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ख्वाजाजहांपुर में मुलभूत सुविधाओं की दरकार
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मऊ। ख्वाजाजहांपुर नगरपालिका क्षेत्र में है और यह यह मोहल्ला शहीद सुदामा राजभर का है। लेकिन, यह सुविधाओं के मामले में गांवों से भी पीछे है। मोहल्ले में घरों का गंदा पानी सड़क पर बहता रहता है। अधिकांश लोगों के घरों में शौचालय नहीं हैं। इस वजह से अधिकतर लोग खुले में शौच के लिए जाते हैं। खाली पड़े भूखंडों और रास्तों में गंदगी की भरमार है। मोहल्ले में सामुदायिक शौचालय भी नहीं है। पानी के बहाव का कोई समुचित साधन नहीं है। लोगों के घरों के आसपास गंदा पानी फैलता रहता है। केवल अधूरी नालियां बनाकर छोड़ दी गई हैं।
शहर का ख्वाजाजहांपुर मोल्ला बलिया मोड़ के पास हाईवे के दोनों तरफ स्थित है।
मोहल्ले में अधिकांश राजभर समाज के लोग हैं। इनके अलावा बाहर से आकर भी लोग बसे हैं। दस हजार से अधिक आबादी वाले इस मोहल्ले में एक भी सामुदायिक शौचालय नहीं है। कुछ गरीब परिवारों को डूडा की ओर से प्रधानमंत्री आवास बनवा दिए गए हैं। सुबह शाम महिलाएं और पुरुष खुले में शौच जाते हैं। मोहल्ले में बाहरी इलाकों की ओर काफी खंड खाली हैं। उन्हीं भूखंडों में बस्ती के लोग शौच करते हैं। इस कारण रास्तों और खाली प्लाटों में गंदगी फैली रहती है।
शहीद के घर के पास की नालियां भी हैं अधूरी
शहीद लांस नायक सुदामा राजभर इसी ख्वाजाजहांपुर मोहल्ले के निवासी थे। विधायक मुख्तार अंसारी ने उनकी आदमकद प्रतिमा हाईवे किनारे स्थित सरकारी स्कूल के पास स्थापित करा दी है। लेकिन उनके पैतृक आवास के पास आज भी गंदे पानी के निकास की व्यवस्था नहीं है। पूूरी बस्ती में सड़क के किनारे जहां तहां गंदा पानी बहता रहता है। छोटी नालियों को बड़े नाले से जोड़ा नहीं गया है। हाईवे के पश्चिमी किनारे पर कुछ लंबाई में अधूरा नाला बना है। इसका कोई उपयोग नहीं हैं। डूडा की ओर से कहीं-कहीं इंटरलाकिंग तो करा दी गई है। दिखावे के लिए नालियां भी बनाई गई हैं। लेकिन नालियों का गंदा पानी कहां जाए, इसकी कोई व्यवस्था ही नहीं की गई है।
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मोहल्ले के कंतू कहते हैं कि नगर पालिका ने इस मोहल्ले को उपेक्षित रखा है।डूडा की ओर से 30 - 40 फीट की लंबाई में इंटरलाकिंग कराकर अधूरी नाली छोड़ दी गई है। नाली के गंदे पानी के बहाव की कोई व्यवस्था नहीं है। सुर्जु राजभर कहते हैं कि सबसे बड़ी समस्या पानी निकासी की है। मोहलले के विकास से सभासद का कोई सरोकार नहीं है। लालमुनि राजभर और निजामु्दीन कहते हैं कि नगर का सबसे उपेक्षित मोहल्ला ख्वाजाजहांपुर है। पहले मोहलले के कुछ घरों का पानी मंडी में जाता था लेकिन मंडी परिषद ने उसे बंद करा दिया।
नगर पालिका परिषद के ईओ दिनेश कुमार ने बताया कि ख्वाजाजहांपुर का मामला संज्ञान में है। हाल में हुई अतिवृष्टि और तमसा नदी में आई भारी बाढ़ ने कई समस्याएं पैदा कर दी हैं। जल्दी ही मुहल्ले का सर्वे कराया जाएगा। जरूरत वाले स्थानों पर नाली और सड़क का निर्माण कराया जाएगा। नालियों को बड़े नाले में मिलाने की व्यवस्था की जाएगी।
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शहर का ख्वाजाजहांपुर मोल्ला बलिया मोड़ के पास हाईवे के दोनों तरफ स्थित है।
मोहल्ले में अधिकांश राजभर समाज के लोग हैं। इनके अलावा बाहर से आकर भी लोग बसे हैं। दस हजार से अधिक आबादी वाले इस मोहल्ले में एक भी सामुदायिक शौचालय नहीं है। कुछ गरीब परिवारों को डूडा की ओर से प्रधानमंत्री आवास बनवा दिए गए हैं। सुबह शाम महिलाएं और पुरुष खुले में शौच जाते हैं। मोहल्ले में बाहरी इलाकों की ओर काफी खंड खाली हैं। उन्हीं भूखंडों में बस्ती के लोग शौच करते हैं। इस कारण रास्तों और खाली प्लाटों में गंदगी फैली रहती है।
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शहीद के घर के पास की नालियां भी हैं अधूरी
शहीद लांस नायक सुदामा राजभर इसी ख्वाजाजहांपुर मोहल्ले के निवासी थे। विधायक मुख्तार अंसारी ने उनकी आदमकद प्रतिमा हाईवे किनारे स्थित सरकारी स्कूल के पास स्थापित करा दी है। लेकिन उनके पैतृक आवास के पास आज भी गंदे पानी के निकास की व्यवस्था नहीं है। पूूरी बस्ती में सड़क के किनारे जहां तहां गंदा पानी बहता रहता है। छोटी नालियों को बड़े नाले से जोड़ा नहीं गया है। हाईवे के पश्चिमी किनारे पर कुछ लंबाई में अधूरा नाला बना है। इसका कोई उपयोग नहीं हैं। डूडा की ओर से कहीं-कहीं इंटरलाकिंग तो करा दी गई है। दिखावे के लिए नालियां भी बनाई गई हैं। लेकिन नालियों का गंदा पानी कहां जाए, इसकी कोई व्यवस्था ही नहीं की गई है।
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मोहल्ले के कंतू कहते हैं कि नगर पालिका ने इस मोहल्ले को उपेक्षित रखा है।डूडा की ओर से 30 - 40 फीट की लंबाई में इंटरलाकिंग कराकर अधूरी नाली छोड़ दी गई है। नाली के गंदे पानी के बहाव की कोई व्यवस्था नहीं है। सुर्जु राजभर कहते हैं कि सबसे बड़ी समस्या पानी निकासी की है। मोहलले के विकास से सभासद का कोई सरोकार नहीं है। लालमुनि राजभर और निजामु्दीन कहते हैं कि नगर का सबसे उपेक्षित मोहल्ला ख्वाजाजहांपुर है। पहले मोहलले के कुछ घरों का पानी मंडी में जाता था लेकिन मंडी परिषद ने उसे बंद करा दिया।
नगर पालिका परिषद के ईओ दिनेश कुमार ने बताया कि ख्वाजाजहांपुर का मामला संज्ञान में है। हाल में हुई अतिवृष्टि और तमसा नदी में आई भारी बाढ़ ने कई समस्याएं पैदा कर दी हैं। जल्दी ही मुहल्ले का सर्वे कराया जाएगा। जरूरत वाले स्थानों पर नाली और सड़क का निर्माण कराया जाएगा। नालियों को बड़े नाले में मिलाने की व्यवस्था की जाएगी।