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ग्राम पंचायतों में बगैर टेंडर रखवाए जा रहे सीमेंटेड बेंच
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जिले के अधिकांश ग्राम पंचायतों में टेंडर कराए बगैर चौराहों व तिराहों पर लगाने के लिए सीमेंटेड बेंच गिराए जा रहे हैं। इसकी शिकायत मिलने पर जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) ने अधीनस्थों को किन-किन गांवों में टेंडर के बगैर ठेकेदारों द्वारा सीमेंटेड बेंच गिराए गए हैं, इसकी जांच करके यथाशीघ्र रिपोर्ट सौंपने की हिदायत दी। उन्होंने इसका भुगतान भी रोक दिया है। कहा कि बगैर टेंडर सीमेंटेड बेंच लगाने के बदले विभाग की तरफ से कोई भुगतान नहीं किया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी संबंधित गांवों के प्रधान व पंचायत सचिव की होगी।
जिले के अधिकांश ग्राम पंचायतों में सीमेंटेड बेंच लगाने की तैयारी चल रही है। ठेकेदारों की ओर से गांवों में सीमेंटेड बेंच गिरा दिए गए हैं। कई गांवों में तो चौराहों, तिराहों और सार्वजनिक स्थानों पर सीमेंटेड बेंच लगवा भी दिए गए हैं। यह सब बिना टेंडर कराए ही कर दिया गया है। उधर, ग्राम पंचायतों को सीमेंटेड बेंचों को लगवाने के लिए कोई फिलहाल कोई गाइड लाइन जारी नहीं की गई है। हालांकि सीमेंटेड बेंचों को लगवाने के लिए अभी तक किसी भी ग्राम पंचायत की ओर से कोई भुगतान किए जाने की सूचना नहीं है। जिला पंचायत राज अधिकारी ने सीमेंटेड बेंच लगवाने से ग्राम पंचायतों को मना किया गया है लेकिन ठेकेदार गांवों में इस उम्मीद पर सीमेंटेड बेंचों की सप्लाई कर रहे हैं कि आज नहीं तो कल इसका भुगतान हो ही जाएगा।
जिले के नौ ब्लॉकों में कुल 671 ग्राम पंचायतें हैं। ग्राम पंचायतों का संपन्न हो जाने के बाद कई प्रधानों ने तो शपथ ग्रहण करने से पहले ही गांवों में सैनिटाइजेशन, साफ - सफाई करने से लेकर कई तरह के कार्यों को कराना शुरू कर दिया था। कई गांवों में नाली और खड़ंजा निर्माण भी शुरू करा दिया था। जबकि बिना शपथ ग्रहण और टेंडर के कार्य कराने को लेकर विभाग में तरह-तरह की चर्चा हो रही है।
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उधर, मुहम्मदाबाद गोहना, रानीपुर , कोपागंज, रतनपुरा, बड़राव, घोसी, परदहा, दोहरीघाट और फतहपुर मंडाव ब्लॉकों के अधिकांश गांवों में सीमेंटेड बेंच ठेकेदारों द्वारा पहुंचा दिए गए हैं। प्रधानों की ओर से इन बेंचों को चौराहों, तिराहों, मंदिरों, पोखरों के घाटों पर इन बेंचों को लगवा दिया गया है। सीमेंटेड बेंचों को गांवों में लगवाने के लिए ठेकेदार काफी सक्रिय रहे। सीमेंटेड बेंचों को बनाने वाली फर्में भी इन्हें ठेकेदारों को उधार ही देने के लिए इसलिए काफी उत्सुक हैं कि उन्हें इकट्ठे ग्राहक मिल जा रहे हैं। मुहम्मदाबाद गोहना के नगरीपार और बरडीहा सहित कई गांवों में सीमेंटेड बेंच लगा दिए गए हैं। कोपागंज ब्लाक के अदरी देहात गांव में ऐसे बेंच एक महीने पहले ही लगा दिए गए हैं जबकि टेंडर बाद में हुआ है।
वर्जन:
