{"_id":"588644b04f1c1b403fcf4218","slug":"andu-flights-from-exercise-faster","type":"story","status":"publish","title_hn":"अंधऊ से उड़ानों की कवायद तेज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अंधऊ से उड़ानों की कवायद तेज
अमर उजाला ब्यूरो/मऊ
Updated Mon, 23 Jan 2017 11:37 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पूर्वांचल के गाजीपुर जिले के अंधऊ हवाई पट्टी से घरेलू उड़ान शुरू कराने की कवायद तेज हो गई है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने उड्डयन मंत्रालय और प्रदेश सरकार की रिपोर्ट को एअर पोर्ट अथारिटी ऑफ इंडिया के योजना के निदेशक को भेजा है। पीएमओ ने अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत के जिला संयोजक राघवेंद्र राय शर्मा को इस आशय का पत्र जारी किया है।
अंधऊपर हवाई पट्टी से घरेलू उड़ान शुरू होने से मऊ, गाजीपुर सहित आसपास के जनपदों के लोगों को काफी आसानी होगी। गाजीपुर स्थित अंधऊ हवाई पट्टी से घरेलू उड़ानों के संचालन के लिए अखिल ग्राहक पंचायत के जिला संयोजक राघवेंद्र राय शर्मा ने उड्डयन मंत्रालय, प्रधानमंत्री कार्यालय को पत्र लिखा था। भारत सरकार को लिखे पत्र में उड्डयन मंत्रालय ने बताया था कि हवाई पट्टियों को विकसित करने की योजना है। अंधऊ हवाई पट्टी उत्तर प्रदेश सरकार के अधीन है। अगर प्रदेश सरकार चाहे तो इस योजना का लाभ ले सकती है। प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा इस विषय को मुख्यमंत्री कार्यालय अग्रेसित किया गया। जिसमें उड्डयन सचिव द्वारा बताया गया था कि घरेलू उड़ान के लिए हवाई पट्टी का उच्चीकरण/विस्तारीकरण किया जाना होगा, लेकिन राज्य सरकार द्वारा ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है ।
शिकायतकर्ता ने उड्डयन मंत्रालय तथा प्रदेश सरकार के रिपोर्ट को संदर्भ संख्या के साथ छह जनवरी 2017 को उत्तर प्रदेश सरकार को ऐसा प्रस्ताव पारित कराने के लिए प्रधानमंत्री को पत्र भेजा। पीएमओ के पत्र पर उड्डयन मंत्रालय ने एअरपोर्ट अथारिटी ऑफ़ इंडिया के कार्यकारी योजना निदेशक से रिपोर्ट मांगा। प्रदेश सरकार के नागरिक उड्डयन के निदेशक ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि भारत सरकार की एविएशन पालिसी 2016 के अंतर्गत किसी भी हवाई पट्टी को रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम में सम्मिलित किया जा सकता है। भारत सरकार के स्तर पर बिडिंग की कार्यवाही की जा रही है। यदि ग़ाजीपुर हवाई पट्टी के लिए भी एयरलाइंस तथा नॉन शेड्यूल्ड ऑपरेटर्स इच्छुक होते हैं तो उसे ग़ाजीपुर की लिए एयर सर्विसेज आरंभ करने के लिए अनुमति स्वत: प्राप्त हो जाएगी। अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत के जिला संयोजक राघवेंद्र राय का कहना है कि इसके विकसित होने से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
अंधऊपर हवाई पट्टी से घरेलू उड़ान शुरू होने से मऊ, गाजीपुर सहित आसपास के जनपदों के लोगों को काफी आसानी होगी। गाजीपुर स्थित अंधऊ हवाई पट्टी से घरेलू उड़ानों के संचालन के लिए अखिल ग्राहक पंचायत के जिला संयोजक राघवेंद्र राय शर्मा ने उड्डयन मंत्रालय, प्रधानमंत्री कार्यालय को पत्र लिखा था। भारत सरकार को लिखे पत्र में उड्डयन मंत्रालय ने बताया था कि हवाई पट्टियों को विकसित करने की योजना है। अंधऊ हवाई पट्टी उत्तर प्रदेश सरकार के अधीन है। अगर प्रदेश सरकार चाहे तो इस योजना का लाभ ले सकती है। प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा इस विषय को मुख्यमंत्री कार्यालय अग्रेसित किया गया। जिसमें उड्डयन सचिव द्वारा बताया गया था कि घरेलू उड़ान के लिए हवाई पट्टी का उच्चीकरण/विस्तारीकरण किया जाना होगा, लेकिन राज्य सरकार द्वारा ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है ।
विज्ञापन
शिकायतकर्ता ने उड्डयन मंत्रालय तथा प्रदेश सरकार के रिपोर्ट को संदर्भ संख्या के साथ छह जनवरी 2017 को उत्तर प्रदेश सरकार को ऐसा प्रस्ताव पारित कराने के लिए प्रधानमंत्री को पत्र भेजा। पीएमओ के पत्र पर उड्डयन मंत्रालय ने एअरपोर्ट अथारिटी ऑफ़ इंडिया के कार्यकारी योजना निदेशक से रिपोर्ट मांगा। प्रदेश सरकार के नागरिक उड्डयन के निदेशक ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि भारत सरकार की एविएशन पालिसी 2016 के अंतर्गत किसी भी हवाई पट्टी को रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम में सम्मिलित किया जा सकता है। भारत सरकार के स्तर पर बिडिंग की कार्यवाही की जा रही है। यदि ग़ाजीपुर हवाई पट्टी के लिए भी एयरलाइंस तथा नॉन शेड्यूल्ड ऑपरेटर्स इच्छुक होते हैं तो उसे ग़ाजीपुर की लिए एयर सर्विसेज आरंभ करने के लिए अनुमति स्वत: प्राप्त हो जाएगी। अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत के जिला संयोजक राघवेंद्र राय का कहना है कि इसके विकसित होने से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
विज्ञापन