मऊ। नगर के चारों प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के साथ मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेला के साथ रविवार को जिले के 43 सरकारी अस्पतालों पर किया गया। स्वास्थ्य मेला का शुभारंभ दोहरीघाट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर जिलाधिकारी ज्ञानप्रकाश त्रिपाठी ने किया। मेले में सात हजार 382से अधिक लोगों को उपचार कर उन्हें दवाईंया वितरित की गई। घोसी तहसील के दोहरीघाट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेला का शुभारंभ जिलाधिकारी ज्ञानप्रकाश त्रिपाठी ने फीता काटकर किया।डीएम ने कहा कि हर लोगों को बेहतर चिकित्सीय सुविधा मुहैैया कराने के लिए रविवार के अवकाश पर आरोग्य मेला का आयोजन किया जा रहा है। इस अवसर पर सीएमओ डॉ.सतीशचंद्र सिंह के नेतृत्व में चिकित्सकों ने 350 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें दवाईंया मुहैया कराया गया। इसीक्रम में नगर के छोटी महरनिया, हनुमान नगर, डोमनपुुुरा, भरहु का पुरा नगर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर 900 से ज्यादा मरीजों की जांच डॉ. एम खान,डॉ. अरूण कुमार, दुर्गाप्रताप सिंह, एएनएम सोनू सोनी राय, अंकिता दुबे, बाला साहब, राजीव कुमार ने किया।इस मौके पर नोडल अधिकारी डॉ. पीके राय, डॉ. आरके झा, डॉ. वीके वर्मा, धर्मेश राय, बेदी यादव, डॉ. डीके सिंह, रमेशचंद्र यादव, आदि सीएचसी-पीएचसी केंद्र के प्रभारी तथा अन्य चिकित्सक और कर्मचारी मौजूद रहे। मधुबन संवाददाता के अनुसार मधुबन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर आयोजित मेला में 350 मरीजों का चिकित्सकीय परीक्षण किया गया। इसी तरह से दोहरीघाट, चिरैयाकोट, काझा खुर्द, कोपागंज सीएचसी, कुसम्हा, गोठा पीएचसी पर स्वास्थ्य मेला का आयोजन किया गया। जिसमें करीब तीन हजार से ज्यादा मरीजों का उपचार कर उन्हें दवाईंया वितरित की गई। मेला में बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग द्वारा भी सहयोग दिया गया। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग की मदद से विभाग ने 34 अतिकुपोषित बच्चों को चिह्नित किया। जिसमें परदहा ब्लाक से 6, शहर से 8, बड़राव से 6, रतनपुरा से 5, कोपागंज से 3 सहित नौ ब्लाकों से कुल 34 बच्चे अतिकुपोषित पाए गए। जिनके अभिभावकों को पोषण पुर्नवास केंद्र में बच्चों को भर्ती कराने के लिए जागरूक किया गया। इस मौके पर डीपीओ दुर्गेश सिंह, सीडीपीओ राधेश्याम पाल, दिनेश राजपुत, चिंता देवी सहित अन्य सीडीपीओ मौजूद रहे।