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Mau News: कहीं छत का प्लास्टर गिर रहा तो कही दिख रहे सरिये, वहीं पर खाते हैं मिड-डे-मील
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मऊ। जिले में जर्जर घोषित 30 परिषदीय विद्यालयों के भवन को स्कूल बेसिक शिक्षा विभाग अभी तक ध्वस्त तक नहीं करा पाया है। हालांकि इन भवनों में कक्षाएं संचालित नहीं हो रही हैं। बृहस्पतिवार को घोसी तहसील के दो स्कूलों की पड़ताल में कहीं विद्यालयों में बारिश में छत का प्लास्टर गिरता मिला तो कहीं जर्जर दीवारों से निकली सरिया दुर्घटना को दावत देते मिली। इन्हीं जर्जर घोषित भवनों में जहग नहीं होने के कारण बच्चों को मिड-डे-मीड परोसा जाता है। जिससे कभी भी हादसे हो सकते हैं। जिले में दो साल पहले सभी परिषदीय स्कूल भवनों का डीएम से गठित कमेटी ने सर्वे किया था। इस दौरान जिले के जर्जर परिषदीय विद्यालयों के भवनों को नीलाम कराने का आदेश भी हुआ था। इनमें अभी भी 36 भवन जस की तस खड़े हैं। इन भवनों को जर्जर तो घोषित कर दिया गया लेकिन अभी तक इन्हें गिराया नहीं नहीं गया है।
परिषदीय विद्यालयों का आंकड़ा
प्राथमिक विद्यालय : 754
उच्च प्राथमिक विद्यालय : 162
कंपोजिट विद्यालय : 292
अंग्रेजों के समय का भवन, कमरे में लगा है जंगल
घोसी। तहसील क्षेत्र के उच्च प्राथमिक विद्यालय में सुबह 11 बजे पड़ताल की गई। इसे 1866 में जिले के सबसे पुराने स्कूल का दर्जा भी मिला है। यह अंग्रेजों के समय में बना भवन मरम्मत की बाट जोहता दिखा। स्कूल के शिक्षकों ने बताया कि 2019 में स्कूल में पुराने भवन का एक हिस्सा अचानक नीचे गिरने के बाद से इममें पढ़ाई तो नहीं होती है। नए भवन के तीन कमरे में कक्षा पांचवीं से लेकर आठवीं तक 152 बच्चे पढ़ते हैं। लेकिन स्कूल स्कूल में हाल नहीं होने से इसी भवन के बड़े हाल में बच्चों को मिड डे मिल का भोजन कराया जाता है। वहीं पड़ताल में विद्यालय के पुराने पांच कमरे पूरी तरह से जर्जर मिले हैं। जिसकी छत बरसात में टपक रही है, बीम भी लटक गई है। जबकि एक कमरा जिसकी मरम्मत की है वह ठीक स्थिति में मिला। प्रधानाध्यापक रेनू पांडेय ने बताया कि यह भवन पुराना है इसे मरम्मत की जरूरत है। इसी भवन से स्कूल की पहचान है।
जर्जर हिस्सा में ही स्कूल प्रधानाध्यापक का ऑफिस
घोसी। तहसील के ही घोघवल स्थित कंपोजिट स्कूल की हालत खराब है। इस स्कूल का एक हिस्सा जर्जर है जिसे विभाग एक साल पहले चिह्ति किया था। फिर भी यह भवन स्कूल परिसर में बिना मरम्मत के खड़ा है। स्थिति यह है कि इसी भवन में प्रधानाध्यापक का ऑफिस संचालित होता है। साथ ही इसी भवन के हाॅल में स्कूल के 360 बच्चों को खाना खिलाया जाता है। पड़ताल में सामने आया कि स्कूल के हिस्से के दीवार में सरिया बाहर निकला है। हालांकि इस भवन में क्लास का संचालन नहीं होता है।विद्यालय की छत और दीवारों का प्लास्टर उखड़ रहा है। बिजली सप्लाई के लिए लगाए गए तार लटकते हैं, जिससे बच्चों की सुरक्षा को गंभीर खतरा है। प्रधानाध्यापक संजय कुमार ने बताया कि यह भवन जर्जर है। जगह के अभाव में इसी हाल में बच्चों को खाना खिलाया जाता है।
