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काटन मिल के चालू होने की जगी उम्मीद
ब्यूरो, अमर उजाला, मऊ
Updated Thu, 25 Aug 2016 11:21 PM IST
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करोड़ों की लागत से लंबे समय से बंद पड़ी नगर की स्वदेशी काटन मिल के चालू होने की एक उम्मीद जगी है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने नेशनल टेक्सटाइल कारपोरेशन से इस बारे में रिपोर्ट मांगी है। इस आशय का पत्र नेशनल टेक्सटाइल कारपोरेशन के अनुभाग अधिकारी ने शिकायतकर्ता व अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत गोरक्ष प्रांत के जिला संयोजक राघवेंद्र राय को भेजी है।
एक समय था जब करोड़ों की लागत से बनी स्वदेशी काटन मिल से बुनकरों को सस्ता व गुणवत्तापरक धागा मिलता था। 500 मजदूरों को रोजगार मिलने के साथ काफी संख्या में लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार मिल रहा था। मिल बंद होने से श्रमिकों के साथ ही बुनकरों को धागे के लिए अब दूसरे पर निर्भर रहना पड़ता है। यदि यह मिल चालू हो जाएं तो न सिर्फ काफी संख्या में लोगों को काम मिलेगा। मिल बंद होने के बाद यहां के जनप्रतिनिधियों का ध्यान इस मिल की तरफ नहीं है। अब प्रबुद्ध वर्ग ने मिल को चालू कराने के लिए प्रयास शुरू कर दिया है।
बंद पड़ी स्वदेशी काटन मिल को चालू कराने के संबंध में शहरोज गांव निवासी तथा अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत गोरक्ष प्रांत के जिला संयोजक राघवेंद्र राय शर्मा ने प्रधानमंत्री कार्यालय के पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराया था। प्रधानमंत्री कार्यालय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए नेशनल टेक्सटाइल कारपोरेशन के प्रबंध निदेशक से बंद पड़ी स्वदेशी काटन मिल के मामले में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। साथ ही शिकायतकर्ता को रिपोर्ट से अवगत कराने का भी फरमान जारी किया है। इस संबंध में अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत के जिला संयोजक राघवेंद्र राय शर्मा का कहना है कि मिल के बंद होने से बुनकरों को महंगा धागा खरीदना पड़ रहा है।
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एक समय था जब करोड़ों की लागत से बनी स्वदेशी काटन मिल से बुनकरों को सस्ता व गुणवत्तापरक धागा मिलता था। 500 मजदूरों को रोजगार मिलने के साथ काफी संख्या में लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार मिल रहा था। मिल बंद होने से श्रमिकों के साथ ही बुनकरों को धागे के लिए अब दूसरे पर निर्भर रहना पड़ता है। यदि यह मिल चालू हो जाएं तो न सिर्फ काफी संख्या में लोगों को काम मिलेगा। मिल बंद होने के बाद यहां के जनप्रतिनिधियों का ध्यान इस मिल की तरफ नहीं है। अब प्रबुद्ध वर्ग ने मिल को चालू कराने के लिए प्रयास शुरू कर दिया है।
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बंद पड़ी स्वदेशी काटन मिल को चालू कराने के संबंध में शहरोज गांव निवासी तथा अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत गोरक्ष प्रांत के जिला संयोजक राघवेंद्र राय शर्मा ने प्रधानमंत्री कार्यालय के पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराया था। प्रधानमंत्री कार्यालय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए नेशनल टेक्सटाइल कारपोरेशन के प्रबंध निदेशक से बंद पड़ी स्वदेशी काटन मिल के मामले में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। साथ ही शिकायतकर्ता को रिपोर्ट से अवगत कराने का भी फरमान जारी किया है। इस संबंध में अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत के जिला संयोजक राघवेंद्र राय शर्मा का कहना है कि मिल के बंद होने से बुनकरों को महंगा धागा खरीदना पड़ रहा है।
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