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मतभेद भुला 5 दंपती साथ रहने को राजी
mau
Updated Sun, 16 Sep 2018 10:42 PM IST
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नगर के बकवल स्थित महिला थाने पर परिवार परामर्श केंद्र की बैठक में लोगों के विवाद को सुलझाते समिति के सदस्य। अमर उजाला
- फोटो : mau
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परिवार परामर्श केंद्र की बैठक रविवार को पुलिस लाइन स्थित महिला थाना में पुलिस अधीक्षक ललित कुमार सिंह के निर्देशन में हुई। इसमें कुल 23 पारिवारिक मामले आए, परामर्श केंद्र के सदस्यों के प्रयास से सात मामलों का निस्तारण हुआ। जिसमें पांच दंपती आपसी मतभेद भुलाकर साथ-साथ रहने को राजी हुए। शेष मामलों में बैठक की अगली तिथि 23 सितंबर 2018 नियत कर पक्षकारों को नोटिस भेजे जाने का निर्देश दिया गया।
परामर्श केंद्र के सदस्यों के प्रयास से ममता साहनी और रमेश साहनी, रेनू चौधरी और ओमप्रकाश, नंदिनी और सावंत, विभा और संजीव तथा नाजरीन खातून और इमाम हालिम आपसी मतभेद भुलाकर साथ-साथ रहने को तैयार हो गए। जिससे दस परिवारों के बीच टूट की कगार पर पहुंच चुका रिश्ता एक बार फिर मजबूत हो गया। ऐसे में उनके घरों में खुशियां फिर लौट आईं। वही शांति और बाला लखंदर तथा संगीता और अशोक के मामले में पक्षकारों के लगातार अनुपस्थित रहने के चलते पत्रावली निस्तारित कर दी गई।
इस दौरान चार मामले रुकमणि और कमलेश, चमेली और अनिल, आरती और संजय तथा अफरोज और अब्दुल मन्नान में पक्षकारों ने समय की मांग किया। जबकि प्रेमचंद और राजेश, उर्मिला और राजन, देवचंद राजभर, जनार्दन राजभर, जरीना खातून और इम्तेयाज, नागेश गुप्ता और सपना तथा चंपा देवी और देवेंद्र में एक-एक पक्षकार उपस्थित हुए तथा छह मामलों में कोई पक्षकार उपस्थित नहीं हुए जिसमें चलते बैठक की अगली तिथि 23 सितंबर नियत कर पक्षकारों को नोटिस भेजे जाने का निर्देश दिया गया।
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बैठक में परामर्श केंद्र के सदस्यगण सर्वेश दूबे, विनोद कुमार सिंह, इब्राहिम सेवक, रत्नेश पांडेय, मौलवी अरशद, दीवान चंदा सिंह, महिला आरक्षी पुष्पा गुप्ता ने अपना योगदान दिया। इस मौके पर काफी संख्या में पक्षकार और उनके परिजन उपस्थित
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परामर्श केंद्र के सदस्यों के प्रयास से ममता साहनी और रमेश साहनी, रेनू चौधरी और ओमप्रकाश, नंदिनी और सावंत, विभा और संजीव तथा नाजरीन खातून और इमाम हालिम आपसी मतभेद भुलाकर साथ-साथ रहने को तैयार हो गए। जिससे दस परिवारों के बीच टूट की कगार पर पहुंच चुका रिश्ता एक बार फिर मजबूत हो गया। ऐसे में उनके घरों में खुशियां फिर लौट आईं। वही शांति और बाला लखंदर तथा संगीता और अशोक के मामले में पक्षकारों के लगातार अनुपस्थित रहने के चलते पत्रावली निस्तारित कर दी गई।
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इस दौरान चार मामले रुकमणि और कमलेश, चमेली और अनिल, आरती और संजय तथा अफरोज और अब्दुल मन्नान में पक्षकारों ने समय की मांग किया। जबकि प्रेमचंद और राजेश, उर्मिला और राजन, देवचंद राजभर, जनार्दन राजभर, जरीना खातून और इम्तेयाज, नागेश गुप्ता और सपना तथा चंपा देवी और देवेंद्र में एक-एक पक्षकार उपस्थित हुए तथा छह मामलों में कोई पक्षकार उपस्थित नहीं हुए जिसमें चलते बैठक की अगली तिथि 23 सितंबर नियत कर पक्षकारों को नोटिस भेजे जाने का निर्देश दिया गया।
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बैठक में परामर्श केंद्र के सदस्यगण सर्वेश दूबे, विनोद कुमार सिंह, इब्राहिम सेवक, रत्नेश पांडेय, मौलवी अरशद, दीवान चंदा सिंह, महिला आरक्षी पुष्पा गुप्ता ने अपना योगदान दिया। इस मौके पर काफी संख्या में पक्षकार और उनके परिजन उपस्थित