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जिले में 30 स्कूल घोघित हैं जर्जर
मऊ। जिले में शिक्षा विभाग ने तीस स्कूलों को जर्जर भवन की श्रेणी में शामिल किया है। जर्जर भवनों के नाम पर गौर करें तो घोसी ब्लाक के कंपोजिट स्कूल मटिया, प्राथमिक स्कूल हांसापुर, कंपोजिट स्कूल अरियासो, उच्च प्राथमिक स्कूल बरौली, प्राथमिक स्कूल ताहिरपुर, प्राथमिक स्कूल घोसी सेकेंड, प्राथमिक स्कूल पवनी जबकि फतेहपुर मंडाव ब्लाक के प्राथमिक स्कूल खीरीकोठा, कंपोजिट स्कूल पदारथपुर, प्राथमिक स्कूल तालरतोय, प्राथमिक स्कूल चांदपुर बहादूरपुर है।
कोपागंज ब्लाॅक का कंपोजिट स्कूल लिलारी भरौली, उच्च प्राथमिक स्कूल पारा मुबारकपुर, प्राथमिक स्कूल चेरूइंया, प्राथमिक स्कूल रईसा, प्राथमिक स्कूल अब्बूपुर तो रानीपुर ब्लाक का प्राथमिक स्कूल असलपुर, प्राथमिक स्कूल अब्दुलाहपुर, प्राथमिक स्कूल सीहोरभार, करमी कंपोजिट स्कूल शामिल है। बड़राव ब्लाॅक के उच्च प्राथमिक स्कूल नदवासराय, प्राथमिक स्कूल चिरैयाडांड, प्राथमिक स्कूल अतरसावा प्राथम, प्राथमिक स्कूल भौपोरा, कंपोजिट स्कूल हेमई पिपरी, प्राथमिक स्कूल अमिला प्रथम जबकि रतनपुरा ब्लाक के कंपोजिट सकूल मोलनापुर, प्राथमिक स्कूल बकराबाद, प्राथमिक स्कूल मेवड़ीकला, कंपोजिट सकूल बेलौझा शामिल है।
जर्जर विद्यालयों को चिह्नित किया गया है। ज्यादातर जर्जर भवनों की नीलामी की कार्रवाई भी पूरी हो चुकी है। जो शेष हैं जल्द ही उनकी नीलामी कराकर घ्वस्त कराया जाएगा। - संतोष उपाध्याय, बीएसए मऊ
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परिषदीय विद्यालयों का आंकड़ा
प्राथमिक विद्यालय : 754
उच्च प्राथमिक विद्यालय : 162
कंपोजिट विद्यालय : 292
अंग्रेजों के समय का भवन, कमरे में लगा है जंगल
घोसी। तहसील क्षेत्र के उच्च प्राथमिक विद्यालय में सुबह 11 बजे पड़ताल की गई। इसे 1866 में जिले के सबसे पुराने स्कूल का दर्जा भी मिला है। यह अंग्रेजों के समय में बना भवन मरम्मत की बाट जोहता दिखा। स्कूल के शिक्षकों ने बताया कि 2019 में स्कूल में पुराने भवन का एक हिस्सा अचानक नीचे गिरने के बाद से इममें पढ़ाई तो नहीं होती है। नए भवन के तीन कमरे में कक्षा पांचवीं से लेकर आठवीं तक 152 बच्चे पढ़ते हैं। लेकिन स्कूल स्कूल में हाल नहीं होने से इसी भवन के बड़े हाल में बच्चों को मिड डे मिल का भोजन कराया जाता है। वहीं पड़ताल में विद्यालय के पुराने पांच कमरे पूरी तरह से जर्जर मिले हैं। जिसकी छत बरसात में टपक रही है, बीम भी लटक गई है। जबकि एक कमरा जिसकी मरम्मत की है वह ठीक स्थिति में मिला। प्रधानाध्यापक रेनू पांडेय ने बताया कि यह भवन पुराना है इसे मरम्मत की जरूरत है। इसी भवन से स्कूल की पहचान है।
