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जूते-मोजे में दिखेंगे परिषदीय स्कूल के बच्चे
mau news
Updated Thu, 19 Oct 2017 07:02 PM IST
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स्कूली बच्चे
- फोटो : ANI
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मऊ। अब शीघ्र ही निजी स्कूलों की तरह परिषदीय विद्यालयों के बच्चे भी ड्रेस के साथ जूते-मोजे में दिखेंगे। नामित कंपनी की तरफ से प्रत्येक ब्लाक संसाधन केंद्रों पर लगभग 80 प्रतिशत जूता मोजा की आपूर्ति कर दी गई है। जिला प्रशासन की तरफ से गठित तीन सदस्यीय टीम गुणवत्ता परीक्षण कर सैंपल निदेशालय भेजेगी। शासन से हरी झंडी मिलते ही बच्चों में वितरित कर दिया जाएगा।
जिले में 1060 प्राथमिक तथा 442 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में एक लाख 37 हजार 614 बच्चे अध्ययनरत हैं। परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत गरीब तबके के बच्चों को ठंडी और गर्मी के मौसम में नंगे पैर जाने में तमाम तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। जूता-मोजा मिलने पर दोनों मौसम में छात्र छात्राओं को राहत मिलेगी। इसके अलावा ड्रेस के साथ जूता मोजा में आने पर मनोबल भी ऊंचा होगा। इसी के मद्देनजर शासन ने छात्रों को नि:शुल्क जूता-मोजा देने की योजना को हरी झंडी दी है।
शासन से नामित कंपनी की तरफ से प्रत्येक बीआरसी पर 80 प्रतिशत जूता मोजा की आपूर्ति कर दी गई है। गुणवत्ता की जांच के लिए प्रशासन की तरफ से तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। कमेटी में प्रत्येक तहसील से उपजिलाधिकारी, संबंधित ब्लाक के खंड विकास अधिकारी और खंड शिक्षा अधिकारी शामिल होंगे। गुणवत्ता की जांच कर सैंपल निदेशालय भेजेगी। शासन से हरी झंडी मिलने पर बच्चों को नि:शुल्क जूता मोजा वितरित कर दिया जाएगा। इस बाबत जिला समन्वयक सामुदायिक सहभागिता योगेंद्र यादव का कहना है कि परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों को नि:शुल्क जूता मोजा वितरित किया जाएगा। विभागीय निर्देश मिलते ही वितरण प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
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जिले में 1060 प्राथमिक तथा 442 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में एक लाख 37 हजार 614 बच्चे अध्ययनरत हैं। परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत गरीब तबके के बच्चों को ठंडी और गर्मी के मौसम में नंगे पैर जाने में तमाम तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। जूता-मोजा मिलने पर दोनों मौसम में छात्र छात्राओं को राहत मिलेगी। इसके अलावा ड्रेस के साथ जूता मोजा में आने पर मनोबल भी ऊंचा होगा। इसी के मद्देनजर शासन ने छात्रों को नि:शुल्क जूता-मोजा देने की योजना को हरी झंडी दी है।
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शासन से नामित कंपनी की तरफ से प्रत्येक बीआरसी पर 80 प्रतिशत जूता मोजा की आपूर्ति कर दी गई है। गुणवत्ता की जांच के लिए प्रशासन की तरफ से तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। कमेटी में प्रत्येक तहसील से उपजिलाधिकारी, संबंधित ब्लाक के खंड विकास अधिकारी और खंड शिक्षा अधिकारी शामिल होंगे। गुणवत्ता की जांच कर सैंपल निदेशालय भेजेगी। शासन से हरी झंडी मिलने पर बच्चों को नि:शुल्क जूता मोजा वितरित कर दिया जाएगा। इस बाबत जिला समन्वयक सामुदायिक सहभागिता योगेंद्र यादव का कहना है कि परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों को नि:शुल्क जूता मोजा वितरित किया जाएगा। विभागीय निर्देश मिलते ही वितरण प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
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