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उत्तराखंड की तर्ज पर बेसिक शिक्षकों को मिले राज्य कर्मचारी का दर्जा

Fri, 22 Jan 2021 12:41 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 22 Jan 2021 12:41 AM IST
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Basic teachers get state employee status
मऊ। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के पदाधिकारियों ने शिक्षकों की विभिन्न मांगों को लेकर बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री को संबोधित 10 सूत्री ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। इसमें उत्तराखंड की तरह बेसिक शिक्षकों को राज्य कर्मचारी का दर्जा देने की मांग की गई।
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इस मौके पर जिलाध्यक्ष रूपेश पांडेय ने कहा कि महानिदेशक स्कूल शिक्षा लखनऊ के तरफ से जनवरी 2021 को जारी पत्र में परिषदीय विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों और अध्यापकों के वार्षिक गोपनीय आख्या के पैरामीटर्स निर्धारित किए गए हैं। जिनका शिक्षकों से सीधा संबंध नहीं होने के बाद भी अंक निर्धारण करना शिक्षकों का शोषण होने के अलावा कुछ नहीं है। इस काला कानून पत्र को वापस किया जाए। उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षकों को उत्तराखंड राज्य की भांति राज्य कर्मचारी का दर्जा दिया जाए।
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ज्ञापन में विशिष्ट बीटीसी 2004 बैच के शिक्षकों को पुरानी पेंशन का लाभ तकनीकी बाधाओं को दूर करते हुए दिया जाए। साथ ही उच्च प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक पदों पर भी पदोन्नतियां नियमित रूप से की जाएं। जनपद के अंदर शिक्षकों के पारदर्शी स्थानांतरण प्रक्रिया को शैक्षिक सत्र 2020- 21 से पूर्व संपन्न किया जाए। प्रत्येक शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को रुपये दस लाख का स्वास्थ्य बीमा और विभिन्न घटनाओं के कारण आकस्मिक निधन की स्थिति में शिक्षकों को रुपए 20 लाख का सामूहिक बीमा कवर दिया जाए। शिक्षक की असामयिक मृत्यु की दशा में बेसिक शिक्षा विभाग में होने वाली अनुकंपा आधार पर नियुक्ति में शिक्षक पद की वांछित योग्यता न होने की स्थिति में तृतीय श्रेणी कर्मचारी की योग्यता रखने वाले आश्रितों की नियुक्ति अनिवार्य रूप से लिपिक पद पर किए जाने के संबंध में शासनादेश निर्गत किया जाए।
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बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षकों को बर्खास्त किए जाने का अधिकार जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी में निहित है। बीएसए के असंवैधानिक कृत्यों का विरोध करने पर इसका खामियाजा शिक्षक प्रतिनिधियों या शिक्षकों को बर्खास्तगी के रूप में उठाना पड़ता है। इसलिए माध्यमिक शिक्षा विभाग की भांति बेसिक शिक्षा में भी शिक्षकों को बर्खास्त किए जाने का अधिकार बीएसए से उच्च एडी बेसिक अथवा अन्य किसी उच्चाधिकारी में निहित किया जाए। प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में पदोन्नति होने पर क्रमश: 17140 एवं 18150 का लाभ केंद्र से जारी नोटिफिकेशन का शासनादेश जारी किया जाए। विद्यालयों की सुरक्षा के लिए एक चौकीदार या विद्यालय सेवक सुरक्षा सेवक की नियुक्ति किया जाए। इस अवसर पर चंद्रापीड मिश्र, राजेश गुप्ता,कल्पनाथ चौरसिया, सुनील मौर्य, अनुज प्रताप पांडेय, अरुण गुप्ता, रेनू मिश्रा भूपेंद्र दीक्षित, अशोक मिश्रा आदि उपस्थित थे।
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