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Mau News: घोसी नगर पंचायत में आठ साल से नहीं मिल रही परिवार रजिस्टर की नकल
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घोसी नगर पंचायत के लोगों को वर्ष 2018 से परिवार रजिस्टर की नकल नहीं मिल रही है, जिससे पेंशन, नया राशन कार्ड, आय प्रमाण पत्र, शैक्षिक नामांकन और वरासत जैसे कई कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
असम में एनआरसी लागू होने के दौरान अगस्त 2018 में तत्कालीन जिलाधिकारी द्वारा परिवार रजिस्टर की नकल जारी करने पर रोक लगा दी गई थी। इसके बाद से नगरवासियों को यह सुविधा उपलब्ध नहीं हो पा रही है।
लोगों का कहना है कि यदि परिवार रजिस्टर की नकल की डिजिटल या ऑनलाइन व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए तो भविष्य में भी लोगों को सुविधा मिल सकेगी। फिलहाल यह मामला नगर में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोगों की नजर प्रशासन पर टिकी है कि कब तक इस पर समाधान निकलता है।
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कोट-- -
परिवार रजिस्टर की नकल तत्कालीन जिलाधिकारी के आदेश पर सीज है। इस विषय में उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है। प्रयास है कि शीघ्र ही आवश्यक दिशा-निर्देश प्राप्त हों, ताकि नकल उपलब्ध कराई जा सके।
-अनिल कुमार, अधिशासी अधिकारी, घोसी
प्रतिक्रिया
वर्ष 2018 के बाद परिवार में जन्म लेने वाले बच्चों का नाम परिवार रजिस्टर में दर्ज किया गया है या नहीं, पता नहीं चल पाता है। इससे उनका नाम राशनकार्ड में नहीं जुड़ रहा है। -खुर्शीद अहमद
बड़े बुजुर्गों के निधन के बाद संपत्ति अपने नाम से वरासत कराने के लिए परिवार रजिस्टर की नकल मांगी जा रही है। लेकिन नहीं मिल रहा है। - मरगूब अंसारी
कुछ सरकारी योजनाएं और शैक्षिक संंस्थानों में ऐसे कार्य हैं जिनमें परिवार रजिस्टर की आवश्यकता पड़ती है। जरूरत पड़ने पर कार्यालय पहुंचे तो पता चला कि नकल देने पर रोक लगाई गई है। -अतुल शर्मा
आठ साल से परिवार रजिस्टर का नकल नहीं मिलना लोगों के लिए परेशानी का पहाड़ खड़ा कर दिया है। नकल नहीं मिलने से सबसे अधिक परेशानी श्रमिक वर्ग को होती है। राशनकार्ड नहीं बनने से खाद्यान्न नहीं मिल रहा है। -मुर्शीद अहमद
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असम में एनआरसी लागू होने के दौरान अगस्त 2018 में तत्कालीन जिलाधिकारी द्वारा परिवार रजिस्टर की नकल जारी करने पर रोक लगा दी गई थी। इसके बाद से नगरवासियों को यह सुविधा उपलब्ध नहीं हो पा रही है।
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लोगों का कहना है कि यदि परिवार रजिस्टर की नकल की डिजिटल या ऑनलाइन व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए तो भविष्य में भी लोगों को सुविधा मिल सकेगी। फिलहाल यह मामला नगर में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोगों की नजर प्रशासन पर टिकी है कि कब तक इस पर समाधान निकलता है।
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कोट
परिवार रजिस्टर की नकल तत्कालीन जिलाधिकारी के आदेश पर सीज है। इस विषय में उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है। प्रयास है कि शीघ्र ही आवश्यक दिशा-निर्देश प्राप्त हों, ताकि नकल उपलब्ध कराई जा सके।
-अनिल कुमार, अधिशासी अधिकारी, घोसी
प्रतिक्रिया
वर्ष 2018 के बाद परिवार में जन्म लेने वाले बच्चों का नाम परिवार रजिस्टर में दर्ज किया गया है या नहीं, पता नहीं चल पाता है। इससे उनका नाम राशनकार्ड में नहीं जुड़ रहा है। -खुर्शीद अहमद
बड़े बुजुर्गों के निधन के बाद संपत्ति अपने नाम से वरासत कराने के लिए परिवार रजिस्टर की नकल मांगी जा रही है। लेकिन नहीं मिल रहा है। - मरगूब अंसारी
कुछ सरकारी योजनाएं और शैक्षिक संंस्थानों में ऐसे कार्य हैं जिनमें परिवार रजिस्टर की आवश्यकता पड़ती है। जरूरत पड़ने पर कार्यालय पहुंचे तो पता चला कि नकल देने पर रोक लगाई गई है। -अतुल शर्मा
आठ साल से परिवार रजिस्टर का नकल नहीं मिलना लोगों के लिए परेशानी का पहाड़ खड़ा कर दिया है। नकल नहीं मिलने से सबसे अधिक परेशानी श्रमिक वर्ग को होती है। राशनकार्ड नहीं बनने से खाद्यान्न नहीं मिल रहा है। -मुर्शीद अहमद