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जर्जर हिस्सा में ही स्कूल प्रधानाध्यापक का ऑफिस
घोसी। तहसील के ही घोघवल स्थित कंपोजिट स्कूल की हालत खराब है। इस स्कूल का एक हिस्सा जर्जर है जिसे विभाग एक साल पहले चिह्ति किया था। फिर भी यह भवन स्कूल परिसर में बिना मरम्मत के खड़ा है। स्थिति यह है कि इसी भवन में प्रधानाध्यापक का ऑफिस संचालित होता है। साथ ही इसी भवन के हाॅल में स्कूल के 360 बच्चों को खाना खिलाया जाता है। पड़ताल में सामने आया कि स्कूल के हिस्से के दीवार में सरिया बाहर निकला है। हालांकि इस भवन में क्लास का संचालन नहीं होता है।विद्यालय की छत और दीवारों का प्लास्टर उखड़ रहा है। बिजली सप्लाई के लिए लगाए गए तार लटकते हैं, जिससे बच्चों की सुरक्षा को गंभीर खतरा है। प्रधानाध्यापक संजय कुमार ने बताया कि यह भवन जर्जर है। जगह के अभाव में इसी हाल में बच्चों को खाना खिलाया जाता है।
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जिले में 30 स्कूल घोघित हैं जर्जर
मऊ। जिले में शिक्षा विभाग ने तीस स्कूलों को जर्जर भवन की श्रेणी में शामिल किया है। जर्जर भवनों के नाम पर गौर करें तो घोसी ब्लाक के कंपोजिट स्कूल मटिया, प्राथमिक स्कूल हांसापुर, कंपोजिट स्कूल अरियासो, उच्च प्राथमिक स्कूल बरौली, प्राथमिक स्कूल ताहिरपुर, प्राथमिक स्कूल घोसी सेकेंड, प्राथमिक स्कूल पवनी जबकि फतेहपुर मंडाव ब्लाक के प्राथमिक स्कूल खीरीकोठा, कंपोजिट स्कूल पदारथपुर, प्राथमिक स्कूल तालरतोय, प्राथमिक स्कूल चांदपुर बहादूरपुर है।
कोपागंज ब्लाॅक का कंपोजिट स्कूल लिलारी भरौली, उच्च प्राथमिक स्कूल पारा मुबारकपुर, प्राथमिक स्कूल चेरूइंया, प्राथमिक स्कूल रईसा, प्राथमिक स्कूल अब्बूपुर तो रानीपुर ब्लाक का प्राथमिक स्कूल असलपुर, प्राथमिक स्कूल अब्दुलाहपुर, प्राथमिक स्कूल सीहोरभार, करमी कंपोजिट स्कूल शामिल है। बड़राव ब्लाॅक के उच्च प्राथमिक स्कूल नदवासराय, प्राथमिक स्कूल चिरैयाडांड, प्राथमिक स्कूल अतरसावा प्राथम, प्राथमिक स्कूल भौपोरा, कंपोजिट स्कूल हेमई पिपरी, प्राथमिक स्कूल अमिला प्रथम जबकि रतनपुरा ब्लाक के कंपोजिट सकूल मोलनापुर, प्राथमिक स्कूल बकराबाद, प्राथमिक स्कूल मेवड़ीकला, कंपोजिट सकूल बेलौझा शामिल है।
जर्जर विद्यालयों को चिह्नित किया गया है। ज्यादातर जर्जर भवनों की नीलामी की कार्रवाई भी पूरी हो चुकी है। जो शेष हैं जल्द ही उनकी नीलामी कराकर घ्वस्त कराया जाएगा। - संतोष उपाध्याय, बीएसए मऊ