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कोरोना वैक्सीन: नौ माह इंतजार के बाद लगा राहत का टीका
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कोपागंज में कोविड टीकाकरण के दौरान टीकाकरण कराते स्वास्थकर्मी।
- फोटो : MAU
मऊ। नौ माह से अधिक लंबे इंतेजार के बाद आखिरकार शनिवार को कोरोना संक्रमण से लड़ने और बचाव का टीका लगने का कार्य शुरू हुआ। पहले चरण में शनिवार को 400 स्वास्थ्य कर्मचारियों को टीका लगना था। इसके लिए जिले में चार केंद्र बनाए गए। इसमें सदर अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड के साथ जिला महिला अस्पताल और सीएचसी कोपागंज और घोसी को शामिल किया गया था। लेकिन देर शाम चारों सेंटरों को मिलाकर महज 264 लोगों को कोरोना संक्रमण का टीका लगाया जा सका। जो लक्ष्य के 66 फीसदी है।
शनिवार की सुबह दस बजे से टीकाकरण का कार्य शुरू होना था, लेकिन पीएम मोदी के संबोधन और अधिकारियों की शिथिलता तथा सर्वर डाउन होने से टीकाकरण का काम 11 बजे शुरू हुआ। इस दौरान जिला अस्पताल में सौ के सापेक्ष 74 स्वास्थ्य कर्मचारियों को, जिला महिला अस्पताल में सौ के सापेक्ष 55, तो कोपागंज में सौ के सापेक्ष 62 और घोसी सीएचसी पर सौ के सापेक्ष 73 लोगों ने टीका लगवाया।
टीका लगाने के दौरान बकायदे चुनाव वाली प्रक्रिया अपनाई गई। इस दौरान उन स्वास्थ्य कर्मचरियों की सूची तैयार की गई थी, जिन्हे टीका लगना था। टीकारण वाले कमरे के गेट पर बकायदे पुलिस के जवाले एक उपनिरीक्षक के साथ तैनात थे। वो उन्हे ही अंदर प्रवेश दे रहें थे, जिन्हे टीका लगना था। अंदर जाने पर स्वास्थ्य कर्मचारी को अपना नाम बताना पड़ रहा था। इसके बाद सूची से उसका नाम काटकर उस कर्मचारी के नाम से कार्ड बनाया जा रहा था। इसके बाद कार्ड लेकर स्वास्थ्य कर्मचारी टीका वाले रुम में जाकर टीका लगावाया। इस दौरान एक वायल से एक व्यक्ति को 0.5 एमएल वैक्सीन इंजेक्शन में लोडकर लगाया जा रहा था। इस दौरान हर टीका करण केंद्र पर एक नोडल अधिकारी डिप्टी सीएमओ की तैनाती की गई थी। इसके अलावा डब्ल्यूएचओ का सर्विलांस अधिकारी भी मौके पर मौजूद था। टीका लगाने के बाद स्वास्थ्य कर्मचारियों को आधे घंटा रोका जा रहा था। इसके बाद उसका परीक्षण कर उसे बाहर निकलने दिया जा रहा था।
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टीकाकरण के दौरान जिलाधिकारी अमित सिंह बंसल और एसपी सुशील घुले के साथ सीडीओ राम सिह वर्मा, सीएमओ डा. सतीश सिंह कर केंद्रों पर पहुंचे। टीकाकरण के दौरान स्वास्थ्य कर्मचारियों और अधिकारियों में उत्सुकता थी, डरने वाले कर्मचारी एक दूसरे को टीका लगवाते देख अंदर बैठे डर को हटाकर टीका लगवा रहे थे।
पहला डोज लगा सीएमओ और सीएमएस को
