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धर्म गुरु को फांसी के खिलाफ गुस्सा
ब्यूरो, अमर उजाला, मऊ
Updated Tue, 05 Jan 2016 12:06 AM IST
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शिया समुदाय के लोगों का गुस्सा सोमवार को जनसैलाब के रूप में सड़क पर उतर आया। सऊदी सरकार द्वारा शिया धर्मगुरु को फांसी तथा पठानकोट में आतंकी हमलों के विरोध में सदर शिया इमाम बाड़ा से लेकर तहसील तक विरोध मार्च निकाला। विरोध प्रदर्शन जुलूस में महिलाओं की बड़ी संख्या रही।
जुलूस के तहसील पर पहुंचने पर सभा हुई। राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री आदि को संबोधित 6 सूत्रीय मांग पत्र तहसीलदार सुनील बर्नवाल को सौंपा किया।
सऊदी में शियाधर्म गुरु शेख निम्र अल निम्र तथा अन्य समर्थकों को फांसी दिए जाने के साथ पठानकोट में आतंकी हमले के विरोध में घोसी नगर के शिया समुदाय के लोग बड़ागांव शियमोहल्ला से बड़ागांव का भ्रमण करने के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित शियासदर इमामबाड़ा पहुंचे।
यहां से हजारों की संख्या में हाथों में सऊदी व नाइजीरिया सरकार के साथ आतंकवाद के विरुद्ध नारे लिखे बैनर लिए बस स्टेशन, स्टेशनरोड, कोतवाली होते हुए तहसील पहुंचे। यहां पर सभा हुई। इस अवसर पर मौलाना हुसैनी ने कहा की सऊदी सरकार व नाइजीरिया सरकार द्वारा शिया धर्मगुरुओं की हत्या मानवता विरोधी कार्य है। इसकी जितनी निंदा की जाय वह कम है।
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यह शिया समुदाय को डराने तथा धार्मिक स्वतंत्रता से दूर करने की साजिश है। कहा कि दोनों धर्मगुरुओं के साथ अन्य का क़त्ल मानवता का क़त्ल है। इस घटना के बाद समूचे विश्व में सऊदी सरकार की आलोचना हो रही है। सऊदी सरकार का कदम सरकारी आतंकवाद है।
यह इस्लाम विरोधी है। अल्लाह, सऊदी सरकार को इसकी सजा जरूर देगा। इसके लिए सऊदी सरकार व नाइजीरिया की सरकार मानवता की गुनहगार है। मांग कि की विश्व समुदाय के साथ संयुक्त राष्ट्रसंघ इस पर संज्ञान लेकर कार्यवाही करे।
मौलाना सैयद अली फकरी ने कहा की आज घोसी की सड़कों पर उमड़ा मुसलमानों का हुजूम यह बताता है कि इस घटना को लेकर लोगों में रोष है। सऊदी सरकार फांसीवाद के रास्ते पर चल रही है। कहा कि इस्लाम में आतंकवाद के लिए कोई जगह नही है।
कहा की हम शिया समुदाय के लोग इस तरह की घटना तथा आतंकवाद का हमेशा शांति पूर्ण ढंग से विरोध करते रहेंगे। इस अवसर पर प्रमुख रूप से मौलाना नसीमुल हुसैन, गजनफर, मौलाना काजिम, मौलाना हसनअब्बास, मौलाना अहमद, मौलाना जाफर नसीम अख्तर, असगर, अब्दुल क़य्यूम, इफ़्तेख़ार, आलेहसन, मौलाना तकी, मास्टर असगर आदि हजारों शामिल रहे।
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जुलूस के तहसील पर पहुंचने पर सभा हुई। राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री आदि को संबोधित 6 सूत्रीय मांग पत्र तहसीलदार सुनील बर्नवाल को सौंपा किया।
सऊदी में शियाधर्म गुरु शेख निम्र अल निम्र तथा अन्य समर्थकों को फांसी दिए जाने के साथ पठानकोट में आतंकी हमले के विरोध में घोसी नगर के शिया समुदाय के लोग बड़ागांव शियमोहल्ला से बड़ागांव का भ्रमण करने के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित शियासदर इमामबाड़ा पहुंचे।
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यहां से हजारों की संख्या में हाथों में सऊदी व नाइजीरिया सरकार के साथ आतंकवाद के विरुद्ध नारे लिखे बैनर लिए बस स्टेशन, स्टेशनरोड, कोतवाली होते हुए तहसील पहुंचे। यहां पर सभा हुई। इस अवसर पर मौलाना हुसैनी ने कहा की सऊदी सरकार व नाइजीरिया सरकार द्वारा शिया धर्मगुरुओं की हत्या मानवता विरोधी कार्य है। इसकी जितनी निंदा की जाय वह कम है।
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यह शिया समुदाय को डराने तथा धार्मिक स्वतंत्रता से दूर करने की साजिश है। कहा कि दोनों धर्मगुरुओं के साथ अन्य का क़त्ल मानवता का क़त्ल है। इस घटना के बाद समूचे विश्व में सऊदी सरकार की आलोचना हो रही है। सऊदी सरकार का कदम सरकारी आतंकवाद है।
यह इस्लाम विरोधी है। अल्लाह, सऊदी सरकार को इसकी सजा जरूर देगा। इसके लिए सऊदी सरकार व नाइजीरिया की सरकार मानवता की गुनहगार है। मांग कि की विश्व समुदाय के साथ संयुक्त राष्ट्रसंघ इस पर संज्ञान लेकर कार्यवाही करे।
मौलाना सैयद अली फकरी ने कहा की आज घोसी की सड़कों पर उमड़ा मुसलमानों का हुजूम यह बताता है कि इस घटना को लेकर लोगों में रोष है। सऊदी सरकार फांसीवाद के रास्ते पर चल रही है। कहा कि इस्लाम में आतंकवाद के लिए कोई जगह नही है।
कहा की हम शिया समुदाय के लोग इस तरह की घटना तथा आतंकवाद का हमेशा शांति पूर्ण ढंग से विरोध करते रहेंगे। इस अवसर पर प्रमुख रूप से मौलाना नसीमुल हुसैन, गजनफर, मौलाना काजिम, मौलाना हसनअब्बास, मौलाना अहमद, मौलाना जाफर नसीम अख्तर, असगर, अब्दुल क़य्यूम, इफ़्तेख़ार, आलेहसन, मौलाना तकी, मास्टर असगर आदि हजारों शामिल रहे।