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डाला छठ: जोरों पर चल रही छठ की तैयारी
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मऊ। नगर सहित जिले के विभिन्न इलाकों में डाला छठ पर्व की तैयारियां जोरों पर चल रही है। पूजा में लगने वाले सामानों की खरीद बिक्री का दौर शुरू हो गया है। नगरपालिका प्रशासन की तरफ से घाटों की साफ-सफाई कराने का काम शुरू हो गया। श्रद्धालु द्वारा नदी, तालाबों, पोखरों के घाटों पर अपनी-अपनी बेदियां बनाई जा रही हैं। बेदियां बनाकर लोग उस पर अपना नाम व व्रती महिलाओं का नाम लिखकर अपनी जगह सुरक्षित करने में जुट गए हैं।
डाला छठ को लेकर मान्यता है कि 14 वर्ष के वनवास के बाद जब भगवान राम और माता सीता ने अयोध्या वापस आकर राज्यभिषेक के दौरान उपवास रखकर कार्तिक महीने के शुक्ल पक्ष में भगवान सूर्य की पूजा की थी। उसी समय से, छठ पूजा हिंदू धर्म का महत्वपूर्ण और परंपरागत त्योहार बन गया। बताया जाता है कि छठ पूजा विधि-विधान से करने पर सभी मनोकामना पूरी हो जाती है। इसी मान्यता के तहत नगर सहित जिले के विभिन्न इलाकों में डाला छठ को धूमधाम से मनाने की तैयारी जोरों पर चल रही है।
डाला छठ पर के अवसर पर नगर क्षेत्र के तमसा तट स्थित हनुमान घाट, मड़इयाघाट, बमघाट, सत्तीघाट, ढेकुलियाघाट, ब्रह्मस्थान, शीतला माता धाम पर भारी संख्या में व्रती महिलाएं भगवान सूर्य को अर्घ्य देती हैं। इसके अलावा परदहां ब्लॉक के वनदेवी धाम, दोहरीघाट स्थित सरयू तट के रामघाट, पुल के उत्तर दक्षिण, नई बाजार के हनुमान घाट, देवलास आदि स्थानों पर छठ के दिन रेला लगता है। हालांकि छठ पर्व 10 नवंबर को है।
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मुहम्मदाबादगोहना कस्बा निवासी पं. विरेंद्र शुक्ल के अनुसार आठ नवंबर से चार दिवसीय डाला छठ पर्व शुरू हो जाएगा। आठ नवंबर को नहाय खाय, नौ नवंबर यानि मंगलवार को खरना, 10 नवंबर को व्रती महिलाएं अस्ताचलगामी भगवान सूर्य को विधि-विधान से अर्घ्य देंगी। साथ ही 11 नवंबर को उगते सूर्य को अर्घ्य देकर व्रत का पारण करेंगी। डाला छठ पर्व में कई दिन शेष हैं लेकिन नगरपालिका प्रशासन की तरफ से मड़इयाघाट सहित विभिन्न घाटों की साफ-सफाई शुरू करा दी है। पूजा में लगने वाले सामानों की खरीद बिक्री का दौर शुरू हो गया है।
बेदियों पर नाम लिख सुरक्षित कर रहे है स्थान
कुसुम्हा संवाददाता के अनुसार क्षेत्र के जिले के विभिन्न इलाकों में डाला छठ पर्व की तैयारियां जोरों पर चल रही है। श्रद्धालु शारदा सहायक खंड 32 नहर पर लोगों द्वारा अपनी-अपनी बेदियां बनाई जा रही है। बेदियां बनाकर लोग उस पर अपना नाम व व्रती महिलाओं का नाम लिखकर अपनी जगह सुरक्षित करने में जुट गए हैं।
चेयरमैन प्रतिनिधि ने तैयारियों का लिया जायजा
मधुबन। छठ पर्व को लेकर नगर पंचायत तैयारियों में जुट गई है। इस वर्ष छठ की पूजा 10 नवंबर को होगी। इसके मद्देनजर शनिवार को सफाई व्यवस्था का जायजा लेते हुए चेयरमैन प्रतिनिधि शंकर मद्धेशिया ने कर्मचारियों को आवश्यक निर्देश दिए। नगर पंचायत क्षेत्र में 13 जलाशयों पर छठ पर्व का आयोजन होता है। जलाशयों की सफाई, रोशनी की व्यवस्था, भक्तों के लिए स्टाल, लोक गायन के लिए सजने वाले मंच, सूर्यदेव के पूजन के लिए बनाए जा रहे पूजन स्थल के निर्माण की कवायद में नगर पंचायत लगा है।
