान उनका गमछा कई दिन पहले से टूटकर खेत में गिरे बिजली के तार में फंस गया और तार गुलाब के सीने में चिपक गया। उस समय तार में बिजली प्रवाहित हो रही थी।
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सीने पर तार चिपकते ही चीख के साथ ही गुलाब की मौके पर ही मौत हो गई। ग्रामीणों ने घटना की सूचना पुलिस के साथ ही उपजिलाधिकारी को भी दी। ग्रामीणों का गुस्सा बिजली विभाग की उदासीनता को लेकर था।
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एक दिन पहले ही उसी गांव के एक किसान की कीमती गाय करंट की चपेट में आकर मर मर गई थी। इसके बाद भी बिजली कर्मचारी नहीं चेते और टूट कर गिरे तार को जस का तस छोड़े रखा था। ग्रामीण शव को सड़क पर रखकर जाम करने की योजना बना रहे थे कि उपजिलाधिकारी और तहसीलदार मौके पर पहुंच गए।
अधिकारियों ने मृतक के परिवारीजन को अपेक्षित सहायता राशि पांच तीस हजार रुपये दिलाने का आश्वासन देकर लोगों को शांत कराया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिवार वालों को सौंप दिया।
उधर, सरायलखंसी थाना क्षेत्र के पिजड़ा गांव में रामबचन राम 42 वर्ष अपने नलकूप के लिए तार लगा रहा था। इस बीच तार का सिरा उससे छू गया। करंट की चपेट में आने से घटना स्थल पर ही उसकी मौत हो गई।