हमने सभी ग्राम प्रधानों और पंचायत सचिवों को गांवों में सीमेंटेड बेंच लगवाने से मना कर दिया है। जिन लोगों ने अपने मन से ही बेंच लगवा दिए हैं, उनका भुगतान नहीं किया जाएगा। फतेहपुर मंडाव ब्लॉक के तीन गांवों में सीमेंटेड बेंच लगाए जाने की सूचना मिली है। इसको देखते हुए अधीनस्थों से किन-किन गांवों में सीमेंटेड बेंच लगाए गए हैं, उसकी जांच कर रिपोर्ट मांगी गई है।- घनश्याम सागर, जिला पंचायत राज अधिकारी, मऊ।
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जिले के अधिकांश ग्राम पंचायतों में सीमेंटेड बेंच लगाने की तैयारी चल रही है। ठेकेदारों की ओर से गांवों में सीमेंटेड बेंच गिरा दिए गए हैं। कई गांवों में तो चौराहों, तिराहों और सार्वजनिक स्थानों पर सीमेंटेड बेंच लगवा भी दिए गए हैं। यह सब बिना टेंडर कराए ही कर दिया गया है। उधर, ग्राम पंचायतों को सीमेंटेड बेंचों को लगवाने के लिए कोई फिलहाल कोई गाइड लाइन जारी नहीं की गई है। हालांकि सीमेंटेड बेंचों को लगवाने के लिए अभी तक किसी भी ग्राम पंचायत की ओर से कोई भुगतान किए जाने की सूचना नहीं है। जिला पंचायत राज अधिकारी ने सीमेंटेड बेंच लगवाने से ग्राम पंचायतों को मना किया गया है लेकिन ठेकेदार गांवों में इस उम्मीद पर सीमेंटेड बेंचों की सप्लाई कर रहे हैं कि आज नहीं तो कल इसका भुगतान हो ही जाएगा।
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जिले के नौ ब्लॉकों में कुल 671 ग्राम पंचायतें हैं। ग्राम पंचायतों का संपन्न हो जाने के बाद कई प्रधानों ने तो शपथ ग्रहण करने से पहले ही गांवों में सैनिटाइजेशन, साफ - सफाई करने से लेकर कई तरह के कार्यों को कराना शुरू कर दिया था। कई गांवों में नाली और खड़ंजा निर्माण भी शुरू करा दिया था। जबकि बिना शपथ ग्रहण और टेंडर के कार्य कराने को लेकर विभाग में तरह-तरह की चर्चा हो रही है।
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उधर, मुहम्मदाबाद गोहना, रानीपुर , कोपागंज, रतनपुरा, बड़राव, घोसी, परदहा, दोहरीघाट और फतहपुर मंडाव ब्लॉकों के अधिकांश गांवों में सीमेंटेड बेंच ठेकेदारों द्वारा पहुंचा दिए गए हैं। प्रधानों की ओर से इन बेंचों को चौराहों, तिराहों, मंदिरों, पोखरों के घाटों पर इन बेंचों को लगवा दिया गया है। सीमेंटेड बेंचों को गांवों में लगवाने के लिए ठेकेदार काफी सक्रिय रहे। सीमेंटेड बेंचों को बनाने वाली फर्में भी इन्हें ठेकेदारों को उधार ही देने के लिए इसलिए काफी उत्सुक हैं कि उन्हें इकट्ठे ग्राहक मिल जा रहे हैं। मुहम्मदाबाद गोहना के नगरीपार और बरडीहा सहित कई गांवों में सीमेंटेड बेंच लगा दिए गए हैं। कोपागंज ब्लाक के अदरी देहात गांव में ऐसे बेंच एक महीने पहले ही लगा दिए गए हैं जबकि टेंडर बाद में हुआ है।
वर्जन:
हमने सभी ग्राम प्रधानों और पंचायत सचिवों को गांवों में सीमेंटेड बेंच लगवाने से मना कर दिया है। जिन लोगों ने अपने मन से ही बेंच लगवा दिए हैं, उनका भुगतान नहीं किया जाएगा। फतेहपुर मंडाव ब्लॉक के तीन गांवों में सीमेंटेड बेंच लगाए जाने की सूचना मिली है। इसको देखते हुए अधीनस्थों से किन-किन गांवों में सीमेंटेड बेंच लगाए गए हैं, उसकी जांच कर रिपोर्ट मांगी गई है।- घनश्याम सागर, जिला पंचायत राज अधिकारी, मऊ।