नगर पंचायत चेयरमैन प्रतिनिधि शंकर मद्धेशिया उफरौली स्थित दुधिया पोखरे पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का हाल जाना। उन्होंने हिराजपट्टी, आदर्श नगर छपराभंगी, उसुरी पोखरा, गांगेबीर, ककराडीह आदि जलाशयों पर पहुंचकर नगर पंचायत द्वारा छठ पर्व पर की जा रही तैयारियों का हाल जाना। इस अवसर पर सभासद विनोद कुमार मद्धेशिया, पीयूष मद्धेशिया, बलवंत चौधरी, मिश्री लाल आदि रहे।
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डाला छठ को लेकर मान्यता है कि 14 वर्ष के वनवास के बाद जब भगवान राम और माता सीता ने अयोध्या वापस आकर राज्यभिषेक के दौरान उपवास रखकर कार्तिक महीने के शुक्ल पक्ष में भगवान सूर्य की पूजा की थी। उसी समय से, छठ पूजा हिंदू धर्म का महत्वपूर्ण और परंपरागत त्योहार बन गया। बताया जाता है कि छठ पूजा विधि-विधान से करने पर सभी मनोकामना पूरी हो जाती है। इसी मान्यता के तहत नगर सहित जिले के विभिन्न इलाकों में डाला छठ को धूमधाम से मनाने की तैयारी जोरों पर चल रही है।
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डाला छठ पर के अवसर पर नगर क्षेत्र के तमसा तट स्थित हनुमान घाट, मड़इयाघाट, बमघाट, सत्तीघाट, ढेकुलियाघाट, ब्रह्मस्थान, शीतला माता धाम पर भारी संख्या में व्रती महिलाएं भगवान सूर्य को अर्घ्य देती हैं। इसके अलावा परदहां ब्लॉक के वनदेवी धाम, दोहरीघाट स्थित सरयू तट के रामघाट, पुल के उत्तर दक्षिण, नई बाजार के हनुमान घाट, देवलास आदि स्थानों पर छठ के दिन रेला लगता है। हालांकि छठ पर्व 10 नवंबर को है।
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मुहम्मदाबादगोहना कस्बा निवासी पं. विरेंद्र शुक्ल के अनुसार आठ नवंबर से चार दिवसीय डाला छठ पर्व शुरू हो जाएगा। आठ नवंबर को नहाय खाय, नौ नवंबर यानि मंगलवार को खरना, 10 नवंबर को व्रती महिलाएं अस्ताचलगामी भगवान सूर्य को विधि-विधान से अर्घ्य देंगी। साथ ही 11 नवंबर को उगते सूर्य को अर्घ्य देकर व्रत का पारण करेंगी। डाला छठ पर्व में कई दिन शेष हैं लेकिन नगरपालिका प्रशासन की तरफ से मड़इयाघाट सहित विभिन्न घाटों की साफ-सफाई शुरू करा दी है। पूजा में लगने वाले सामानों की खरीद बिक्री का दौर शुरू हो गया है।
बेदियों पर नाम लिख सुरक्षित कर रहे है स्थान
कुसुम्हा संवाददाता के अनुसार क्षेत्र के जिले के विभिन्न इलाकों में डाला छठ पर्व की तैयारियां जोरों पर चल रही है। श्रद्धालु शारदा सहायक खंड 32 नहर पर लोगों द्वारा अपनी-अपनी बेदियां बनाई जा रही है। बेदियां बनाकर लोग उस पर अपना नाम व व्रती महिलाओं का नाम लिखकर अपनी जगह सुरक्षित करने में जुट गए हैं।
चेयरमैन प्रतिनिधि ने तैयारियों का लिया जायजा
मधुबन। छठ पर्व को लेकर नगर पंचायत तैयारियों में जुट गई है। इस वर्ष छठ की पूजा 10 नवंबर को होगी। इसके मद्देनजर शनिवार को सफाई व्यवस्था का जायजा लेते हुए चेयरमैन प्रतिनिधि शंकर मद्धेशिया ने कर्मचारियों को आवश्यक निर्देश दिए। नगर पंचायत क्षेत्र में 13 जलाशयों पर छठ पर्व का आयोजन होता है। जलाशयों की सफाई, रोशनी की व्यवस्था, भक्तों के लिए स्टाल, लोक गायन के लिए सजने वाले मंच, सूर्यदेव के पूजन के लिए बनाए जा रहे पूजन स्थल के निर्माण की कवायद में नगर पंचायत लगा है।
नगर पंचायत चेयरमैन प्रतिनिधि शंकर मद्धेशिया उफरौली स्थित दुधिया पोखरे पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का हाल जाना। उन्होंने हिराजपट्टी, आदर्श नगर छपराभंगी, उसुरी पोखरा, गांगेबीर, ककराडीह आदि जलाशयों पर पहुंचकर नगर पंचायत द्वारा छठ पर्व पर की जा रही तैयारियों का हाल जाना। इस अवसर पर सभासद विनोद कुमार मद्धेशिया, पीयूष मद्धेशिया, बलवंत चौधरी, मिश्री लाल आदि रहे।