{"_id":"653aa5d825cbe1ae3102b357","slug":"cooks-demonstrated-with-seven-point-demands-mau-news-c-295-1-svns1028-4217-2023-10-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mau News: सात सूत्रीय मांगों को लेकर रसोइयों ने किया प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mau News: सात सूत्रीय मांगों को लेकर रसोइयों ने किया प्रदर्शन
विज्ञापन
मऊ। अखिल भारतीय मध्याह्न भोजन रसोइयों महासंघ ने बृहस्पतिवार को सात सूत्रीय मांगों को लेकर जिला मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया। रसोइयों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा।
धरने की अध्यक्षता प्रांतीय संरक्षक सुरेन्द्र नाथ गौतम ने करते हुए कहा कि सरकार रसोइयों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। उच्च न्यायालय प्रयागराज के द्वारा रसोइयों को न्यूनतम वेतन देने एवं रसोइयों के लिए नितियों पर पुनः विचार करते हुए उनकी दशा सुधारने के लिए निर्देश दिया गया है। लेकिन सरकार रसोइयों की दशा सुधारने के नाम पर मात्र 500 रुपया बढ़ाकर अपना पीछा छुड़ा रही है।
प्रदेश महामंत्री संगीता यादव ने कहा कि रसोइयां नियुक्ति शासनादेश में पाल्य व बच्चा व छात्र संख्या अनिवार्यता होने के वजह से हर वर्ष पूर्व से कार्यरत रसोइयों को विद्यालय से निकाला जाता है एवं निकाले जाने की धमकी देकर मिड-डे मिल बनाने के अलावा भी और कार्य लिया जा रहा है। रसोइयों का पांच माह का मानदेय बकाया है। रसोइयां एवं उनके बच्चे भुखमरी के कगार पर हैं। लेकिन सरकार को कुछ दिखाई नहीं दे रहा है।
विज्ञापन
चेताया कि धरने में सर्वसम्मत से फैसला लिया गया कि सरकार हमारी सात सूत्रीय मांगों को तत्काल पूरा नही करती है तो 6 नवम्बर को लखनऊ में विधानसभा का घेराव करने को मजबूर होंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी। धरने में मुख्य रूप से सुमन गोंड, शीला मौर्या, शिवप्रसाद यादव, पूनम देवी, इन्दू देवी, अवनीश सिंह, सुनीता राजभर, निशा देवी, पूनम, माया, उर्मिला आदि उपस्थित रहीं।
विज्ञापन
धरने की अध्यक्षता प्रांतीय संरक्षक सुरेन्द्र नाथ गौतम ने करते हुए कहा कि सरकार रसोइयों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। उच्च न्यायालय प्रयागराज के द्वारा रसोइयों को न्यूनतम वेतन देने एवं रसोइयों के लिए नितियों पर पुनः विचार करते हुए उनकी दशा सुधारने के लिए निर्देश दिया गया है। लेकिन सरकार रसोइयों की दशा सुधारने के नाम पर मात्र 500 रुपया बढ़ाकर अपना पीछा छुड़ा रही है।
विज्ञापन
प्रदेश महामंत्री संगीता यादव ने कहा कि रसोइयां नियुक्ति शासनादेश में पाल्य व बच्चा व छात्र संख्या अनिवार्यता होने के वजह से हर वर्ष पूर्व से कार्यरत रसोइयों को विद्यालय से निकाला जाता है एवं निकाले जाने की धमकी देकर मिड-डे मिल बनाने के अलावा भी और कार्य लिया जा रहा है। रसोइयों का पांच माह का मानदेय बकाया है। रसोइयां एवं उनके बच्चे भुखमरी के कगार पर हैं। लेकिन सरकार को कुछ दिखाई नहीं दे रहा है।
विज्ञापन
चेताया कि धरने में सर्वसम्मत से फैसला लिया गया कि सरकार हमारी सात सूत्रीय मांगों को तत्काल पूरा नही करती है तो 6 नवम्बर को लखनऊ में विधानसभा का घेराव करने को मजबूर होंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी। धरने में मुख्य रूप से सुमन गोंड, शीला मौर्या, शिवप्रसाद यादव, पूनम देवी, इन्दू देवी, अवनीश सिंह, सुनीता राजभर, निशा देवी, पूनम, माया, उर्मिला आदि उपस्थित रहीं।