160 छात्रों ने खुद को हॉस्टल में किया बंद: स्कूल प्रबंधन पर लगाए आरोप, बोले- न किताबें मिलती हैं न ही खाना
जवाहर नवोदय विद्यालय कसारा महुआर के विद्यार्थियों ने गुरुवार की भोर चार बजे से समस्याओं को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। कक्षा 9 से लेकर 12वीं तक के 160 छात्रों ने विद्यार्थी विद्यालय बालक छात्रावास में ताला लगाकर हंगामा किया। छात्रों का आरोप है कि उनकी समस्याओं को सुनने के बजाया प्राचार्य नजर अंदाज करते हैं। छात्रों ने बताया कि छह महीने पहले 160 टैबलेट आया था लेकिन किसी को वितरण नहीं किया गया।
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जवाहर नवोदय विद्यालय कसारा महुआर के विद्यार्थियों ने गुरुवार की सुबह समस्याओं को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। बालक छात्रावास भवन गेट पर 160 छात्रों ने पहले विद्यालय प्रबंधन को लेकर नारेबाजी की, इसके बाद खुद को हास्टल में बंद कर जिलाधिकारी को बुलाने की मांग करने लगे। इस दौरान किसी छात्र ने नाश्ता तक नहीं किया था।पांच घंटे तक विद्यालय प्रबंधन नराज छात्रों का मान मनौवल करता रहा, लेकिन कोई असर न देखकर इस संबंध में जिलाधिकारी को सूचना दी। डीएम अरुण कुमार के पहुंचने पर छात्रों ने हास्टल से बाहर निकले और शिकायत रखी। जिलाधिकारी के आश्वासन पर छात्र शांत हुए और इसके बाद एसडीएम सदर के सामने छात्रों ने भोजन किया।
जवाहर नवोदय विद्यालय कसारा महुआर के विद्यार्थियों ने गुरुवार की भोर चार बजे से समस्याओं को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। कक्षा 9 से लेकर 12वीं तक के 160 छात्रों ने विद्यार्थी विद्यालय बालक छात्रावास में ताला लगाकर हंगामा किया। छात्रों का आरोप है कि उनकी समस्याओं को सुनने के बजाया प्राचार्य नजर अंदाज करते हैं। छात्रों ने बताया कि छह महीने पहले 160 टैबलेट आया था लेकिन किसी को वितरण नहीं किया गया। यहां एक सब्जेक्ट चलता है एडिशनल सब्जेक्ट इसके लिए एक अलग से शिक्षक होते है लेकिन अबतक इनकी नियुक्ति नही हुई। इसकी किताबें भी नहीं मिल रही हैं लाइब्रेरी से।इतना ही नहीं उन्हें मेन्यू के अनुसार खाना भी अच्छा नहीं मिलता है। इससे नाराज होकर छात्र मजबूरन प्रदर्शन करने को बाध्य हो गए। भोर से ही बिना भोजन पानी के हास्टल के अदंर बंद छात्रों को बाहर आने के लिए विद्यालय के उप प्राचार्या सीपी राय और अध्यापक छात्रों को मनाकर बाहर आने की मशक्कत करते रहे, लेकिन छात्र जिलाधिकारी अरुण कुमार के आने पर गेट खोलने की जिद में पर अड़े रहे।