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पूर्व कर्मचारी िनकला बम की अफवाह फैलाने वाला
ब्यूरो, अमर उजाला, मऊ
Updated Fri, 07 Aug 2015 11:13 PM IST
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नगर क्षेत्र के मुंशीपुरा स्थित मदरसा यतीमखाने में बम रखे जाने की गलत सूचना देने वाले आरोपी को पुलिस ने शुक्रवार को पकड़ लिया। वह यतीमखाने का पूर्व कर्मचारी है। डीएम कार्यालय में जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव और एसपी अनिल कुुमार सिंह ने संयुक्त प्रेसवार्ता कर आरोपी की गिरफ्तारी का खुलासा किया।
तीन अगस्त को शहर कोतवाली पुलिस को सूचना दी गई कि नगर क्षेत्र के मुंशीपुरा स्थित यतीमखाना मदरसे में बम रखा गया है। इसके बाद पुलिस ने पूरे मदरसे को चेक किया, लेकिन वहां पुलिस को कुछ नहीं मिला। लेकिन मदरसे में पुलिस द्वारा चेकिंग किए जाने से गुस्साए मुसलिम समुदाय के लोगों ने मुंशीपुरा में चक्काजाम कर दिया।
मामला गंभीर होने के कारण पुलिस-प्रशासन ने तफ्तीश में तेजी दिखाई। पुलिस ने सर्विलांस की सहायता से मदरसे के पूर्व कर्मचारी दक्षिणटोला थाना क्षेत्र के प्यारेपुरा निवासी मुहम्मद कासिम पुत्र समीउल्लाह और उसकी सहायता करने वाले मुहम्मद अशरफ पुत्र मुस्तफा निवासी हट्ठीमदारी को गिरफ्तार किया।
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शुक्रवार को कलेक्ट्रेट में आयोजित प्रेसवार्ता में एसपी अनिल कुमार सिंह ने बताया कि मुहम्मद कासिम ने अशरफ के मोबाइल में सिमकार्ड लगाकर पुलिस को यतीमखाना में बम रखे जाने की सूचना दी थी। इसपर पुलिस ने मदरसे में पहुंचकर चेकिंग की। बताया कि मुहम्म्द कासिम यतीमखाना मदरसा का पूर्व कर्मचारी है और उसे गलत आचरण के कारण मदरसा संचालक ने ईद के बाद निकाल दिया था।
डीएम ने घटना का पर्दाफाश करने पर पुलिस विभाग की पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह घटना जिला प्रशासन के लिए एक चैलेंज था।
ऐसे में पुलिस विभाग ने मात्र तीन दिनों में मामले का पर्दाफाश कर जिले के लोगों का विश्वास जीता है। पुलिस ने दोनों आरोपियों का चालान कर दिया। वहीं पुलिस फर्जी आईडी पर मोबाइल सिम बेचने वाले विक्रेता के संबंध में भी छानबीन कर रही है।
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तीन अगस्त को शहर कोतवाली पुलिस को सूचना दी गई कि नगर क्षेत्र के मुंशीपुरा स्थित यतीमखाना मदरसे में बम रखा गया है। इसके बाद पुलिस ने पूरे मदरसे को चेक किया, लेकिन वहां पुलिस को कुछ नहीं मिला। लेकिन मदरसे में पुलिस द्वारा चेकिंग किए जाने से गुस्साए मुसलिम समुदाय के लोगों ने मुंशीपुरा में चक्काजाम कर दिया।
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मामला गंभीर होने के कारण पुलिस-प्रशासन ने तफ्तीश में तेजी दिखाई। पुलिस ने सर्विलांस की सहायता से मदरसे के पूर्व कर्मचारी दक्षिणटोला थाना क्षेत्र के प्यारेपुरा निवासी मुहम्मद कासिम पुत्र समीउल्लाह और उसकी सहायता करने वाले मुहम्मद अशरफ पुत्र मुस्तफा निवासी हट्ठीमदारी को गिरफ्तार किया।
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शुक्रवार को कलेक्ट्रेट में आयोजित प्रेसवार्ता में एसपी अनिल कुमार सिंह ने बताया कि मुहम्मद कासिम ने अशरफ के मोबाइल में सिमकार्ड लगाकर पुलिस को यतीमखाना में बम रखे जाने की सूचना दी थी। इसपर पुलिस ने मदरसे में पहुंचकर चेकिंग की। बताया कि मुहम्म्द कासिम यतीमखाना मदरसा का पूर्व कर्मचारी है और उसे गलत आचरण के कारण मदरसा संचालक ने ईद के बाद निकाल दिया था।
डीएम ने घटना का पर्दाफाश करने पर पुलिस विभाग की पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह घटना जिला प्रशासन के लिए एक चैलेंज था।
ऐसे में पुलिस विभाग ने मात्र तीन दिनों में मामले का पर्दाफाश कर जिले के लोगों का विश्वास जीता है। पुलिस ने दोनों आरोपियों का चालान कर दिया। वहीं पुलिस फर्जी आईडी पर मोबाइल सिम बेचने वाले विक्रेता के संबंध में भी छानबीन कर रही है।