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कोरोना की मारः बसों की कमी से संचालन बंद

Sun, 18 Jul 2021 11:00 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 18 Jul 2021 11:00 PM IST
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Corona hit: lack of buses stopped operations
मधुबन। जिला मुख्यालय से 35 किलोमीटर उत्तर स्थित स्थानीय तहसील क्षेत्र में आज भी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। स्थिति यह है कि स्थानीय कस्बे से जिला मुख्यालय आने जाने के लिए रोडवेज बस का संचालन नहीं हो रहा। रोडवेज बसों का संचालन नहीं होने से ग्रामीणों को मुख्यालय आने जाने में मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। क्षेत्रवासियों के मुताबिक पांच माह पहले स्थानीय कस्बे के रोडवेज डिपो से एक बस जिला मुख्यालय को जाने के बाद बलिया जाती थी । जहां से पुन: जिला मुख्यालय आकर मधुबन में हाल्ट करती थी। लेकिन कोरोना की दूसरी लहर में बस की कमी के कारण बस का संचालन बंद कर दिया गया।
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पिछले तीन साल से यह बस जिला मुख्यालय के लिए जाती थी जिससे क्षेत्रवासियों को आवागमन में सुविधा थी। लेकिन बस संचालित न होने से क्षेत्र के लोगों को डग्गामार वाहनों के भरोसे यात्रा करनी पड़ती है। बलिया तथा देवरिया जिले के सीमा से लगे मधुबन रोडवेज डिपो में आज तक मुकम्मल सुविधाओं की व्यवस्था नहीं हो सकी है।
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रोडवेज परिसर में यात्रियों के बैठने की न तो कोई सुविधा है और नहीं कोई रोडवेज का कर्मचारी नियुक्त है। यहां रात्रि में जो बसे हाल्ट करती है उनकी देखरेख भगवान भरोसे है। हालत यह है कि जिला मुख्यालय से जुड़ने के लिए आज तक एक अदद रोडवेज बस भी नहीं संचालित हो रहा। कस्बा निवासी डॉ. नासिर अली, डॉ कैलाश मौर्या, इस्लाम पाकीजा, संजय मद्धेशिया, अनिल मद्धेशिया, ईश्वरचंद, संजीव वर्मा आदि ने कहा कि जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा एवं संबंधित अधिकारियों की अफसरशाही के चलते मधुबन रोडवेज डिपो पर सुविधाओं का अभाव है। मधुबन के वहीं सत्य प्रकाश यादव ने कहा कि अधिवक्ताओं एवं वादकारियों को जिला मुख्यालय आने जाने के लिए काफी फजीहत होती है। जिला प्रशासन को मुख्यालय आने जाने वालों की समस्या समाधान के लिए उचित कदम उठाया जाना चाहिए। खीरीकोठा की अनुपमा पांडेय ने कहा कि जिला मुख्यालय तक बस की सुविधा उपलब्ध नहीं होने से तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। पुरुष वर्ग तो बाइक इत्यादि के माध्यम से यात्रा कर लेता है। जबकि महिलाओं को तमाम दुश्वारियां को झेलना पड़ता है।
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टमठा के कृष्णा पांडेय ने कहा कि जिला मुख्यालय तक पहुंचने के लिए सरकारी साधन का अभाव अखरता है। निजी साधनों की महंगी और जोखिम भरी यात्रा के लिए लोग विवश हैं। निजी वाहनों में महिला वर्ग को सर्वाधिक मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। वहीं मनपरवा शिवम सिंह ने कहा कि तहसील से जिला मुख्यालय तक जाने के लिए रोडवेज बस की व्यवस्था नहीं होने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। जिला प्रशासन को क्षेत्रवासियों की समस्या को ध्यान में रखते हुए त्वरित कदम उठाया जाना चाहिए।
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