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लोकल रूटों पर रही भीड़, लंबी दूरी की बसों में सन्नाटा
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मऊ। परिवहन निगम ने सोमवार को रक्षाबंधन के त्योहार को देखते हुए महिलाओं तथा युवतियों के लिए 35 बसों का संचालन किया। हालांकि कोरोना संक्रमण के चलते नि:शुल्क सेवा होने के बावजूद बसों में भीड़ बेहद कम रही। हालात यह रही कि लोकल रूटों की बसों पर महिलाएं नजर आईं, लेकिन लंबी दूरी के बसों में यह संख्या बेहद कम दिखी।
परिवहन निगम द्वारा मऊ डिपो में संचालित 43 बसों में से 35 बसों का संचालन में बहनों को राखी बांधने के लिए उनके भाईयों के गंतव्य तक छोड़ने तक नि:शुल्क सुविधा दी थी। यह सुविधा रविवार की रात 12 बजे से शुरू होकर अगले दिन सोमवार की रात 12 बजे तक रहा। जिले में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामले और लोगों की जागरूकता के चलते रोडवेज डिपो तथा बसों में भीड़ कम दिखी।
मुहम्मदाबाद गोहना, चिरैयाकोट, रतनपुरा, दोहरीघाट आदि रूटों पर बहनें रोडवेज बसों से सफर कर अपने भाईयों के घर पहुंचीं। वहीं लखनऊ, दिल्ली आदि लंबे रूटों की बसों में भीड़ कम दिखी। वहीं कई महिलाएं तो रक्षाबंधन पर घर से बाहर निकलीं लेकिन रोडवेज बसों को वरीयता न देते हुए निजी वाहनों से पहुंचे। इस बाबत एआरएम विवेकानंद त्रिपाठी ने बताया कि 35 बसों का नि:शुल्क संचालन किया गया। लेकिन लोकल रूटों को छोड़कर दूसरे बसों में कहीं भीड़ नजर नहीं आई।
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परिवहन निगम द्वारा मऊ डिपो में संचालित 43 बसों में से 35 बसों का संचालन में बहनों को राखी बांधने के लिए उनके भाईयों के गंतव्य तक छोड़ने तक नि:शुल्क सुविधा दी थी। यह सुविधा रविवार की रात 12 बजे से शुरू होकर अगले दिन सोमवार की रात 12 बजे तक रहा। जिले में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामले और लोगों की जागरूकता के चलते रोडवेज डिपो तथा बसों में भीड़ कम दिखी।
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मुहम्मदाबाद गोहना, चिरैयाकोट, रतनपुरा, दोहरीघाट आदि रूटों पर बहनें रोडवेज बसों से सफर कर अपने भाईयों के घर पहुंचीं। वहीं लखनऊ, दिल्ली आदि लंबे रूटों की बसों में भीड़ कम दिखी। वहीं कई महिलाएं तो रक्षाबंधन पर घर से बाहर निकलीं लेकिन रोडवेज बसों को वरीयता न देते हुए निजी वाहनों से पहुंचे। इस बाबत एआरएम विवेकानंद त्रिपाठी ने बताया कि 35 बसों का नि:शुल्क संचालन किया गया। लेकिन लोकल रूटों को छोड़कर दूसरे बसों में कहीं भीड़ नजर नहीं आई।
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