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सड़क हादसे में सीआरपीएफ जवान की मौत
Updated Sat, 15 Dec 2018 12:03 AM IST
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मधुबन/ फतेहपुर मंडाव। मधुबन थाना क्षेत्र के मधुबन-बेल्थरारोड मुख्य मार्ग स्थित कठघरा शंकर तिराहे पर गुरुवार की देर शाम आठ बजे रोडवेज बस की चपेट में आने से सीआरपीएफ जवान की मौत हो गई। वह श्रीनगर के कुपवाड़ा में तैनात था और दस दिन पहले छुट्टी पर घर आया था। 15 दिसंबर शनिवार को को उसे ड्यूटी ज्वाइन करनी थी जिसके लिए वह शुक्रवार को घर से निकलने वाला था। घर के इकलौते बेटे की मौत से माहौल गमगीन रहा। शुक्रवार की शाम उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
जानकारी के अनुसार कटघरा शंकर गांव निवासी सत्येंद्र गोस्वामी (35) पुत्र स्व. सूर्यभान गोस्वामी सीआरपीएफ की 162वीं बटालियन का जवान था। उसकी तैनाती श्रीनगर के कुपवाड़ा में थी। इन दिनों वह छुट्टी पर घर आया हुआ था और मकान बनवा रहा था। गुरुवार की शाम आठ बजे मां विद्यावती की दवा लेने के लिये वह कठघरा शंकर तिराहे पर गया हुआ था कि गोरखपुर से आ रही बलिया डिपो की रोड़वेज बस की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गया। लोगों ने उसे जिला मुख्यालय के एक प्राईवेट अस्पताल में भर्ती कराया। वहां चिकित्सकों ने उसकी गंभीर हालत देख हायर सेंटर रेफर कर दिया। परिवार के लोग उसे आजमगढ़ ले जा रहे थे कि रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। रात दो बजे परिजन जवान का शव लेकर घर लौटे। शुक्रवार को जवान के शव का पोस्टमार्टम करा कर शाम को अंतिम संस्कार कर दिया गया। जवान बेटे की मौत से उसकी विधवा मां और पत्नी सुमन गिरी, बड़ी बेटी खुशी (12) , छोटी बेटी सलोनी (5) और बेटे शुभम (8) बिलख पड़े। जवान ग्राम प्रधान अवधेश कुमार गिरी का चचेरा भाई था।
जानकारी के अनुसार कटघरा शंकर गांव निवासी सत्येंद्र गोस्वामी (35) पुत्र स्व. सूर्यभान गोस्वामी सीआरपीएफ की 162वीं बटालियन का जवान था। उसकी तैनाती श्रीनगर के कुपवाड़ा में थी। इन दिनों वह छुट्टी पर घर आया हुआ था और मकान बनवा रहा था। गुरुवार की शाम आठ बजे मां विद्यावती की दवा लेने के लिये वह कठघरा शंकर तिराहे पर गया हुआ था कि गोरखपुर से आ रही बलिया डिपो की रोड़वेज बस की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गया। लोगों ने उसे जिला मुख्यालय के एक प्राईवेट अस्पताल में भर्ती कराया। वहां चिकित्सकों ने उसकी गंभीर हालत देख हायर सेंटर रेफर कर दिया। परिवार के लोग उसे आजमगढ़ ले जा रहे थे कि रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। रात दो बजे परिजन जवान का शव लेकर घर लौटे। शुक्रवार को जवान के शव का पोस्टमार्टम करा कर शाम को अंतिम संस्कार कर दिया गया। जवान बेटे की मौत से उसकी विधवा मां और पत्नी सुमन गिरी, बड़ी बेटी खुशी (12) , छोटी बेटी सलोनी (5) और बेटे शुभम (8) बिलख पड़े। जवान ग्राम प्रधान अवधेश कुमार गिरी का चचेरा भाई था।
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