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ब्रह्मकुमारी ने किया वरिष्ठों का सम्मान
ब्यूरो, मऊ, अमर उजाला
Updated Mon, 15 Dec 2014 11:40 PM IST
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पुरानी तहसील स्थित प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय केंद्र पर रविवार की शाम वरिष्ठ नागरिक सम्मान कार्यक्रम का आयोजन हुआ। जिसमें संस्था से जुड़े कई वरिष्ठों का सम्मान किया गया।
समारोह का उद्घाटन सांसद हरिनारायण राजभर ने दीप प्रज्जवलित कर किया। अपने संबोधन में विश्वविद्यालय शाखा की संचालिका राजयोगिनी विमला ने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों के अनुभव से हम सभी अपने कार्य में सफलता प्राप्त कर सकते हैं। अनुभव का बल सबसे बड़ी शक्ति है।
कहा कि किशोर और युवाओं को हमेशा यह सोचना चाहिए कि हम जिस प्रकार से बड़े बुर्जुगों से व्यवहार करेंगे। हमें भी वही मिलेगा। कहा कि बुजुर्ग हम सब के लिए सम्मानित हैं इनकी अनदेखी नहीं होनी चाहिए।
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उनकी देखभाल के प्रति सचेत रहने की आवश्यकता है। हमें उन्हें इस बात का एहसास ही नहीं होने देना चाहिए कि वह उम्र के इस पड़ाव पर अकेेले हैं।
उन्होंने कहा कि प्रतिदिन की दिनचर्या में राजयोग को अभ्यास कर अपने अंदर आध्यात्मिकता को लाकर अपने जीवन को तनावमुक्त, नशामुक्त एवं खुशनुमा बना सकते हैं।
उन्होंने लोगों का आह्वान किया कि वह ब्रह्मकुमारीज के संदेशों को खुद तो अपने जीवन में अपनाएं हीं साथ ही दूसरों तक भी इन संदेशों को पहंुचाएं। ताकि लोग इससे लाभान्वित हो सकें।
इस दौरान संजय पांडेय, यादवेंन्द्र सिंह, भूपेन्द्र सिंह, चन्द्रिका मिश्रा, शिवशंकर राय, भगवान प्रजापति, राजेन्द्र मिश्र, स्वामीनाथ पांडेय, श्याम नारायण, दूधनाथ यादव, डा.कंचन राय के साथ ही केंद्र के कई लोग उपस्थित रहे।
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समारोह का उद्घाटन सांसद हरिनारायण राजभर ने दीप प्रज्जवलित कर किया। अपने संबोधन में विश्वविद्यालय शाखा की संचालिका राजयोगिनी विमला ने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों के अनुभव से हम सभी अपने कार्य में सफलता प्राप्त कर सकते हैं। अनुभव का बल सबसे बड़ी शक्ति है।
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कहा कि किशोर और युवाओं को हमेशा यह सोचना चाहिए कि हम जिस प्रकार से बड़े बुर्जुगों से व्यवहार करेंगे। हमें भी वही मिलेगा। कहा कि बुजुर्ग हम सब के लिए सम्मानित हैं इनकी अनदेखी नहीं होनी चाहिए।
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उनकी देखभाल के प्रति सचेत रहने की आवश्यकता है। हमें उन्हें इस बात का एहसास ही नहीं होने देना चाहिए कि वह उम्र के इस पड़ाव पर अकेेले हैं।
उन्होंने कहा कि प्रतिदिन की दिनचर्या में राजयोग को अभ्यास कर अपने अंदर आध्यात्मिकता को लाकर अपने जीवन को तनावमुक्त, नशामुक्त एवं खुशनुमा बना सकते हैं।
उन्होंने लोगों का आह्वान किया कि वह ब्रह्मकुमारीज के संदेशों को खुद तो अपने जीवन में अपनाएं हीं साथ ही दूसरों तक भी इन संदेशों को पहंुचाएं। ताकि लोग इससे लाभान्वित हो सकें।
इस दौरान संजय पांडेय, यादवेंन्द्र सिंह, भूपेन्द्र सिंह, चन्द्रिका मिश्रा, शिवशंकर राय, भगवान प्रजापति, राजेन्द्र मिश्र, स्वामीनाथ पांडेय, श्याम नारायण, दूधनाथ यादव, डा.कंचन राय के साथ ही केंद्र के कई लोग उपस्थित रहे।