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मनरेगा के कार्य की हुई जांच
ब्यूरो, मऊ, अमर उजाला
Updated Tue, 10 Feb 2015 11:18 PM IST
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विकास खंड रानीपुर के उमती ग्राम पंचायत में मनरेगा से हुए कार्य की जांच के लिए मंडल की टीएसी (टेक्निकल एडवाइजर कमेटी) पहुंची।
टीम ने बिंदुवार जांच शुरू की तो शिकायतकर्ता और प्रधान समर्थक भी जुट गए। दोनों पक्ष अपना पक्ष रखते रखते जांच के दौरान आपस में उलझ गए। शिकायत करने वालों का कहना है कि जांच में अनावश्यक रूप से अड़ंगा लगाया जा रहा है।
रानीपुर विकास खंड के उमती ग्राम पंचायत के सदानंद दुबे सहित गांव के कुछ लोगों ने गांव में मनरेगा से हुए कार्य की शिकायत मुख्यमंत्री से लेकर जिलास्तरीय अधिकारियों के यहां दर्ज कराई थी।
इस मामले की टीएसी जांच के निर्देश हुए। मंगलवार को आजमगढ़ से आर प्रजापति प्राविधिक परीक्षक टीएसी उमती गांव पहुंचे। उन्होंने जांच की प्रक्रिया शुरू की,
इसी बीच शिकायतकर्ता के समर्थक और ग्राम प्रधान के समर्थक भी जुट गए और आपस में उलझ गए। प्राविधिक परीक्षक केआर प्रजापति ने कुछ बिंदुओं पर जांच की शेष जांच को बाद में करने का निर्देश दिया। इस दौरान बताया कि मामले की जांच अभी चल रही है।
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कुछ कार्यों की जांच में चकरोड का रकबा कम पाया गया है, जो प्रतीत हो रहा है कि चकरोड बनने के बाद मिट्टी किसानों द्वारा काट ली गई। कहा कि शेष कार्यों की जांच अगले दिन की जाएगी।
शिकायतकर्ता सदानंद दुबे के अलावा जांच के समय ग्राम प्रधान पति नागेंद्र राम, ग्राम विकास अधिकारी राजेश कुमार, तकनीकी सहायक विनोद यादव मौजूद रहे।
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टीम ने बिंदुवार जांच शुरू की तो शिकायतकर्ता और प्रधान समर्थक भी जुट गए। दोनों पक्ष अपना पक्ष रखते रखते जांच के दौरान आपस में उलझ गए। शिकायत करने वालों का कहना है कि जांच में अनावश्यक रूप से अड़ंगा लगाया जा रहा है।
रानीपुर विकास खंड के उमती ग्राम पंचायत के सदानंद दुबे सहित गांव के कुछ लोगों ने गांव में मनरेगा से हुए कार्य की शिकायत मुख्यमंत्री से लेकर जिलास्तरीय अधिकारियों के यहां दर्ज कराई थी।
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इस मामले की टीएसी जांच के निर्देश हुए। मंगलवार को आजमगढ़ से आर प्रजापति प्राविधिक परीक्षक टीएसी उमती गांव पहुंचे। उन्होंने जांच की प्रक्रिया शुरू की,
इसी बीच शिकायतकर्ता के समर्थक और ग्राम प्रधान के समर्थक भी जुट गए और आपस में उलझ गए। प्राविधिक परीक्षक केआर प्रजापति ने कुछ बिंदुओं पर जांच की शेष जांच को बाद में करने का निर्देश दिया। इस दौरान बताया कि मामले की जांच अभी चल रही है।
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कुछ कार्यों की जांच में चकरोड का रकबा कम पाया गया है, जो प्रतीत हो रहा है कि चकरोड बनने के बाद मिट्टी किसानों द्वारा काट ली गई। कहा कि शेष कार्यों की जांच अगले दिन की जाएगी।
शिकायतकर्ता सदानंद दुबे के अलावा जांच के समय ग्राम प्रधान पति नागेंद्र राम, ग्राम विकास अधिकारी राजेश कुमार, तकनीकी सहायक विनोद यादव मौजूद रहे।