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मलिन बस्तियों, वाहन चालकों में नहीं दिखा कोरोना का असर

Thu, 03 Dec 2020 11:44 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 03 Dec 2020 11:44 PM IST
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Corona did not show impact in slums, drivers
मऊ। कोरोना वायरस के प्रकोप के बीच जिले के लिए राहत की खबर है। शहर की मलिन बस्तियों में कोरोना संक्रमण बहुत कम मिल रहा है। यहां नगर की मलिन बस्तियों में हुए जांच में अभी तक कोई संक्रमित मरीज नहीं मिला। वहीं 800 से ज्यादा वाहन चालकों की जांच में भी कोई वाहन चालक संक्रमित नहीं मिला है। जबकि सामान्य तौर पर हुई 1,000 जांच में दो से तीन संक्रमित मरीज मिले है।
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अप्रैल माह से बीते दो दिसंबर तक हुए 81,882 संदिग्धों का सैंपल जांच के लिए भेजा गया। इसमें 79,252 की रिपोर्ट आ चुकी है। आई जांच रिपोर्ट में 78,051 की रिपोर्ट निगेटिव तथा 2,630 की रिपोर्ट प्रतीक्षारत है। वहीं एक लाख 18,500 का टेस्ट एंटीजेन से किया गया है। इसके अलावा जिला अस्पताल में ट्रूनाट से 1,000 से ज्यादा जांच की जा चुकी है। तीनों टेस्ट में 2888 मरीज मिले है। वहीं 36 मरीजों की मौत हो चुकी है। सकारात्मक बात है कि 2804 मरीज ठीक हो चुके है। इसमें सर्वाधिक 794 मरीज शहर क्षेत्र के विभिन्न मुहल्लों से मिले है।
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बीते माह में स्वास्थ्य विभाग ने 19 तथा 20 नवंबर के नगर बस्तियों में विशेष शिविर लगाया। इस दौरान पहले दिन पांच बस्तियों में 191 संदिग्धों की एंटीजेन तथा 237 व्यक्तियों का सैंपल आरटीपीसीआर से लेकर लैब में भेजा गया। इन दोनों जांच में कोई व्यक्ति संक्रमित नहीं मिले। वहीं दूसरे दिन पांच बस्तियों में 204 की जांच एंटीजेन तथा 208 लोगों की जांच आरटीपीसीआर की मदद से की गई। सकारात्मक बात रही है कि 840 जांच में एक भी व्यक्ति संक्रमित नहीं मिला।
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इसी तरह से बीते 29 अक्तूबर को शहर के अलग अलग मार्गों से 521 चालकों का एंटीजेन तथा 298 वाहन चालकों की जांच आरटीपीसीआर से की गई। इसमें भी कोई वाहन चालक संक्रमित नहीं मिला। आंकड़ों पर नजर डाले तो जिले के अलग अलग जगहों पर होनी वाली एक हजार से ज्यादा जांच में प्रतिदिन कोरोना ग्राफ कम होने के बावजूद तीन से चार नए संक्रमित मिल रहे है।

लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता अधिक
सीएमओ डॉ.सतीशचंद्र सिंह ने बताया कि अभी तक कुल नमूनों की जांच का औसत देखें तो उसके मुकाबले मलिन बस्तियों में संक्रमण की दर न के बराबर है। इसकी एक वजह लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता अधिक होने, मधुमेह-उच्च रक्तचाप की परेशानी कम होना हो सकती है। वहीं इस संबंध में जिला अस्पताल के सीनियर फिजीशियन डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि मलिन बस्तियों रहने वाले लोगों में कई तरह के बैक्टीरियल इन्फेक्शन के शिकार हो जाने से उनमें एंटीबॉडीज बन जाती हैं। इससे उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता अधिक होती है। इससे उन लोगों में कोरोना संक्रमण कम है।
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