फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mau News ›   Blood component separation unit not operational even after 3 years of inauguration

Mau News: लोकार्पण के 3 वर्ष बाद भी चालू नहीं हुई ब्लड कंपोनेंट सेप्रेशन यूनिट

Wed, 16 Apr 2025 12:06 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 16 Apr 2025 12:06 AM IST
विज्ञापन
Blood component separation unit not operational even after 3 years of inauguration
मऊ। जिला अस्पताल में ब्लड बैंक के पास नवनिर्मित भवन में ब्लड कंपोनेंट सेप्रेशन यूनिट लोकार्पण होने के तीन वर्ष बाद भी चालू नहीं हो सकी। इससे मरीजों तथा तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ब्लड बैंक की क्षमता 400 यूनिट की है।
विज्ञापन

प्रतिदिन 8 से 10 यूनिट ब्लड की खपत होती है। वहीं, प्लेटलेट्स, प्लाज्मा आदि के लिए गंभीर मरीजों को बीएचयू रेफर करना पड़ता है। विभागीय अधिकारियों का दावा है कि शीघ्र ही लाइसेंस मिल जाएगा।
विज्ञापन

जिला अस्पताल में ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट का वर्ष 2022 में लोकार्पण हुआ तो जनपदवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा की आस जगी थी, लेकिन विभागीय लापरवाही से अभी तक यह संभव नहीं हो पाया। ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट का संचालन न होने से अभी तक एक यूनिट ब्लड एक ही मरीज के काम आता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

प्लेटलेट्स और प्लाज्मा की कमी होने पर भी मरीज को पूरा ब्लड दिया जाता है। ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट में रक्त की एक यूनिट को तीन अलग-अलग भाग में बांटा जाएगा। जरूरतमंदों को रक्त के जरूरी तत्व ही दिए जाएंगे। घायलों और सिजेरियन केस में पीड़ितों को पूरा ब्लड चढ़ाने की जरूरत पड़ती है।
जिला अस्पताल में मरीजों को प्लाज्मा, आरबीसी, प्लेटलेट्स की सुविधा उपलब्ध कराने के ब्लड कंपोनेंट सेप्रेशन यूनिट के सभी पार्ट्स जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में आ गए। लेकिन लाइसेंस नहीं मिल सका है।
जिला अस्पताल के मुख्य विकित्सा अधीक्षक और औषधि प्रशासन की तरफ से लाइसेंस प्रक्रिया पूरी कर फाइनल रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। अब लाइसेंस मिलने का इंतजार किया जा रहा है। इस संबंध में मधुबन से आए चंद्रिका प्रसाद, सविता देवी का कहना था कि जिला अस्पताल में सेपरेशन यूनिट होने के बाद भी लाभ नहीं मिल पा रहा है।

दोहरीघाट से आए सुरेंद्र वर्मा, शिवकुमार का कहना है कि जिला अस्पताल में सेपरेशन यूनिट लगने के वर्षो बाद भी लाभ नहीं मिल पा रहा है। प्लाज्मा के लिए निजी अस्पतालों में अधिक पैसा देना पड़ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed