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विभागों की लापरवाही से विकास के पायदान पर फिसड्डी हुआ जिला

Mon, 08 Mar 2021 10:31 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 08 Mar 2021 10:31 PM IST
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Backward district in the ranking of departmental works, warns
मऊ। जल कल्याणकारी योजनाओं में क्रियान्वयन में कई विभागों का प्रदर्शन निराशाजनक रहा है। जनवरी में शासन स्तर पर हुई विभागीय कार्यों की रैंकिग में जिले को 74वीं रैंक मिली है। जबकि बीते नवंबर में 48 वीं और दिसंबर में 43 रैंक मिली थी। योजनाओं के कार्यों के खराब प्रदर्शन पर सीडीओ राम सिंह वर्मा ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को चेतावनी पत्र जारी किया है।
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शासन स्तर पर विभागीय कार्यों का मूल्यांकन किया जा रहा है। जनवरी में हुए मूल्यांकन में प्रधानमंत्री फसल बीमा, छात्रवृत्ति वितरण राज्य पोषित छात्रवृत्ति योजना, शादी अनुदान योजना, कन्या सुमंगला योजना, सामाजिक वनीकरण, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत अनाज वितरण, राष्ट्रीय ग्रामीण पे जल मिशन समेत 34 प्रमुख कार्यों में संबंधित विभागों का प्रदर्शन बेहतर रहा और इसमें जिले को ए श्रेणी मिली है। प्रधानमंत्री जनविकास कार्यक्रम, कौशल विकास मिशन, निराश्रित गो वंश को संरक्षित करने, राष्ट्रीय पेयजल मिशन में अपेक्षित कार्य नहीं हो सके। इन कार्यों में जिले को बी श्रेणी मिली है। हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर, गो आश्रय, पशु टीकाकरण, मुख्यमंत्री सामूहिक योजना, सरकारी देय और एनपीए की वसूली, परिवार नियोजन, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना में बेहतर कार्य न होने पर जिले को सी श्रेणी मिली है। वहीं नहरों में टेल तक पानी पहुंचाने, सिल्ट सफाई, सामुदायिक शौचालय निर्माण, आपरेशन कायाकल्प, पंचायत भवन निर्माण, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का ठीक से क्रियान्वयन न होन समेत शराब की रिक्त दुुकानों का अपेक्षित व्यवस्थापन न समेत 17 कार्य निराशाजनक रहे हैं जिसमें मऊ को डी श्रेणी मिली है।
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रैंकिंग में जिले के पिछड़ने पर मुख्य विकास अधिकारी राम सिंह वर्मा ने संबंधित विभाग को चेतावनी नोटिस जारी किया है। साथ ही कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया है। सीडीओ ने बताया कि नवंबर 2020 से विभागीय कार्यों का मूल्यांकन शासन स्तर से किया जा रहा है। रैंकिंग में शासन स्तर पर विकास कार्यों के साथ ही सरकार की सभी योजनाओं की समीक्षा की जाती है। इसमें लोगों को लाभ पहुंचाने के साथ राजस्व वसूली तक के कार्यों का मूल्यांकन किया जाता है।
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कोट
जिन विभागों के कार्यों की रैंकिंग निराशाजनक हैं, उनके अधिकारियों चेतावनी पत्र जारी किया गया है। यदि फरवरी की रैंकिंग में सुधार नहीं नजर आया तो संबंधित विभाग के कार्यों की समीक्षा कर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई कराई जाएगी।-राम सिंह वर्मा, मुख्य विकास अधिकारी, मऊ।
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