सरयू नदी का जलस्तर घटते ही बिंदटोलिया गांव के पास कटान तेज होने लगी। नदी में हो रही धर्मपुर बिशुनपुर ग्राम पंचायत के बिंटोलिया नई बस्ती पुरवा का नामोनिशान मिटने के कगार पर पहुंच गया है। पुरवे का नब्बे प्रतिशत हिस्सा नदी से कटकर नदी में विलीन हो गया है। इससे बिंटोलिया नयी बस्ती के कटान पीड़ित पलायन करने को विवश हैं। बस्ती के लोग अपने सामानों सुरक्षित स्थानों पर रख रहे हैं। कटान पीडितों को जनता शिक्षा निकेतन इण्टर कालेज, दुबारी प्राथमिक विद्यालय ,खैरा तथा जूनियर विद्यालय धर्मपुर बिशुनपुर टांडी ठहराया गया है। शरणार्थी कटान पीडितों का कहना है कि उन्हें कोई सुविधा उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। प्रशासन की ओर से कटान रोकने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। बिंटोलिया नयी बस्ती गांव के पास लगातार कटान हो रही है।उधर हाहा नाला परसिया जयराम गिरी रेगुलेटर पर नदी का जलस्तर मंगलवार को 64.10 मीटर पर आ गया जबकि एक दिन पूर्व सोमवार को 64.60 मीटर पर था।शरणर्थियों का कहना है यहां कटानपीड़ित 18 परिवारों को रहने के लिए मात्र दो कमरे दिए गए हैं। इनमें कहां समान रखें और कहां पर रहें।जगह कम होने से सोने बैठने सामान रखने की समस्या हो रही है। लकड़ी से भोजन बनाने पर कमरा में धुंआ होगा और विद्यालय में छात्र छात्राओं को पढाई में परेशानी होगी। इनका कहना है कि पास में रुपये नहीं है कि रसोई गैस सिलेंडर भरवाएं। जैसे तैसे भोजन बन रहा है और कटानपीड़ितों का हाल कोई पूछने नहीं आ रहा है। विद्यालय में शरण लेने वाले शरणार्थियों सुखिया देवी, लल्लन बिंद,राम मिलन बिंद, रामदेवाल राम, सिंगार, नीबू लाल, बेंचू, नन्हकू, शिवचंद, लल्लन, शम्भू और चंदन आदि ने बताया कि उनकी सुधि लेने के लिए जनप्रतिनिधि से लेकर प्रशासनिक अधिकारी तक कोई नहीं आ रहा है।