मऊ। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए शनिवार को लगने वाले टीके का पहला डोज सीएमओ डा. सतीश सिंह को जिला महिला अस्पताल में लगाया गया। इसके बाद पैथालोजिस्ट दरोगा सिंह ने दूसरा टीका लगवाया। इसी क्रम में जिला अस्पताल में सबसे पहले सीएमएस डा. बृज कुमार को पहले कोरोना संक्रमण का टीका लगाया गया। इसके बाद अन्य कर्मचारियों ने टीका लगावाना शुरू किया। बताते चले सीएमओ टीका लगवाने के बाद आराम भी नहीं किए, तुरंत निरीक्षण और व्यवस्था देखने के लिए निकल गएत्र्। इसीक्रम में सीएचसी कोपागंज पर पहला टीका डा. वेदप्रकाश को लगाया गया। जबकि घोसी में अजय कुमार को पहला वैक्सीन का पहला डोज दिया गया। इस दौरान जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. वीके यादव, डिप्टी सीएमओ डॉ. वकील अली, सर्विलांस अधिकारी डॉ. पदम जैन, यूनीसेफ डीएमसी सौरभ सिंह की टीम भी चारों केंद्रों का सतत निरीक्षण कर टीकाकरण की हर बारीकियों की मानीटरिंग करते रहे।
हर अस्पताल में तैनात रहे तीन-तीन नोडल अधिकारी
मऊ। टीकाकरण को लेकर स्वास्थ्य विभाग से लेकर प्रशासन, पुलिस प्रशासन तक काफी सक्रिय नजर आया। स्वास्थ्य विभाग ने हर अस्पताल पर अस्पताल अधीक्षक को नोडल अधिकारी बनाया था। जबकि प्रशासन द्वारा एसडीएम, तहसीलदार और पुलिस प्रशासन द्वारा एक-एक उपनिरीक्षक को नोडल अधिकारी बनाया गया था। इस दौरान इन केंद्रों पर प्रवेश निषेध रहा। जिन हेल्थवर्करों का टीकाकरण होना था, उन्हीं को प्रवेश दिया गया। इसके लिए अलावा अस्पताल में जिस जगह केंद्र बनाए गए थे, उस क्षेत्र को प्रतिबंधित क्षेत्र बना दिया गया था।
पूर्वाभ्यास का मिला लाभ
मऊ। शनिवार को शुरू हुए भटीकारण में बीत दिञनों पांच और 11 जनवरी को किया गया पूर्वाभ्यास का फायदा स्वास्थ्य कर्मचारियों को मिला। टीकाकरण कराने को आने वाले चिहिन्त हेल्थवर्करों में इसको लेकर नकारात्मक प्रभाव नहीं दिखा। इससे पहले चिहिन्त हेल्थवर्करों के मोबाइल पर 12 घंटे पहले टीका को लेकर मैसेज भेजा गया था। यहीं मैसेज संबंधित टीकाकर्मी को मिला था। वहीं टीका होने के बाद निकले स्वास्थ्यकर्मी से दूसरे स्वास्थ्यकर्मी टीका के अनुभवों की जानकारी लेते दिखे। वहीं टीकाकरण को लेकर पूरे दिन हेल्थवर्करों के अलावा प्रशासन तथा पुलिस प्रशासन के बीच भी चर्चा होती रही।
चार घंटे पहले केंद्रों पर पहुंची वैक्सीन
मऊ। स्वास्थ्य विभाग ने कोपागंज तथा घोसी सीएचसी पर शुक्रवार की शाम वैक्सीन कैरियर में भरकर भेजी गई। इसके अलावा जिला अस्पताल, महिला अस्पताल, कोपागंज में सुबह दस बजते ही कोरोना वैक्सीन फ्रीजर से निकालकर उपलब्ध कराई गई। दरअसल बाक्स से निकलने के बाद वैक्सीन को चार घंटे में लगाना अनिवार्य है।
चार मिनट में टीका, 30 मिनट तक की गई विशेष निगरानी
