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देवी मंदिरों मेें दर्शन को उमड़े
Sat, 13 Apr 2019 12:29 AM IST
पवन सिंह
mau
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Published by: पवन सिंह
Updated Sat, 13 Apr 2019 12:29 AM IST
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durga
नवरात्र के सातवें दिन शुक्रवार को दुर्गा मंदिरों में मां दुर्गा के सातवें स्वरुप सप्तम कालरात्रि की आराधना की गई। दूर दराज से आए श्रद्घालुओं ने मां के चरणों में शीश नवाकर मंगलकामना की। श्रद्घालुओं के जयकारे से मंदिर गूंज उठा। शुक्रवार को कई इलाकों में महिलाओं ने रात मेें अष्टमी का कलश स्थापित कर विधि विधान से जागरण कर मां दुर्गा की पूजा की। जबकि कई इलाकों में शनिवार को को महिलाएं अष्टमी का व्रत रख पूजन अर्चन करेंगी। इसी दिन अष्टमी तथा रामनवमी का पर्व भी मनाया जाएगा।
नगर के शीतला माता मंदिर, आजमगढ़ मोड़ स्थित मां सिद्घेश्वरी मंदिर, वनदेवी धाम, निधियांव गांव का अष्टभुजी मंदिर, मांदी सिपाह स्थित मां कोयल मर्याद भवानी माई मंदिर सहित विभिन्न देवी मंदिरों मेें तड़के से ही भक्तों का रेला लगा रहा। दूर दराज सहित गैर जनपदों से पहुंचे भारी संख्या में श्रद्घालुओं ने श्रद्घा भाव से मत्था टेका। कहा जाता है कि कालीजी की पूजा से सब कुछ सिद्घ होता है। नवरात्र में सप्तमी का विशेष महत्व है। मां काली नवरात्र के सातवें दिन दुर्गा मंदिरों में विराजमान होती हैं। इसी मान्यता के तहत जगत जननी मां का दर्शन करने के लिए आए भक्तों ने विधि विधान से पूजन अर्चन किया। शक्ति की उपासना करके फल की प्राप्ति के लिए हर रोज भारी संख्या में श्रद्घालु मां का दर्शन कर रहे हैं। मां के जयकारे तथा भक्तों की भारी भीड़ से प्रमुख मंदिर परिसर में मेला जैसा दृश्य हो गया है।
कोई नारियल, चुनरी सहित मिष्ठान चढ़ाकर मां की आराधना कर रहा है तो कोई पूड़ी हलवा चढ़ाकर मां का पूजन अर्चन कर रहा है। उधर शुक्रवार को कई इलाकों में महिलाओं ने रात मेें अष्टमी का कलश स्थापित कर विधि विधान से जागरण कर मां दुर्गा की पूजा की। जबकि कई इलाकों में शनिवार को को महिलाएं अष्टमी का व्रत रखेंगी। साथ ही विधि विधान से पूजन अर्चन करेंगी। रतनपुरा के पं. जयगोविंद मिश्र ने बताया कि शनिवार को अष्टमी तथा रामनवमी पर्व मनाया जाएगा। बताया कि शनिवार को पूर्वाह्न 8:16 बजे के बाद ही नवमी तिथि लग जाएगी। इसलिए अष्टमी तथा नवमी पर्व मनाया जाएगा। अमिला : कायस्थ टोला स्थित मां दुर्गा मंदिर, ठाकुरद्वारा परिसर स्थित मां काली मंदिर में विधिविधान से पूजन अर्चन की गई। फतहपुर मंडाव : कटघरा शंकर रौजा स्थित दुर्गा मंदिर, बस्ती वर्षी निधियाव के अष्टभुजी मंदिर में श्रद्धालुओं का रेला लगा रहा।
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नगर के शीतला माता मंदिर, आजमगढ़ मोड़ स्थित मां सिद्घेश्वरी मंदिर, वनदेवी धाम, निधियांव गांव का अष्टभुजी मंदिर, मांदी सिपाह स्थित मां कोयल मर्याद भवानी माई मंदिर सहित विभिन्न देवी मंदिरों मेें तड़के से ही भक्तों का रेला लगा रहा। दूर दराज सहित गैर जनपदों से पहुंचे भारी संख्या में श्रद्घालुओं ने श्रद्घा भाव से मत्था टेका। कहा जाता है कि कालीजी की पूजा से सब कुछ सिद्घ होता है। नवरात्र में सप्तमी का विशेष महत्व है। मां काली नवरात्र के सातवें दिन दुर्गा मंदिरों में विराजमान होती हैं। इसी मान्यता के तहत जगत जननी मां का दर्शन करने के लिए आए भक्तों ने विधि विधान से पूजन अर्चन किया। शक्ति की उपासना करके फल की प्राप्ति के लिए हर रोज भारी संख्या में श्रद्घालु मां का दर्शन कर रहे हैं। मां के जयकारे तथा भक्तों की भारी भीड़ से प्रमुख मंदिर परिसर में मेला जैसा दृश्य हो गया है।
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कोई नारियल, चुनरी सहित मिष्ठान चढ़ाकर मां की आराधना कर रहा है तो कोई पूड़ी हलवा चढ़ाकर मां का पूजन अर्चन कर रहा है। उधर शुक्रवार को कई इलाकों में महिलाओं ने रात मेें अष्टमी का कलश स्थापित कर विधि विधान से जागरण कर मां दुर्गा की पूजा की। जबकि कई इलाकों में शनिवार को को महिलाएं अष्टमी का व्रत रखेंगी। साथ ही विधि विधान से पूजन अर्चन करेंगी। रतनपुरा के पं. जयगोविंद मिश्र ने बताया कि शनिवार को अष्टमी तथा रामनवमी पर्व मनाया जाएगा। बताया कि शनिवार को पूर्वाह्न 8:16 बजे के बाद ही नवमी तिथि लग जाएगी। इसलिए अष्टमी तथा नवमी पर्व मनाया जाएगा। अमिला : कायस्थ टोला स्थित मां दुर्गा मंदिर, ठाकुरद्वारा परिसर स्थित मां काली मंदिर में विधिविधान से पूजन अर्चन की गई। फतहपुर मंडाव : कटघरा शंकर रौजा स्थित दुर्गा मंदिर, बस्ती वर्षी निधियाव के अष्टभुजी मंदिर में श्रद्धालुओं का रेला लगा रहा।
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