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कटघर संजर में मनरेगा के कामों मे 50 लाख के गबन की शिकायत
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मऊ। रानीपुर ब्लाक के कटघर संजर गांव में वर्ष 2019-20 में गांव में मनरेगा के तहत बिना काम कराए ही विकास कार्योंके नाम लगभग 50 लाख रुपये निकाल लिए गए। इस मामले में गांव के दो शिकायत कर्ताओं ने डीएम को शपथ पत्र युक्त शिकायती पत्र लिखकर जांच कराने की मांग किया। डीएम ने नोडल प्रभारी एक कोऑपरेटिव की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच समिति गठित करके जांच रिपोर्ट एक माह के अंदर प्रस्तुत करने का निर्दश दिया। उधर शिकायत और जांच समिति के गठन की भनक लगते ही गांव में आनन फानन कार्य शुरु करा दिया गया है।
गांव के शिकायत कर्ता डा. ओम प्रकाश यादव और राजकुमार यादव ने डीएम को लिखे गए प्रार्थनापत्र में आरोप लगाया है कि गांव में सामुदायिक केंद्र निर्माण के नाम पर 1,80,000 रुपये सात जनवरी 2020 को ले लिए गए। गांव में सामुदायिक केंद्र बना ही नहीं है। गांव के यशवंत के गाटा नंबर 66 में पोखरी खोदवाने के नाम पर 1,34,538 रुपये 22 जनवरी 2020 को निकाल लिए गए। दावा किया गया है कि कोई पोखरा नहीं खोदा गया है। चंद्रिका के घर से लोचन के घर तक सोलिंग कार्य पर दो लाख 44 हजार एक रुपये निकाल लिए गए। गांव के गाटा संख्या 297 पोखरा की खुदाई 30 जून से 13 जुलाई 2019 तक दिखाकर तीन लाख तीन हजार दो सौ बारह रुपये का भुगतान 16 जुलाई 2019 को ले लिया गया। उस समय भारी बरसात से पोखरा भरा हुआ था। गांव निवासी सीताराम के खेत में गाटा संख्या 200 में पोखरा खुदाई के नाम पर 1,34,680 रुपये का भुगतान 11 जनवरी 1019 को ले लिया गया। राजापुर नहर पुल से राम जतन के खेत तक सोलिंग के नाम पर 92 हजार 686 रुपये 20 फरवरी 2020 को ले लिया गया। दोनों शिकायकर्ताओं ने लगभग 50 लाख रुपये बिना कार्य कराए ही भुगतान ले लिए जाने के आरोप लगाए गए हैं। डीएम ने 29 फरवरी 2020 को नोडल अफसर एआर कोआपरेटिव विवेक कौशल की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच टीम का गठन कर दिया। उधर शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि जांच टीम के गठन की भनक लगते ही कई जगहों पर कार्य शुरू करा दिए गए हैं। इस बाबत आंच अधिकारी विवेक कौशल का कहना है कि डीएम का पत्र बुधवार को ही मिला है। बीडीओ एडीओ, टीए को सूचना दी गई है। जल्द ही जांच शुरु कर दी जाएगी।
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गांव के शिकायत कर्ता डा. ओम प्रकाश यादव और राजकुमार यादव ने डीएम को लिखे गए प्रार्थनापत्र में आरोप लगाया है कि गांव में सामुदायिक केंद्र निर्माण के नाम पर 1,80,000 रुपये सात जनवरी 2020 को ले लिए गए। गांव में सामुदायिक केंद्र बना ही नहीं है। गांव के यशवंत के गाटा नंबर 66 में पोखरी खोदवाने के नाम पर 1,34,538 रुपये 22 जनवरी 2020 को निकाल लिए गए। दावा किया गया है कि कोई पोखरा नहीं खोदा गया है। चंद्रिका के घर से लोचन के घर तक सोलिंग कार्य पर दो लाख 44 हजार एक रुपये निकाल लिए गए। गांव के गाटा संख्या 297 पोखरा की खुदाई 30 जून से 13 जुलाई 2019 तक दिखाकर तीन लाख तीन हजार दो सौ बारह रुपये का भुगतान 16 जुलाई 2019 को ले लिया गया। उस समय भारी बरसात से पोखरा भरा हुआ था। गांव निवासी सीताराम के खेत में गाटा संख्या 200 में पोखरा खुदाई के नाम पर 1,34,680 रुपये का भुगतान 11 जनवरी 1019 को ले लिया गया। राजापुर नहर पुल से राम जतन के खेत तक सोलिंग के नाम पर 92 हजार 686 रुपये 20 फरवरी 2020 को ले लिया गया। दोनों शिकायकर्ताओं ने लगभग 50 लाख रुपये बिना कार्य कराए ही भुगतान ले लिए जाने के आरोप लगाए गए हैं। डीएम ने 29 फरवरी 2020 को नोडल अफसर एआर कोआपरेटिव विवेक कौशल की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच टीम का गठन कर दिया। उधर शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि जांच टीम के गठन की भनक लगते ही कई जगहों पर कार्य शुरू करा दिए गए हैं। इस बाबत आंच अधिकारी विवेक कौशल का कहना है कि डीएम का पत्र बुधवार को ही मिला है। बीडीओ एडीओ, टीए को सूचना दी गई है। जल्द ही जांच शुरु कर दी जाएगी।
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