मऊ: बिना नंबर के धान की खरीद को लेकर सचिव और मजिस्ट्रेट में झड़प, क्रय केंद्र प्रभारी का आरोप, दुर्व्यवहार हुआ मुझसे
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मऊ जिले के सलाहाबाद में पीसीएफ के क्रय केंद्र पर धान खरीद नंबर को लेकर बुधवार को अतिरिक्त मजिस्ट्रेट आशुतोष राय और क्रय केंद्र प्रभारी प्रभुनाथ सिंह में झड़प हो गई। प्रभारी का आरोप है कि अतिरिक्त मजिस्ट्रेट ने उनसे दुर्व्यवहार किया और पुलिस को फोन कर सरायलखंसी थाने भेजवा दिया। फिर वहां से घंटों बाद छोड़ा गया। वहीं अतिरिक्त मजिस्ट्रेट का कहना है कि किसानों की शिकायत पर वह जांच करने गए थे। आरोप लगाया कि उन्होंने नहीं, बल्कि सचिव ने ही उनके साथ दुर्व्यवहार किया है।
केंद्र प्रभारी सचिव प्रभुनाथ सिंह ने विभागीय अधिकारी को पत्र लिखकर केंद्र प्रभारी को जिम्मेदारी से मुक्त करने की गुहार लगाई है। एआर को लिखे पत्र के अनुसार, रविवार की शाम एक किसान ने कहा कि एसडीएम का आदेश है कि उसका धान बिना नंबर के खरीदा जाए। इस पर सचिव ने कहा कि 35 गांवों के 269 किसान टोकन ले चुके हैं। आपका टोकन नंबर 135 है।
इस समय टोकन 99 और 100 वाले किसानों के धान की तौल हो रही है। आपके धान की भी तौल की जाएगी, लेकिन किसान जिद पर अड़ गया। इस पर सचिव ने तत्काल धान की तौल कराने में असमर्थता जताई। तब किसान सचिव को धमकी देकर चला गया। इसके आधे घंटे बाद मजिस्ट्रेट आशुतोष राय आए और उन्होंने गोदाम खुलवाकर जांच की। गोदाम भरा हुआ था।
आरोप है कि इसके बाद मजिस्ट्रेट ने किसानों के सामने ही सचिव को गालियां देते हुए जेल भेजने की धमकी दी। मजिस्ट्रेट ने वहीं से सचिव प्रभुनाथ सिंह को सरायलखंसी थाने भेजवा दिया। बाद में थाने पहुंचकर मजिस्ट्रेट ने सचिव को थानाध्यक्ष के कक्ष में बुलाकर सिपाहियों से डंडा मांग कर पीटने के साथ जेल भेजवाने की धमकी दी।
इस बीच,किसी का फोन आ गया और मजिस्ट्रेट उसे दीवान के पास बैठाने का आदेश देकर चले गए। सचिव ने आरोप लगाया कि मजिस्ट्रेट ने उसे गोदाम और कार्यालय भी नहीं बंद करने दिया। इस घटना के बाद से सलाहाबाद में सोमवार से धान की खरीद बंद है। इस बाबत एआर विवेक कौशल का कहना है कि सचिव का पत्र मिला है। इसे जिलाधिकारी के संज्ञान में लाया जाएगा और उनके दिशा निर्देश पर अमल किया जाएगा।