मऊ। हर केंद्र पर 100 हेल्थवर्करों को सुबह दस से पांच बजे टीका लगाना था। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग ने चार मिनट में टीका और 30 मिनट निगरानी का फार्मूला अपनाया। इस फामूर्ले से हेल्थवर्करो को टीका लगाया गया। टीका लगने के बाद केंद्र के पास बनाए गए निगरानी कक्ष में 30 मिनट तक हेल्थवर्करों को रोका गया। इस दौरान विपरित परिस्थिति से निपटने के लिए तीन विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम निगरानी कक्ष में हेल्थवर्करों के हर गतिविधियों पर नजर रखे रही। वहीं इसकी जानकारी सीएमओ, प्रतिरक्षण अधिकारी, सर्विलांस अधिकारी चारों नोडल अधिकारी से हल पाल लेते रहे।
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शनिवार की सुबह दस बजे से टीकाकरण का कार्य शुरू होना था, लेकिन पीएम मोदी के संबोधन और अधिकारियों की शिथिलता तथा सर्वर डाउन होने से टीकाकरण का काम 11 बजे शुरू हुआ। इस दौरान जिला अस्पताल में सौ के सापेक्ष 74 स्वास्थ्य कर्मचारियों को, जिला महिला अस्पताल में सौ के सापेक्ष 55, तो कोपागंज में सौ के सापेक्ष 62 और घोसी सीएचसी पर सौ के सापेक्ष 73 लोगों ने टीका लगवाया।
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टीका लगाने के दौरान बकायदे चुनाव वाली प्रक्रिया अपनाई गई। इस दौरान उन स्वास्थ्य कर्मचरियों की सूची तैयार की गई थी, जिन्हे टीका लगना था। टीकारण वाले कमरे के गेट पर बकायदे पुलिस के जवाले एक उपनिरीक्षक के साथ तैनात थे। वो उन्हे ही अंदर प्रवेश दे रहें थे, जिन्हे टीका लगना था। अंदर जाने पर स्वास्थ्य कर्मचारी को अपना नाम बताना पड़ रहा था। इसके बाद सूची से उसका नाम काटकर उस कर्मचारी के नाम से कार्ड बनाया जा रहा था। इसके बाद कार्ड लेकर स्वास्थ्य कर्मचारी टीका वाले रुम में जाकर टीका लगावाया। इस दौरान एक वायल से एक व्यक्ति को 0.5 एमएल वैक्सीन इंजेक्शन में लोडकर लगाया जा रहा था। इस दौरान हर टीका करण केंद्र पर एक नोडल अधिकारी डिप्टी सीएमओ की तैनाती की गई थी। इसके अलावा डब्ल्यूएचओ का सर्विलांस अधिकारी भी मौके पर मौजूद था। टीका लगाने के बाद स्वास्थ्य कर्मचारियों को आधे घंटा रोका जा रहा था। इसके बाद उसका परीक्षण कर उसे बाहर निकलने दिया जा रहा था।
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टीकाकरण के दौरान जिलाधिकारी अमित सिंह बंसल और एसपी सुशील घुले के साथ सीडीओ राम सिह वर्मा, सीएमओ डा. सतीश सिंह कर केंद्रों पर पहुंचे। टीकाकरण के दौरान स्वास्थ्य कर्मचारियों और अधिकारियों में उत्सुकता थी, डरने वाले कर्मचारी एक दूसरे को टीका लगवाते देख अंदर बैठे डर को हटाकर टीका लगवा रहे थे।
पहला डोज लगा सीएमओ और सीएमएस को
मऊ। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए शनिवार को लगने वाले टीके का पहला डोज सीएमओ डा. सतीश सिंह को जिला महिला अस्पताल में लगाया गया। इसके बाद पैथालोजिस्ट दरोगा सिंह ने दूसरा टीका लगवाया। इसी क्रम में जिला अस्पताल में सबसे पहले सीएमएस डा. बृज कुमार को पहले कोरोना संक्रमण का टीका लगाया गया। इसके बाद अन्य कर्मचारियों ने टीका लगावाना शुरू किया। बताते चले सीएमओ टीका लगवाने के बाद आराम भी नहीं किए, तुरंत निरीक्षण और व्यवस्था देखने के लिए निकल