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बिना एक्सरे मशीन के संचालित हो रहा दरियाबाद सीएचसी
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मऊ। घोसी ब्लाक क्षेत्र के दरियाबाद मझवारा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र क्षेत्रवासियों के कसौटी पर खरा नहीं उतर पा रहा है। यहां बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। यहां एक्सरे मशीन सहित जांच की सुविधा न होने से मरीजों को जिला मुख्यालय जाना पड़ रहा है। यहां चिकित्सकों तथा स्वास्थ्यकर्मियों के लिए सरकारी आवास की सुविधा न होने से आपातकालीन सेवा शुरू नहीं की जा सकी है। अपराह्न दो बजे के बाद अस्पताल में ताला लटक जाता है।
क्षेत्र के दरियाबाद मझवारा में करोड़ों की लागत से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना हुई तो लोगों को बेहतर स्वास्थ्य केंद्र की आस जगी, लेकिन शासन स्तर से अभी तक सभी सुविधाएं बहाल न हो पाने से लोगों के सपने पर ग्रहण लग गया है। सीएचसी में नेत्र रोग, दंत रोग, स्त्री रोग विशेषज्ञ, सर्जन सहित विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती नहीं की जा सकी है। मात्र दो चिकित्सकों की तैनाती की गई है।
अस्पताल में एक्सरे कक्ष तो बना है, लेकिन एक्सरे मशीन नहीं लगाई जा सकी है। इससे अस्पताल में आने वाले गंभीर रोगियों का इलाज सही ढंग से नहीं हो पा रहा है। लैब टैक्नीशियन की तैनाती तो कर दिया गया है, लेकिन लैब की सुविधा ही नहीं है। अस्पताल में इमरजेंसी सेवा न होने से मरीजों को घोसी या जिला मुख्यालय जाना पड़ रहा है। दोपहर दो बजे के बाद अस्पताल में ताला लटक जाता है। इससे गंभीर रोगियों के मरीजों को निजी अस्पताल का रुख करना पड़ता है। यही नहीं अस्पताल परिसर में पेयजल की व्यवस्था नहीं है। इलाज कराने वाले मरीज प्यास बुझाने के लिए इधर उधर भटकना पड़ता है। प्रदूषित पानी का सेवन कर खुद बीमार हो जा रहे हैं।
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अधिकारियों की मानें तो अस्पताल में तैनात चिकित्सकों तथा स्वास्थ्यकर्मियों के लिए आवासीय सुविधा न मिल पाने से इमरजेंसी सेेवा बहाल नहीं हो पा रही है। इस बाबत सामुदायिक स्वास्थ्य केेंद्र के प्रभारी अधीक्षक डॉ. सारिक कादिर अंसारी का कहना है कि चिकित्सकों तथा स्वास्थ्यकर्मियों के लिए सरकारी आवास की सुविधा न होने से इमरजेंसी सेवा शुरू नहीं की जा सकी है। एक्स-रे सहित अन्य सुविधाएं बहाल करने के मामले में उच्चाधिकारियों को पत्र भेजा गया है।
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क्षेत्र के दरियाबाद मझवारा में करोड़ों की लागत से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना हुई तो लोगों को बेहतर स्वास्थ्य केंद्र की आस जगी, लेकिन शासन स्तर से अभी तक सभी सुविधाएं बहाल न हो पाने से लोगों के सपने पर ग्रहण लग गया है। सीएचसी में नेत्र रोग, दंत रोग, स्त्री रोग विशेषज्ञ, सर्जन सहित विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती नहीं की जा सकी है। मात्र दो चिकित्सकों की तैनाती की गई है।
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अस्पताल में एक्सरे कक्ष तो बना है, लेकिन एक्सरे मशीन नहीं लगाई जा सकी है। इससे अस्पताल में आने वाले गंभीर रोगियों का इलाज सही ढंग से नहीं हो पा रहा है। लैब टैक्नीशियन की तैनाती तो कर दिया गया है, लेकिन लैब की सुविधा ही नहीं है। अस्पताल में इमरजेंसी सेवा न होने से मरीजों को घोसी या जिला मुख्यालय जाना पड़ रहा है। दोपहर दो बजे के बाद अस्पताल में ताला लटक जाता है। इससे गंभीर रोगियों के मरीजों को निजी अस्पताल का रुख करना पड़ता है। यही नहीं अस्पताल परिसर में पेयजल की व्यवस्था नहीं है। इलाज कराने वाले मरीज प्यास बुझाने के लिए इधर उधर भटकना पड़ता है। प्रदूषित पानी का सेवन कर खुद बीमार हो जा रहे हैं।
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अधिकारियों की मानें तो अस्पताल में तैनात चिकित्सकों तथा स्वास्थ्यकर्मियों के लिए आवासीय सुविधा न मिल पाने से इमरजेंसी सेेवा बहाल नहीं हो पा रही है। इस बाबत सामुदायिक स्वास्थ्य केेंद्र के प्रभारी अधीक्षक डॉ. सारिक कादिर अंसारी का कहना है कि चिकित्सकों तथा स्वास्थ्यकर्मियों के लिए सरकारी आवास की सुविधा न होने से इमरजेंसी सेवा शुरू नहीं की जा सकी है। एक्स-रे सहित अन्य सुविधाएं बहाल करने के मामले में उच्चाधिकारियों को पत्र भेजा गया है।