फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mau News ›   Bhumihar marginalized the district leader

हाशिए पर आए जिले के भूमिहार नेता

Sat, 28 Jan 2017 11:26 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/मऊ
अमर उजाला ब्यूरो/मऊ Updated Sat, 28 Jan 2017 11:26 PM IST
विज्ञापन
एक जमाना था जब जिले की पहचान ही भूमिहार जाति के नेताओं से होती थी।  लेकिन विकास के नाम पर जिले का सृजन करने वाले पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व. कल्पनाथ राय की वर्ष 1999 में देहांत के बाद से इस जाति के लोग उनकी विरासत को नहीं संजो पाए। हालत यह है कि पहले तो चुनाव मैदान में उतरे भूमिहार बिरादरी को जनता ने नकारा तो बाद में राजनैतिक पार्टियों ने। इसी का परिणाम है कि वर्तमान विधान सभा चुनाव के लिए मनोज राय का टिकट कटने के बाद राजनीति के क्षेत्र में भूमिहार जाति हाशिए पर आ गई है। 23 लाख की आबादी वाले इस जिले में चारों विधान सभा क्षेत्रों को मिलाकर भूमिहारों की संख्या करीब डेढ़ लाख है। 6 अगस्त 1999 को पूर्व केंद्रीय मंत्री कल्पनाथ राय की मौत के बाद से जिला भूमिहारों की राजनीति से परे हो गया।
विज्ञापन



 आजादी के बाद घोसी लोकसभा और विधान सभा कम्युनिस्ट राजनीति का गढ़ माना जाता रहा। इस दौरान भी राजनैतिक इतिहास  में भूमिहारों का वर्चस्व कायम रहा। जिले की राजनीति में भूमिहारों के प्रतिनिधित्व का आंकड़ा देखा जाए, तो आजादी के बाद हुए पहले चुनाव से लेकर 1998 तक के चुनाव में इसी जाति का बोलबाला रहा है। कामरेड जय बहादुर राय के बाद साल 1968 से लेकर 1998 तक लगातार आठ लोकसभा चुनावों तक झारखंडे राय, शिवराम राय, राजकुमार राय के अलावा लगातार चार बार स्व. कल्पनाथ राय ने जीत दर्ज कराकर जनता का प्रतिनिधित्व किया। इसमें दो बार झारखंडे राय और एक बार राजकुमार राय और शिवराम राय ने प्रतिनिधित्व किया। इसके अलावा घोसी और मधुबन पूर्व में नत्थूपुर के नाम से जाने जानी वाली विधान सभा में झारखंडे राय, राजकुमार राय, विक्रमा राय आदि विधायक बनते रहे। स्व. कल्पनाथ राय के निधन के बाद पहले तो कुछ चुनावों में विभिन्न राजनैतिक दलों ने इस जाति पर भरोसा जताया। लेकिन जनता ने नकार दिया। सुधा राय, सीता राय, मनोज राय, सिद्धार्थ राय, उत्पल राय, योगेंद्र नाथ राय आदि नेता किसी न किसी दल से चुनाव लड़े। लेकिन इस बार किसी दल ने भूमिहार को मैदान में नहीं उतारा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed