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Mau News: कला और साहित्य के संवर्द्धन का लिया संकल्प
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नगर के हिंदी भवन में संस्कार भारती मऊ इकाई की वार्षिक योजना बैठक का दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ
मऊ। कला एवं साहित्य की अखिल भारतीय संस्था संस्कार भारती, मऊ इकाई की ‘वार्षिक योजना बैठक’ रविवार को हिंदी भवन सभागार में सकुशल संपन्न हुई। इस दौरान कला व साहित्य के संवर्द्धन का संकल्प लिया गया। अध्यक्षता करते हुए इकाई अध्यक्ष शिवेन्द्र त्रिपाठी ने अतिथियों का अंगवस्त्रम व माल्यार्पण से स्वागत किया। महामंत्री प्रेम नारायण कुशवाहा ने विगत वर्ष का कार्यवृत्त तथा आगामी कार्ययोजना प्रस्तुत की, वहीं कोषाध्यक्ष आशीष गुजराती ने आय-व्यय का ब्योरा सदन के समक्ष रखा।
मुख्य अतिथि तुलसीराम ने कहा कि कार्यकर्ता संगठन के आधार होते हैं। साथ ही संस्थापक बाबा योगेंद्र के अनुशासन व कार्यों की प्रशंसा की। विशिष्ट अतिथि मृत्युंजय तिवारी ने कला व साहित्य विहीन जीवन को आधारहीन बताते हुए भाषा में आ रही गिरावट के प्रति भावी पीढ़ी को सचेत किया।
मंचीय कला प्रमुख राजीव ने जून माह में घोसी में आयोजित ग्रीष्मकालीन संगीत गायन कार्यशाला की सफलता की जानकारी दी और आगामी वर्ष में जनपद के अन्य कस्बों में भी ऐसी कार्यशालाएं आयोजित करने पर बल दिया। काशी प्रांत के महामंत्री सुजीत जी ने संगठन में हुए बदलावों तथा पांचों विधाओं में आगामी आयोजनों के लक्ष्य निर्धारित किए। बैठक को काशी प्रांत के प्रांतीय कोषाध्यक्ष नंदकिशोर थरड तथा मऊ के पूर्व अध्यक्ष डॉ. रामनिवास राय ने भी संबोधित किया। संचालन काशी प्रांत के पूर्व लोक कला प्रमुख प्रमोद राय ने किया।
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इस अवसर पर सह महामंत्री अनुराग रत्न बरनवाल, पूर्व अध्यक्ष अरविंद बर्नवाल, गणेश थरड, सुशील अग्रवाल, उमाशंकर गुप्त, मनोज बरनवाल, रामबली यादव, नरेंद्र कुमार शर्मा, संजय गुप्त, पवन कुमार गुप्ता, शेर सिंह भास्कर, राजीव चौबे, वेद प्रकाश, अजय उपस्थित रहे।
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मुख्य अतिथि तुलसीराम ने कहा कि कार्यकर्ता संगठन के आधार होते हैं। साथ ही संस्थापक बाबा योगेंद्र के अनुशासन व कार्यों की प्रशंसा की। विशिष्ट अतिथि मृत्युंजय तिवारी ने कला व साहित्य विहीन जीवन को आधारहीन बताते हुए भाषा में आ रही गिरावट के प्रति भावी पीढ़ी को सचेत किया।
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मंचीय कला प्रमुख राजीव ने जून माह में घोसी में आयोजित ग्रीष्मकालीन संगीत गायन कार्यशाला की सफलता की जानकारी दी और आगामी वर्ष में जनपद के अन्य कस्बों में भी ऐसी कार्यशालाएं आयोजित करने पर बल दिया। काशी प्रांत के महामंत्री सुजीत जी ने संगठन में हुए बदलावों तथा पांचों विधाओं में आगामी आयोजनों के लक्ष्य निर्धारित किए। बैठक को काशी प्रांत के प्रांतीय कोषाध्यक्ष नंदकिशोर थरड तथा मऊ के पूर्व अध्यक्ष डॉ. रामनिवास राय ने भी संबोधित किया। संचालन काशी प्रांत के पूर्व लोक कला प्रमुख प्रमोद राय ने किया।
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इस अवसर पर सह महामंत्री अनुराग रत्न बरनवाल, पूर्व अध्यक्ष अरविंद बर्नवाल, गणेश थरड, सुशील अग्रवाल, उमाशंकर गुप्त, मनोज बरनवाल, रामबली यादव, नरेंद्र कुमार शर्मा, संजय गुप्त, पवन कुमार गुप्ता, शेर सिंह भास्कर, राजीव चौबे, वेद प्रकाश, अजय उपस्थित रहे।