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डीयू छात्रसंघ अध्यक्ष पर जालसाजी का मुकदमा
Wed, 27 Mar 2019 11:08 PM IST
पवन सिंह
mau
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Published by: पवन सिंह
Updated Wed, 27 Mar 2019 11:08 PM IST
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शक्ति सिंह ।
- फोटो : mau
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दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ अध्यक्ष शक्ति सिंह के विरुद्ध शहर कोतवाली में झूठा शपथ पत्र देने के मामले में जालसाजी का मुकदमा दर्ज हुआ है। कोर्ट के आदेश पर मंगलवार को देर रात कोतवाली पुलिस ने कार्रवाई की। यह कार्रवाई ठेकेदारी के लिए पंजीकृत संस्था के ब्लैक लिस्टेड न होने के झूठे शपथ पत्र पर की गई है।
मामले के अनुसार, शहर कोतवाली क्षेत्र के सहादतपुरा मुहल्ला निवासी दीवानी कचहरी के अधिवक्ता अनूप कुमार सिंह पुत्र अशोक कुमार सिंह ने सीजेएम कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया था। इसमें शहर कोतवाली क्षेत्र के निजामुद्दीनपुरा मुहल्ला निवासी दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ के अध्यक्ष शक्ति सिंह पुत्र विद्यासागर सिंह को आरोपी बनाया था। अनूप कुमार सिंह ने प्रार्थना पत्र में उल्लेख किया है कि शक्ति सिंह ने ठेकेदारी के लिए चरित्र प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आवेदन किया। आवेदन के साथ18 मई 2018 को एक शपथ पत्र जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक को दिया।
शपथ पत्र के कालम छह में लिखा है कि वह संबंधित विभाग अथवा राज्य सरकार के अन्य विभागों में ब्लैक लिस्टेड ठेकेदार की श्रेणी में नहीं है। जबकि शक्ति सिंह की पार्टनरशिप वाली फर्म शक्ति इंफ्रा कांस्ट्रक्शन निजामुद्दीनपुरा है और उसको ब्लैक लिस्टेड करने के लिए मुख्य अभियंता की ओर से मुख्यालय लोक निर्माण विभाग लखनऊ द्वारा नौ जून 2017 को नोटिस जारी की गई है। शपथ पत्र में शक्ति सिंह ने अपना मूल पता भी छुपाया है।
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वह बलिया जनपद के भीमपुरा थाना क्षेत्र के शाहपुर गांव के मूल निवासी हैं।मामले की सुनवाई के बाद सीजेएम ने 25 मार्च 2019 को शहर कोतवाल को मामले की रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना करने का आदेश दिया। आदेश पर 26 मार्च मंगलवार की रात शहर कोतवाली पुलिस ने शक्ति सिंह के खिलाफ जालसाजी का मुकदमा दर्ज कर लिया है।
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मामले के अनुसार, शहर कोतवाली क्षेत्र के सहादतपुरा मुहल्ला निवासी दीवानी कचहरी के अधिवक्ता अनूप कुमार सिंह पुत्र अशोक कुमार सिंह ने सीजेएम कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया था। इसमें शहर कोतवाली क्षेत्र के निजामुद्दीनपुरा मुहल्ला निवासी दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ के अध्यक्ष शक्ति सिंह पुत्र विद्यासागर सिंह को आरोपी बनाया था। अनूप कुमार सिंह ने प्रार्थना पत्र में उल्लेख किया है कि शक्ति सिंह ने ठेकेदारी के लिए चरित्र प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आवेदन किया। आवेदन के साथ18 मई 2018 को एक शपथ पत्र जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक को दिया।
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शपथ पत्र के कालम छह में लिखा है कि वह संबंधित विभाग अथवा राज्य सरकार के अन्य विभागों में ब्लैक लिस्टेड ठेकेदार की श्रेणी में नहीं है। जबकि शक्ति सिंह की पार्टनरशिप वाली फर्म शक्ति इंफ्रा कांस्ट्रक्शन निजामुद्दीनपुरा है और उसको ब्लैक लिस्टेड करने के लिए मुख्य अभियंता की ओर से मुख्यालय लोक निर्माण विभाग लखनऊ द्वारा नौ जून 2017 को नोटिस जारी की गई है। शपथ पत्र में शक्ति सिंह ने अपना मूल पता भी छुपाया है।
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वह बलिया जनपद के भीमपुरा थाना क्षेत्र के शाहपुर गांव के मूल निवासी हैं।मामले की सुनवाई के बाद सीजेएम ने 25 मार्च 2019 को शहर कोतवाल को मामले की रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना करने का आदेश दिया। आदेश पर 26 मार्च मंगलवार की रात शहर कोतवाली पुलिस ने शक्ति सिंह के खिलाफ जालसाजी का मुकदमा दर्ज कर लिया है।