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कॉटन मिल के शुरू होने की आस धूमिल
ब्यूररो,अमर उजाला/मऊ
Updated Fri, 14 Oct 2016 11:34 PM IST
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नगर क्षेत्र के सहादतपुरा स्थित बंद पड़ी स्वदेशी काटन मिल।
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करोड़ों की लागत से लंबे समय से बंद पड़ी नगर की स्वदेशी कॉटन मिल के चालू होने समय लग सकता है। नेशनल टेक्सटाइल कारपोरेशन ने एनटीसी तथा मजदूर यूनियन का हाईकोर्ट में मामला लंबित होने की रिपोर्ट पीएमओ को भेजा है। नेशनल टेक्सटाइल कारपोरेशन के अनुभाग अधिकारी ने शिकायतकर्ता और अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत के जिला संयोजक राघवेंद्र राय को इस आशय का पत्र भेजा है।
बंद पड़ी स्वदेशी कॉटन मिल को चालू कराने के संबंध में शहरोज गांव निवासी तथा अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत के जिला संयोजक राघवेंद्र राय शर्मा ने प्रधानमंत्री कार्यालय के पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी। प्रधानमंत्री कार्यालय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए नेशनल टेक्सटाइल कारपोरेशन के प्रबंध निदेशक से बंद पड़ी स्वदेशी कॉटन मिल के मामले में विस्तृत रिपोर्ट मांगी थी।
साथ ही शिकायतकर्ता को रिपोर्ट से अवगत कराने का भी फरमान जारी किया था। पीएमओ के निर्देश पर नेशनल टेक्सटाइल कारपोरेशन ने मजदूर यूनियन का हाईकोर्ट में मामला लंबित की पीएमओ को रिपोर्ट भेजा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि कोर्ट का फैसला आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में मिल के चालू होने में लंबा समय लग सकता है। इस संबंध में अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत के जिला संयोजक राघवेंद्र राय शर्मा का कहना है कि स्वदेशी कॉटन मिल जिले की शान हुआ करती थी। यहां पूर्वांचल के कोने कोने से लोग आकर रोजगार प्राप्त करते थे।
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एनटीसी मजदूर यूनियन के हाईकोर्ट में मामला लंबित बताकर पल्ला झाड़ रहा है। स्वदेशी कॉटन मिल को चालू कराने का प्रयास जारी रहेगा। मजदूर यूनियन के महामंत्री अच्युतानंद उपाध्याय का कहना है कि कोट में एक मामला विचाराधीन है। जबकि लगभग सौ मजदूरों का कई भुगतान नहीं किया गया है। कहा कि मिल को चालू करने के साथ मजदूरों का भुगतान भी किया जाना चाहिए।
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बंद पड़ी स्वदेशी कॉटन मिल को चालू कराने के संबंध में शहरोज गांव निवासी तथा अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत के जिला संयोजक राघवेंद्र राय शर्मा ने प्रधानमंत्री कार्यालय के पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी। प्रधानमंत्री कार्यालय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए नेशनल टेक्सटाइल कारपोरेशन के प्रबंध निदेशक से बंद पड़ी स्वदेशी कॉटन मिल के मामले में विस्तृत रिपोर्ट मांगी थी।
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साथ ही शिकायतकर्ता को रिपोर्ट से अवगत कराने का भी फरमान जारी किया था। पीएमओ के निर्देश पर नेशनल टेक्सटाइल कारपोरेशन ने मजदूर यूनियन का हाईकोर्ट में मामला लंबित की पीएमओ को रिपोर्ट भेजा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि कोर्ट का फैसला आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में मिल के चालू होने में लंबा समय लग सकता है। इस संबंध में अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत के जिला संयोजक राघवेंद्र राय शर्मा का कहना है कि स्वदेशी कॉटन मिल जिले की शान हुआ करती थी। यहां पूर्वांचल के कोने कोने से लोग आकर रोजगार प्राप्त करते थे।
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एनटीसी मजदूर यूनियन के हाईकोर्ट में मामला लंबित बताकर पल्ला झाड़ रहा है। स्वदेशी कॉटन मिल को चालू कराने का प्रयास जारी रहेगा। मजदूर यूनियन के महामंत्री अच्युतानंद उपाध्याय का कहना है कि कोट में एक मामला विचाराधीन है। जबकि लगभग सौ मजदूरों का कई भुगतान नहीं किया गया है। कहा कि मिल को चालू करने के साथ मजदूरों का भुगतान भी किया जाना चाहिए।