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Mau News: चकबंदी न्यायालय का फैसला, 80 बीघा जमीन मठ को दी जाए

Sun, 04 Aug 2024 11:49 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 04 Aug 2024 11:49 PM IST
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Consolidation court's decision, 80 bigha land should be given to the monastery
सरायलखंसी थाना के ताजपुर स्थित शिव जी विराजमान मंदिर मठ की जमीन को लेकर चकबंदी न्यायालय के चकबंदी अधिकारी सदर प्रथम आरके सिंह ने भूमाफिया से कब्जा मुक्त करक मठ को वापस करने का फैसला सुनाया है। मठ के नाम से 120 बीघा जमीन थी। इसमें से 80 बीघा जमीन पर 106 भू माफिया ने कब्जा किया है। 2022 में तत्कालीन जिलाधिकारी ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी के निर्देश पर 106 लोगों के खिलाफ एंटी भू माफिया का मुकदमा दर्ज किया गया था।
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शिव जी विराजमान मंदिर मठ के मामले को लेकर महंत स्वामी कृष्णानंद पूरी ने सिविल जज आजमगढ़ में वाद दाखिल किया था। इसमें साल 1970 में कोर्ट ने बैनामा रजिस्ट्री को निरस्त कर दिया था। उसके बाद कुछ लोेगों ने कागजों में हेरा फेरी कर जमीन को अपने नाम करा लिया था। जमीन के कुछ भाग को भू माफिया ने कब्जा कर प्लॉटिंग भी कराई थी। जिसको लेकर महंत कृष्णानंद पूरी ने तत्कालीन डीएम ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी को शिकायती पत्र देकर जांच की मांग की थी। मामले को लेकर डीएम ने जांच कराने के बाद 106 लोगों के खिलाफ एंटी भू माफिया के तहत कार्रवाई की थी। वही मामला 2005 में चकबंदी कोर्ट में गया। इसी बीच वाराणसी से गोरखपुर तक जाने वाले फोरलेन में मठ की जमीन आने के बाद पौने सात करोड़ रुपये आए थे, जिसे महंत ने सरकार के कोष में जमा कराए थे। उसी मामले को लेकर 26 जुलाई को चकबंदी कार्यालय द्वारा भू माफिया का नाम खारिज कर मठ का नाम दर्ज करने का निर्देश दिया है।
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