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चुनाव ड्यूटी में दिवंगत हुए शिक्षकों और कर्मचारियों को मिले एक करोड़ का मुआवजा
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मऊ। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ की ओर से रविवार को वर्चुअल श्रद्धांजलि समारोह का आयोजन किया गया। इसमें कोरोना संक्रमण काल में दिवंगत हुए शिक्षकों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। साथ ही दिवंगत आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखकर परम पिता परमेश्वर से प्रार्थना की गई। साथ ही चुनावी ड्यूटी में कोरोना से संक्रमित होकर मरने वाले कर्मचारियों को एक करोड़ मुआवजा देने की मांग की।
कोरोना संक्रमण काल में दिवंगत जनपद के स्व.रमाकांत यादव प्रधानाचार्य, बांकेलाल शिक्षक, डॉ. अमित कुमार सिंह शिक्षक, रमेश शिक्षक, कवकवास दुबे लिपिक, रामू यादव लिपिक, संजय कुमार परिचारक, नसरुद्दीन अहमद एवं मुजफ्फर अली की धर्मपत्नी साथ ही साथ प्रबंधक हरिमोहन मल्ल, अशोक कुमार यादव, आशुतोष कुमार सिंह आदि को दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धासुमन अर्पित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार और निर्वाचन आयोग की हठधर्मिता के चलते पंचायत चुनाव संपन्न हुए। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के अधिकांश साथी कोविड-19 से संक्रमित हो कर असमय काल के गाल में समा गए। उनका असमय ही निधन हो गया। चुनाव ड्यूटी के उपरांत जिन भी शिक्षक साथियों का निधन हुआ है। उनके परिवार वालों को एक करोड़ रुपया का अनुग्रह राशि तथा परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दिया जाए। सभी मित्र शिक्षकों के परिवार को एक अप्रैल 2005 से पूर्व लागू पुरानी पेंशन व्यवस्था के अंतर्गत पारिवारिक पेंशन और सभी कर्मचारियों को कोरोना योद्धा घोषित किया जाए। माध्यमिक शिक्षकों से शिक्षा के अधिकार नियम के विपरीत गैर शैक्षणिक कार्य न कराए जाए। कोविड-19 में लगे शिक्षकों को कार्यमुक्त किया जाए। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा लगातार तीसरी बार एस्मा लगा कर के शिक्षक संगठनों के लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन किया जा रहा है जोकि स्वीकार करने योग्य नहीं है। श्रद्धांजलि सभा में देव भास्कर तिवारी, ऋषिकेश पांडेय, दीन दयाल राय, सत्य प्रकाश राय, शशि कांत पांडेय, प्रमोद सिंह, राजेश यादव, भूपेंद्र वीर सिंह, शरद पांडेय, सूर्य प्रताप राय, डॉ.राम नारायण मिश्रा, अखिलेश सिंह, ज्ञान शंकर द्विवेदी, विनोद सिंह, अखिलेश सिंह, चंद्रभान यादव उपस्थित रहे।
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कोरोना संक्रमण काल में दिवंगत जनपद के स्व.रमाकांत यादव प्रधानाचार्य, बांकेलाल शिक्षक, डॉ. अमित कुमार सिंह शिक्षक, रमेश शिक्षक, कवकवास दुबे लिपिक, रामू यादव लिपिक, संजय कुमार परिचारक, नसरुद्दीन अहमद एवं मुजफ्फर अली की धर्मपत्नी साथ ही साथ प्रबंधक हरिमोहन मल्ल, अशोक कुमार यादव, आशुतोष कुमार सिंह आदि को दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धासुमन अर्पित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार और निर्वाचन आयोग की हठधर्मिता के चलते पंचायत चुनाव संपन्न हुए। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के अधिकांश साथी कोविड-19 से संक्रमित हो कर असमय काल के गाल में समा गए। उनका असमय ही निधन हो गया। चुनाव ड्यूटी के उपरांत जिन भी शिक्षक साथियों का निधन हुआ है। उनके परिवार वालों को एक करोड़ रुपया का अनुग्रह राशि तथा परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दिया जाए। सभी मित्र शिक्षकों के परिवार को एक अप्रैल 2005 से पूर्व लागू पुरानी पेंशन व्यवस्था के अंतर्गत पारिवारिक पेंशन और सभी कर्मचारियों को कोरोना योद्धा घोषित किया जाए। माध्यमिक शिक्षकों से शिक्षा के अधिकार नियम के विपरीत गैर शैक्षणिक कार्य न कराए जाए। कोविड-19 में लगे शिक्षकों को कार्यमुक्त किया जाए। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा लगातार तीसरी बार एस्मा लगा कर के शिक्षक संगठनों के लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन किया जा रहा है जोकि स्वीकार करने योग्य नहीं है। श्रद्धांजलि सभा में देव भास्कर तिवारी, ऋषिकेश पांडेय, दीन दयाल राय, सत्य प्रकाश राय, शशि कांत पांडेय, प्रमोद सिंह, राजेश यादव, भूपेंद्र वीर सिंह, शरद पांडेय, सूर्य प्रताप राय, डॉ.राम नारायण मिश्रा, अखिलेश सिंह, ज्ञान शंकर द्विवेदी, विनोद सिंह, अखिलेश सिंह, चंद्रभान यादव उपस्थित रहे।
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