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एक माह बाद नहीं लौटा पुत्र, एसपी से लगाई गुहार
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मऊ। रानीपुर थाने के भतड़ी गांव निवासी एक व्यक्ति ने गुरुवार को पुलिस अधीक्षक से मिलकर स्थानीय पुलिस पर बच्चे को ले जाने तथा एक माह बाद भी पुत्र के वापस न लौटने का आरोप लगाया। गुहार पर एसपी ने मामले की जांच सीओ मुहम्मदाबाद गोहना को सौंपी।
गांव निवासी योगेंद्र चौहान ने गुहार में कहा है कि उसका गांव निवासी एक व्यक्ति से जमीनी विवाद है। 24 नवंबर को उसके विरोधी उसकी जमीन पर कब्जा करने लगे। विरोध पर मारपीट करने लगे। सूचना पर रानीपुर थाने के एक दरोगा सिपाही के साथ पहुंचे और उससे सुविधा शुल्क की मांग की। असर्मथता जताने पर पुलिस उसके 13 वर्षीय पुत्र सोनू उर्फ संगम को पीटते हुए थाने ले गई। पीड़ित जब 25 नवंबर को थाने पहुंचा, तो वहां उसका बेटा नहीं था। थानाध्यक्ष ने पूछे जाने पर बताया कि बच्चे को छोड़ दिया गया है। तब से आज तक उसके पुत्र का कही पता नहीं चला। जब वह थाने गया, तो थानाध्यक्ष उसे भागा दिया गया। पीड़ित ने बताया कि 27 नवंबर उसकी पत्नी यशोदा ने मऊ आकर एसपी को इस संबंध में प्रार्थना पत्र दिया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। 30 नवंबर को रजिस्टर्ड डाक से इसकी सूचना पुलिस अधीक्षक को भेजा। दूसरी तरफ उसके पुत्र को ले जाने वाले दरोगा आज भी उसे परेशान कर रहें है।
पीड़ित की व्यथा सुन पुलिस अधीक्षक ने मामले की जांच सीओ मुहम्मदाबाद गोहना राजकुमार को सौंपा। एसपी सुरेंद्र बहादुर ने ने बताया कि जिस समय वह एसपी से मिलने और प्रार्थना पत्र देने केे बात बता रहा, उस समय तक उनकी तैनाती मऊ में नहीं हुई थी, वैैसे मामले की जांच कराई जा रही है। जांच के आधार पर कार्रवाई होगी।
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गांव निवासी योगेंद्र चौहान ने गुहार में कहा है कि उसका गांव निवासी एक व्यक्ति से जमीनी विवाद है। 24 नवंबर को उसके विरोधी उसकी जमीन पर कब्जा करने लगे। विरोध पर मारपीट करने लगे। सूचना पर रानीपुर थाने के एक दरोगा सिपाही के साथ पहुंचे और उससे सुविधा शुल्क की मांग की। असर्मथता जताने पर पुलिस उसके 13 वर्षीय पुत्र सोनू उर्फ संगम को पीटते हुए थाने ले गई। पीड़ित जब 25 नवंबर को थाने पहुंचा, तो वहां उसका बेटा नहीं था। थानाध्यक्ष ने पूछे जाने पर बताया कि बच्चे को छोड़ दिया गया है। तब से आज तक उसके पुत्र का कही पता नहीं चला। जब वह थाने गया, तो थानाध्यक्ष उसे भागा दिया गया। पीड़ित ने बताया कि 27 नवंबर उसकी पत्नी यशोदा ने मऊ आकर एसपी को इस संबंध में प्रार्थना पत्र दिया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। 30 नवंबर को रजिस्टर्ड डाक से इसकी सूचना पुलिस अधीक्षक को भेजा। दूसरी तरफ उसके पुत्र को ले जाने वाले दरोगा आज भी उसे परेशान कर रहें है।
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पीड़ित की व्यथा सुन पुलिस अधीक्षक ने मामले की जांच सीओ मुहम्मदाबाद गोहना राजकुमार को सौंपा। एसपी सुरेंद्र बहादुर ने ने बताया कि जिस समय वह एसपी से मिलने और प्रार्थना पत्र देने केे बात बता रहा, उस समय तक उनकी तैनाती मऊ में नहीं हुई थी, वैैसे मामले की जांच कराई जा रही है। जांच के आधार पर कार्रवाई होगी।
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