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समितियों पर डीएपी नहीं, किसान परेशान
mau
Updated Sun, 28 Oct 2018 11:09 PM IST
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ख्ाेत।
- फोटो : कुश्ाीनगर ब्यूरो
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फतहपुर मंडाव ब्लॉक के क्षेत्र तीन साधन सहकारी समितियों से डीएपी गायब है। यूरिया सिर्फ नाम मात्र की है। यह स्थिति तब है, जब किसानों को रबी सीजन के लिए डीएपी की सख्त जरूरत है। मजबूर किसान बाजार स्थित दुकानों से महंगे दर पर उर्वरक खरीद रहा है। किसान वर्षों से उक्त समस्या से उबर नहीं पा रहा है।
दुबारी कस्बे गजियापुर नेवादा गोपालपुर आदि साधन सहकारी समितियां हैं। किसान रबी सीजन की बुवाई में जुटे हैं। ऐसे में उसे यूरिया, डीएपी आदि विभिन्न उर्वरकों की जरूरत है, लेकिन उक्त समितियों से डीएपी नदारद है। गोदामों में नाम मात्र की यूरिया ही है। समितियों पर यह स्थिति कई माह से ही बनी हुई है। उर्वरक के अभाव में समितियों के सचिव किसानों के आक्रोश से बचने के लिए गोदाम में ताला लगाकर गायब रहते हैं और किसान परेशान होकर भटक रहे हैं। किसानों की इस समस्या से प्रशासन, विभाग, जनप्रतिनिधि आदि सभी लापरवाह और बेफिक्र बने हुए हैं। ऐसे में किसान कैसे अनाज पैदा करें। उक्त उर्वरकों की जरूरत धान की रोपाई के लिए किसान महसूस कर रहा हैं।
इस संबंध में रमेश यादव, रामनिवास गौंड, राजेश यादव, प्रेम सागर, परशुराम तिवारी, संतोष गौड, सुनील मौर्य आदि किसानों का कहना है कि समितियों पर डीएपी न रहने से परेशानी हो रही है। उधर दुबारी समिति के सचिव सतीशचंद्र श्रीवास्तव तथा गजियापुर एवं नेवादा गोपालपुर सचिव ललन यादव का कहना है कि डीएपी कमी कमी है, इसकी जानकारी आला अधिकारियों को बेची जा चुकी है। इस बाबत मधुबन एसडीएम निरंकार सिंह का कहना है कि सहकारी समितियों से डीएपी के नदारद होने की शिकायत नहीं मिली है। फिर भी वो मामले की जानकारी लेकर इस समस्या का निस्तारण का प्रयास करेंगे।
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दुबारी कस्बे गजियापुर नेवादा गोपालपुर आदि साधन सहकारी समितियां हैं। किसान रबी सीजन की बुवाई में जुटे हैं। ऐसे में उसे यूरिया, डीएपी आदि विभिन्न उर्वरकों की जरूरत है, लेकिन उक्त समितियों से डीएपी नदारद है। गोदामों में नाम मात्र की यूरिया ही है। समितियों पर यह स्थिति कई माह से ही बनी हुई है। उर्वरक के अभाव में समितियों के सचिव किसानों के आक्रोश से बचने के लिए गोदाम में ताला लगाकर गायब रहते हैं और किसान परेशान होकर भटक रहे हैं। किसानों की इस समस्या से प्रशासन, विभाग, जनप्रतिनिधि आदि सभी लापरवाह और बेफिक्र बने हुए हैं। ऐसे में किसान कैसे अनाज पैदा करें। उक्त उर्वरकों की जरूरत धान की रोपाई के लिए किसान महसूस कर रहा हैं।
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इस संबंध में रमेश यादव, रामनिवास गौंड, राजेश यादव, प्रेम सागर, परशुराम तिवारी, संतोष गौड, सुनील मौर्य आदि किसानों का कहना है कि समितियों पर डीएपी न रहने से परेशानी हो रही है। उधर दुबारी समिति के सचिव सतीशचंद्र श्रीवास्तव तथा गजियापुर एवं नेवादा गोपालपुर सचिव ललन यादव का कहना है कि डीएपी कमी कमी है, इसकी जानकारी आला अधिकारियों को बेची जा चुकी है। इस बाबत मधुबन एसडीएम निरंकार सिंह का कहना है कि सहकारी समितियों से डीएपी के नदारद होने की शिकायत नहीं मिली है। फिर भी वो मामले की जानकारी लेकर इस समस्या का निस्तारण का प्रयास करेंगे।
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