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बाइक के धक्के से घायल एक और युवक की मौत
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घोसी। नगर के स्टेशन रोड पर सोमवार को हुये हादसे में घायल एक और युवक की मौत हो गई। मंगलवार को इलाज के दौरान उसने दम तोड़ा। आजमगढ़ से युवक की लाश के घर लाते ही माहौल गमगीन हो गया।
नगर के बड़ागांव मोड़ निवासी आशीष निषाद, सुमित निषाद अपने दो रिश्तेदारों सूरज निषाद एवं कान्हा निषाद के साथ मोटरसाइकिल से सोमवार की सुबह मझवारा मोड़ की तरफ गये थे। वापस आते समय स्टेशन रोड पर सीतापुर आंख अस्पताल के पास उनकी मोटरसाइकिल अनियंत्रित होकर एक चाट के स्टाल से टकरा गयी। हादसे में सूरज की घटना स्थल पर ही मौत ही गई थी।
घायलों को आजमगढ़ स्थित एक नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था। वहां आशीष (17) की इलाज के दौरान सोमवार की रात मौत हो गई। पिता कैलाश निषाद के साथ परिजन आशीष की लाश को घर लाये। मंगलवार की सुबह उसकी लाश को घर लाया गया। इससे गांव में मातम पसर गया। वह अपने घर में सबसे छोटा था।
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पुत्र की लाश देख कर माता पूनम देवी, पिता कैलाश के साथ बड़े भाइयों रामप्रवेश, रामरतन के साथ बहनें धाड़ें मारकर रोने लगीं। इस अवसर पर समाजसेवी मुन्ना गुप्ता, सुनील गुप्ता, दीपचंद्र निषाद, अभय तिवारी, राजेश जायसवाल, रज्जू ओमर आदि शोकाकुल परिवार को बराबर ढांढस देते रहे।
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नगर के बड़ागांव मोड़ निवासी आशीष निषाद, सुमित निषाद अपने दो रिश्तेदारों सूरज निषाद एवं कान्हा निषाद के साथ मोटरसाइकिल से सोमवार की सुबह मझवारा मोड़ की तरफ गये थे। वापस आते समय स्टेशन रोड पर सीतापुर आंख अस्पताल के पास उनकी मोटरसाइकिल अनियंत्रित होकर एक चाट के स्टाल से टकरा गयी। हादसे में सूरज की घटना स्थल पर ही मौत ही गई थी।
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घायलों को आजमगढ़ स्थित एक नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था। वहां आशीष (17) की इलाज के दौरान सोमवार की रात मौत हो गई। पिता कैलाश निषाद के साथ परिजन आशीष की लाश को घर लाये। मंगलवार की सुबह उसकी लाश को घर लाया गया। इससे गांव में मातम पसर गया। वह अपने घर में सबसे छोटा था।
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पुत्र की लाश देख कर माता पूनम देवी, पिता कैलाश के साथ बड़े भाइयों रामप्रवेश, रामरतन के साथ बहनें धाड़ें मारकर रोने लगीं। इस अवसर पर समाजसेवी मुन्ना गुप्ता, सुनील गुप्ता, दीपचंद्र निषाद, अभय तिवारी, राजेश जायसवाल, रज्जू ओमर आदि शोकाकुल परिवार को बराबर ढांढस देते रहे।