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अपराजिता कालम: जिले की दो बेटियों ने लिखी सफलता की गाथा
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बढुआगोदाम (मऊ)। मंजिल उनको मिलती है जिनके सपनों में जान होती है। पंख होने से कुछ नहीं होता है हौसले से उड़ान होती है को सच साबित किया है। जिले के दो बेटियों ने सीमित संसाधनों की बदौलत सफलता की गाथा लिखकर जिले को गौरवांवित किया है। परदहां ब्लाक क्षेत्र के ताजोपुर निवासी अंशु पांडेय सशस्त्र सीमा बल असम मेें इंस्पेक्टर पद पर तैनात होकर देशसेवा में योगदान कर रही हैं। सशस्त्र सीमा बल के डीआईजी ने गत माह सीमा पर बेहतर कार्य करने के लिए प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया है। वहीं कोपागंज ब्लाक क्षेत्र के ढेकवारा निवासी रानी यादव ने राज्यस्तरीय बेसिक बाल क्रीड़ा प्रतियोगिता में 200 मीटर दौड़ में तीन बार स्वर्ण पदक जीतकर जिले का गौरव बढ़ाया है। जबकि नेशनल स्कूल गेम्स में कास्य पदक जीतने में सफलता हासिल किया।
परदहां ब्लाक क्षेत्र के ताजोपुर निवासी अंशू पांडेय पहले ही प्रयास में वर्ष 2019 में सशस्त्र सीमा बल मेें इंस्पेक्टर पद पर चयनित हो गईं। अंशु ने एसएसबी एकेडमी श्रीनगर गढ़वाल से ट्रेनिंग पूरी की। वर्तमान में सशस्त्र सीमा बल असम में इंस्पेक्टर पद पर तैनात हैं। बेहतर कार्य पर सशस्त्र सीमा बल के डीआईजी ने गत माह इंस्पेक्टर अंशु को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। अंशु कहती हैं कि पढ़ाई पूरी करने बाद ही उन्होंने सशस्त्र सीमा बल में जाने का लक्ष्य निर्धारित कर लिया था।
उन्होंने बताया कि 11 से 12 घंटे तक अनुशासन से पढ़ाई की। सशस्त्र सीमा बल में ही उच्च पद तक पहुंचने के लिए कड़ी मेहनत कर रही हैं। छठवीं कक्षा के दौरान पिताजी के असामयिक निधन के बाद भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। कड़ी मेहनत से पढ़ाई जारी रखी। फातिमा स्कूल से हाईस्कूल, इंटर किया। वर्ष 2016 से बीएचयू वाराणसी से स्नातक किया। अंशु के दो भाई इंजीनियर हैं। मां डाक विभाग मेें कार्यरत हैं।
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कोपागंज ब्लाक क्षेत्र के ढेकवारा निवासी तथा उच्च प्राथमिक विद्यालय ढेकवारा की आठवीं की छात्रा रानी यादव ने राज्यस्तरीय बेसिक बाल क्रीड़ा प्रतियोगिता में 200 मीटर दौड़ में वर्ष 2017, 2018, 2019 में तीन बार स्वर्णपदक हासिल कर जिले का गौरव बढ़ाया है। रानी यादव ने आर्थिक तंगी के बाद भी हिम्मत नहीं हारी। नेशनल स्कूली गेम्स मेें 200 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीतकर परचम लहराया। अब वह स्पोर्ट्स कॉलेज में दाखिला के लिए कड़ी मेहनत कर रही है। रानी यादव ने बताया कि सफल एथलीट बनकर राष्ट्रीय तथा अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में पदक जीतने की तमन्ना है। रानी के पिता जयश्री यादव किसान हैं। आर्थिक स्थिति दयनीय होने के बाद भी बिटिया को एथलीट बनाने में दिन रात एक किए हुए हैं।
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परदहां ब्लाक क्षेत्र के ताजोपुर निवासी अंशू पांडेय पहले ही प्रयास में वर्ष 2019 में सशस्त्र सीमा बल मेें इंस्पेक्टर पद पर चयनित हो गईं। अंशु ने एसएसबी एकेडमी श्रीनगर गढ़वाल से ट्रेनिंग पूरी की। वर्तमान में सशस्त्र सीमा बल असम में इंस्पेक्टर पद पर तैनात हैं। बेहतर कार्य पर सशस्त्र सीमा बल के डीआईजी ने गत माह इंस्पेक्टर अंशु को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। अंशु कहती हैं कि पढ़ाई पूरी करने बाद ही उन्होंने सशस्त्र सीमा बल में जाने का लक्ष्य निर्धारित कर लिया था।
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उन्होंने बताया कि 11 से 12 घंटे तक अनुशासन से पढ़ाई की। सशस्त्र सीमा बल में ही उच्च पद तक पहुंचने के लिए कड़ी मेहनत कर रही हैं। छठवीं कक्षा के दौरान पिताजी के असामयिक निधन के बाद भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। कड़ी मेहनत से पढ़ाई जारी रखी। फातिमा स्कूल से हाईस्कूल, इंटर किया। वर्ष 2016 से बीएचयू वाराणसी से स्नातक किया। अंशु के दो भाई इंजीनियर हैं। मां डाक विभाग मेें कार्यरत हैं।
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कोपागंज ब्लाक क्षेत्र के ढेकवारा निवासी तथा उच्च प्राथमिक विद्यालय ढेकवारा की आठवीं की छात्रा रानी यादव ने राज्यस्तरीय बेसिक बाल क्रीड़ा प्रतियोगिता में 200 मीटर दौड़ में वर्ष 2017, 2018, 2019 में तीन बार स्वर्णपदक हासिल कर जिले का गौरव बढ़ाया है। रानी यादव ने आर्थिक तंगी के बाद भी हिम्मत नहीं हारी। नेशनल स्कूली गेम्स मेें 200 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीतकर परचम लहराया। अब वह स्पोर्ट्स कॉलेज में दाखिला के लिए कड़ी मेहनत कर रही है। रानी यादव ने बताया कि सफल एथलीट बनकर राष्ट्रीय तथा अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में पदक जीतने की तमन्ना है। रानी के पिता जयश्री यादव किसान हैं। आर्थिक स्थिति दयनीय होने के बाद भी बिटिया को एथलीट बनाने में दिन रात एक किए हुए हैं।