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दिनभर छाए बादल, चलीं तेज हवाएं
Tue, 16 Apr 2019 11:34 PM IST
पवन सिंह
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Published by: पवन सिंह
Updated Tue, 16 Apr 2019 11:34 PM IST
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मौसम में आए बदलाव से एक बार फिर किसानों को फसल नुकसान की चिंता सताने लगी है। सुबह से ही आकाश में बादल छाए रहे। शाम को धूल भरी तेज हवाएं चलीं। इससे किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार आंधी बारिश की स्थिति में नुकसान के साथ ही फसल के दाने की गुुणवत्ता पर असर पड़ सकता है।
जिले में 97 हजार हेक्टेयर में गेहूं की खेती की गई है। फसल पककर तैयार है। अभी मात्र10 प्रतिशत गेहूं की कटाई मंड़ाई हो पाई है। ऐसे में बारिश होने से खेतों में काटकर रखी गई गेहूं की फसल के भीगने से किसानों को भारी नुकसान हो सकता है। कृषि विशेषज्ञों की मानें तो बारिश होने की स्थिति में तिलहन की फसल में माहो का प्रकोप बढ़ेगा। साथ ही गेहूं की फसल भीगने से दाने की चमक गायब होगी। आम की फसल को नुकसान पहुंचेगा।
परदहां ब्लाक क्षेत्र के ओन्हाइच गांव के किसान नंदलाल मौर्य का कहना था कि ओला तथा बारिश होने की स्थिति में मड़ाई के लिए रखा गया गेहूं का बोझ भीग जाने से नुकसान होगा। पशुओं के लिए चारा की समस्या खड़ी हो जाएगी। खरगजेपुर के किसान चंद्रिका सिंह ने बताया कि अभी एक बीघा गेहूं की कटाई की गई। बारिश या आंधी आने पर पूरी फसल बर्बाद हो जाएगी। वहीं, मजखनी के ओमप्रकाश सिंह का कहना था कि खेत में मड़ाई के लिए बोझ रखा गया है।
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बारिश होने की स्थिति में गेेहूं की क्वालिटी खराब होगी। खरगजेपुर के संजय सिंह का कहना था कि खेत मेेें फसल खड़ी है। कंबाइन मशीन के लिए दौड़ रहा हूं लेकिन मशीन मिल नहीं रही है। बारिश होने की स्थिति में गेहूं की बाल टूटकर गिर सकती है। जिला कृषि अधिकारी उमेेश कुमार का कहना है कि बारिश होने की स्थिति में नुकसान होने के साथ ही दाने की गुणवत्ता खराब हो सकती है। गेहूं के भीग जाने पर दाने की चमक गायब हो जाएगी।
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जिले में 97 हजार हेक्टेयर में गेहूं की खेती की गई है। फसल पककर तैयार है। अभी मात्र10 प्रतिशत गेहूं की कटाई मंड़ाई हो पाई है। ऐसे में बारिश होने से खेतों में काटकर रखी गई गेहूं की फसल के भीगने से किसानों को भारी नुकसान हो सकता है। कृषि विशेषज्ञों की मानें तो बारिश होने की स्थिति में तिलहन की फसल में माहो का प्रकोप बढ़ेगा। साथ ही गेहूं की फसल भीगने से दाने की चमक गायब होगी। आम की फसल को नुकसान पहुंचेगा।
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परदहां ब्लाक क्षेत्र के ओन्हाइच गांव के किसान नंदलाल मौर्य का कहना था कि ओला तथा बारिश होने की स्थिति में मड़ाई के लिए रखा गया गेहूं का बोझ भीग जाने से नुकसान होगा। पशुओं के लिए चारा की समस्या खड़ी हो जाएगी। खरगजेपुर के किसान चंद्रिका सिंह ने बताया कि अभी एक बीघा गेहूं की कटाई की गई। बारिश या आंधी आने पर पूरी फसल बर्बाद हो जाएगी। वहीं, मजखनी के ओमप्रकाश सिंह का कहना था कि खेत में मड़ाई के लिए बोझ रखा गया है।
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बारिश होने की स्थिति में गेेहूं की क्वालिटी खराब होगी। खरगजेपुर के संजय सिंह का कहना था कि खेत मेेें फसल खड़ी है। कंबाइन मशीन के लिए दौड़ रहा हूं लेकिन मशीन मिल नहीं रही है। बारिश होने की स्थिति में गेहूं की बाल टूटकर गिर सकती है। जिला कृषि अधिकारी उमेेश कुमार का कहना है कि बारिश होने की स्थिति में नुकसान होने के साथ ही दाने की गुणवत्ता खराब हो सकती है। गेहूं के भीग जाने पर दाने की चमक गायब हो जाएगी।