गएत्र्। इसीक्रम में सीएचसी कोपागंज पर पहला टीका डा. वेदप्रकाश को लगाया गया। जबकि घोसी में अजय कुमार को पहला वैक्सीन का पहला डोज दिया गया। इस दौरान जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. वीके यादव, डिप्टी सीएमओ डॉ. वकील अली, सर्विलांस अधिकारी डॉ. पदम जैन, यूनीसेफ डीएमसी सौरभ सिंह की टीम भी चारों केंद्रों का सतत निरीक्षण कर टीकाकरण की हर बारीकियों की मानीटरिंग करते रहे।
हर अस्पताल में तैनात रहे तीन-तीन नोडल अधिकारी
मऊ। टीकाकरण को लेकर स्वास्थ्य विभाग से लेकर प्रशासन, पुलिस प्रशासन तक काफी सक्रिय नजर आया। स्वास्थ्य विभाग ने हर अस्पताल पर अस्पताल अधीक्षक को नोडल अधिकारी बनाया था। जबकि प्रशासन द्वारा एसडीएम, तहसीलदार और पुलिस प्रशासन द्वारा एक-एक उपनिरीक्षक को नोडल अधिकारी बनाया गया था। इस दौरान इन केंद्रों पर प्रवेश निषेध रहा। जिन हेल्थवर्करों का टीकाकरण होना था, उन्हीं को प्रवेश दिया गया। इसके लिए अलावा अस्पताल में जिस जगह केंद्र बनाए गए थे, उस क्षेत्र को प्रतिबंधित क्षेत्र बना दिया गया था।
पूर्वाभ्यास का मिला लाभ
मऊ। शनिवार को शुरू हुए भटीकारण में बीत दिञनों पांच और 11 जनवरी को किया गया पूर्वाभ्यास का फायदा स्वास्थ्य कर्मचारियों को मिला। टीकाकरण कराने को आने वाले चिहिन्त हेल्थवर्करों में इसको लेकर नकारात्मक प्रभाव नहीं दिखा। इससे पहले चिहिन्त हेल्थवर्करों के मोबाइल पर 12 घंटे पहले टीका को लेकर मैसेज भेजा गया था। यहीं मैसेज संबंधित टीकाकर्मी को मिला था। वहीं टीका होने के बाद निकले स्वास्थ्यकर्मी से दूसरे स्वास्थ्यकर्मी टीका के अनुभवों की जानकारी लेते दिखे। वहीं टीकाकरण को लेकर पूरे दिन हेल्थवर्करों के अलावा प्रशासन तथा पुलिस प्रशासन के बीच भी चर्चा होती रही।
चार घंटे पहले केंद्रों पर पहुंची वैक्सीन
मऊ। स्वास्थ्य विभाग ने कोपागंज तथा घोसी सीएचसी पर शुक्रवार की शाम वैक्सीन कैरियर में भरकर भेजी गई। इसके अलावा जिला अस्पताल, महिला अस्पताल, कोपागंज में सुबह दस बजते ही कोरोना वैक्सीन फ्रीजर से निकालकर उपलब्ध कराई गई। दरअसल बाक्स से निकलने के बाद वैक्सीन को चार घंटे में लगाना अनिवार्य है।
चार मिनट में टीका, 30 मिनट तक की गई विशेष निगरानी
मऊ। हर केंद्र पर 100 हेल्थवर्करों को सुबह दस से पांच बजे टीका लगाना था। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग ने चार मिनट में टीका और 30 मिनट निगरानी का फार्मूला अपनाया। इस फामूर्ले से हेल्थवर्करो को टीका लगाया गया। टीका लगने के बाद केंद्र के पास बनाए गए निगरानी कक्ष में 30 मिनट तक हेल्थवर्करों को रोका गया। इस दौरान विपरित परिस्थिति से निपटने के लिए तीन विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम निगरानी कक्ष में हेल्थवर्करों के हर गतिविधियों पर नजर रखे रही। वहीं इसकी जानकारी सीएमओ, प्रतिरक्षण अधिकारी, सर्विलांस अधिकारी चारों नोडल अधिकारी से हल पाल लेते रहे।