फर्जी असलहा मामला: मुख्तार अंसारी ने वर्चुअल पेशी में कोर्ट से कहा- फिजियोथेरेपी कराने का दें आदेश
बांदा जेल में बंद बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी को मच्छरदानी और कूलर की सुविधा मिल गई है। फर्जी लाइसेंस से असलहा दिलाने के मामले में मुख्तार की बुधवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये पेशी हुई। इसमें उसने कोर्ट से फिजियोथेरेपी कराने की गुहार लगाई।
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बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी की फर्जी पते से लिए गए असलहे के मामले में बांदा जेल से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये मऊ कोर्ट में पेशी हुई। इस दौरान मुख्तार अंसारी ने एसीजेएम /रिमांड मजिस्ट्रेट प्रीति भूषण से फिजियोथेरेपी कराने का आदेश दिए जाने का अनुरोध किया।
एसीजेएम प्रीति भूषण ने अभियोजन अधिकारी और मुख्तार के अधिवक्ता दारोगा सिंह के तर्कों को सुनने के बाद मुख्तार अंसारी की न्यायिक अभिरक्षा का रिमांड स्वीकृत करते हुए सुनवाई के लिए 31 मई की तिथि तय की।
गौरतलब है कि विधायक के अधिवक्ता दारोगा सिंह ने 11 अप्रैल को ऑनलाइन आवेदन करते हुए कहा था कि मुख्तार अंसारी ब्लड प्रेशर, शुगर, हाईपरटेंशन और कमर दर्द से काफी परेशान हैं। 19 मई को हुई सुनवाई के बाद बांदा जेल में मुख्तार अंसारी को जेल में एअर कूलर व मच्छरदानी उपलब्ध करा दी गई है। जबकि हार्ड बेड के रूप में सीमेंटेड चबूतरा व बिस्तर आदि पहले से उपलब्ध है। मुख्तार ने उस दिन भी तबियत का हवाला देते हुए फिजियोथेरेपी कराने संबंधी आदेश देने की गुहार कोर्ट से की थी।
बता दें कि फर्जी असलहा मामला मऊ के दक्षिण टोला थाना क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार तत्कालीन थानाध्यक्ष दक्षिण टोला निहार नंदन कुमार की तहरीर पर 5 जनवरी 2020 को आयुध अधिनियम और जालसाजी के मामले में रिपोर्ट दर्ज हुई। इसमें मुख्तार अंसारी सहित सात लोगों को आरोपी बनाया गया है।
आरोप है कि मुख्तार अंसारी ने जिन लोगों के असलहा लाइसेंस के लिए जिलाधिकारी को अपने लेटर पैड पर पत्र लिखकर असलहा लाइसेंस जारी करने की सिफारिश की थी। इस सिफारिश पर जिलाधिकारी ने उन लोगों का लाइसेंस जारी भी कर दिया। बाद में जांच के बाद जिन लोगों के नाम असलहा लाइसेंस जारी किया गया था उनका नाम पता फर्जी पाया गया।
इस खुलासे के बाद मुख्तार अंसारी सहित सात लोगों के विरुद्ध दक्षिणटोला थाना में रिपोर्ट दर्ज हुई। पुलिस ने विवेचना के बाद मुख्तार अंसारी सहित सभी के विरुद्ध आरोप पत्र सीजेएम कोर्ट मे पेश किया। इस मामले में बुधवार को बांदा जेल में बंद मुख्तार अंसारी की वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से पेशी हुई।
उधर गैगेंस्टर एक्ट के मामलों को एमपी/एमएलए कोर्ट मे स्थानांतरित किए जाने के मामले मे एडीजे दिनेश चौरसिया ने विशेष लोक अभियोजक और मुख्तार अंसारी के अधिवक्ता दारोगा सिंह के तर्कों को सुनने के बाद बांदा जेल से आख्या तलब करने का आदेश दिया। साथ ही मामले की सुनवाई के लिए 31 मई की तिथि तय की।