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पुरातत्व विभाग की टीम ने किया नंदौर गांव का दौरा
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मधुबन। तहसील क्षेत्र के नन्दौर गांव स्थित लगभग 3.5 एकड़ में फैले इटकोइया भीटा पर 9 जुलाई को खुदाई के दौरान मिले ऐतिहासिक स्तूप वाले स्थल का सोमवार को पुरातत्व विभाग की सारनाथ की टीम ने निरीक्षण किया। पुरातत्व विभाग की टीम खुदाई में मिले प्रस्तर को परीक्षण के लिए अपने साथ ले गई।
खुदाई के समय लगभग दस फीट नीचे इस प्रस्तर स्तूप को लेकर दिल्ली में रह रहे नंदौर गांव के राजकुमार मल्ल सहित अन्य लोगो ने सोशल मीडिया के माध्यम से एक मुहिम चलाई। जिसके बाद गांव के ही निवासी गुजरात से सेवानिवृत डीजीपी एवं बुद्ध से कबीर तक संस्था के अध्यक्ष विनोद मल्ल ने केंद्रीय पुरातत्व विभाग सारनाथ से संपर्क कर गांव में मिले इस प्रस्तर के बारे में बताया। इसे संज्ञान में लेकर सोमवार को केंद्रीय पुरातत्व विभाग सारनाथ की टीम ग्राम नन्दौर में पहुंची और स्तूप सहित खुदाई स्थल का परीक्षण किया।
इस दौरान टीम ने 20 साल पहले गांव के रामजस प्रजापति के खेत में पानी चलाते समय मिले एक मिट्टी के वर्तन का भी परीक्षण किए। टीम अपने साथ ऐतिहासिक धरोहर से जुड़े कई तरह के नमूने ले गई । टीम के लीडर नीतीश कुमार सक्सेना ने बताया कि यह एक ऐतिहासिक खोज है जो प्राचीन भारत के इतिहास को जोड़ रहा है । परीक्षण के बाद स्थिति पूर्णरूपेण स्पष्ट हो जाएगी। इस दौरान गांव के रवि प्रताप मल्ल, अंजेश मल्ल, अवध बिहारी मल्ल, अखिलेश और विजय बहादुर मल्ल सहित अन्य ग्रामवासी मौजूद रहे।
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खुदाई के समय लगभग दस फीट नीचे इस प्रस्तर स्तूप को लेकर दिल्ली में रह रहे नंदौर गांव के राजकुमार मल्ल सहित अन्य लोगो ने सोशल मीडिया के माध्यम से एक मुहिम चलाई। जिसके बाद गांव के ही निवासी गुजरात से सेवानिवृत डीजीपी एवं बुद्ध से कबीर तक संस्था के अध्यक्ष विनोद मल्ल ने केंद्रीय पुरातत्व विभाग सारनाथ से संपर्क कर गांव में मिले इस प्रस्तर के बारे में बताया। इसे संज्ञान में लेकर सोमवार को केंद्रीय पुरातत्व विभाग सारनाथ की टीम ग्राम नन्दौर में पहुंची और स्तूप सहित खुदाई स्थल का परीक्षण किया।
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इस दौरान टीम ने 20 साल पहले गांव के रामजस प्रजापति के खेत में पानी चलाते समय मिले एक मिट्टी के वर्तन का भी परीक्षण किए। टीम अपने साथ ऐतिहासिक धरोहर से जुड़े कई तरह के नमूने ले गई । टीम के लीडर नीतीश कुमार सक्सेना ने बताया कि यह एक ऐतिहासिक खोज है जो प्राचीन भारत के इतिहास को जोड़ रहा है । परीक्षण के बाद स्थिति पूर्णरूपेण स्पष्ट हो जाएगी। इस दौरान गांव के रवि प्रताप मल्ल, अंजेश मल्ल, अवध बिहारी मल्ल, अखिलेश और विजय बहादुर मल्ल सहित अन्य ग्रामवासी मौजूद रहे।
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