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Mau News: सुरक्षा के बीच निकले ताजिये के जुलूस सीनाजनी और जंजीरों का मातम किया
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घोसी के बड़ागांव में निकला ताजिया जुलूस। संवाद
नगर सहित जिले के विभिन्न इलाकों में मुहर्रम की 10वीं तारीख को ताजियादारों ने हजरत इमाम हुसैन की याद में शुक्रवार को ताजिया के जुलूस निकाले। नगर में कदीमी रास्तों से होकर जुलूस निकला।
अंजुमनों की ओर से नौहाख्वानी के बीच सीनाजनी और जंजीरों का मातम किया गया। नगर क्षेत्र के कुल सात स्थानों से निकले 10वीं मोहर्रम जुलूस के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए थे।
नगर क्षेत्र में 10वीं मुहर्रम का जुलूस विशेष रूप से रौजा बाजार, क्यारी टोला, घास बाजार, गोला बाजार और शाही कटरा से निकला। इन इलाकों से निकले ताजिया जुलूस में अलग-अलग ताजियादार संगठनों के लोग शामिल रहे, जो नौहे और मातमी गीतों की धुनों पर सीनाजनी करते हुए चल रहे थे।
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देर शाम से ही ताजियादारों का कारवां नगर के मुख्य मार्ग की ओर बढ़ता रहा। विभिन्न अखाड़ों के युवा जुलूस में करतब दिखाते हुए आगे बढ़ रहे थे।
घोसी नगर के बड़ागांव की प्रसिद्ध 10वीं मुहर्रम का जुलूस गम के बीच पूरे रीति-रिवाज के साथ शुक्रवार की शाम राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित शिया इमामबारगाह एनएच 29 पर आकर समाप्त हुआ।
यहां अंजुमनों ने नौहाख्वानी के साथ जंजीरों का मातम किया। कर्बला पहुंचने के बाद ताजियों को दफन किया गया और शाम-ए-गरीबा के बाद कार्यक्रम समाप्त हुआ।
वलीदपुर :
मुहम्मदाबाद गोहना कोतवाली क्षेत्र में शुक्रवार को मुहर्रम की 10वीं तारीख को ताजियादारों ने पैगंबर हजरत इमाम हुसैन की याद में ताजिया जुलूस निकाला। जुलूस निर्धारित मार्गों से होकर कर्बला पहुंचा, जहां धार्मिक परंपराओं के अनुसार ताजियों का दफन किया गया।
सूरजपुर : क्षेत्र के कोरौली सहित विभिन्न इलाकों में मुहर्रम की 10वीं तारीख को ताजियादारों ने जुलूस निकाला। जुलूस निर्धारित मार्गों से होकर कर्बला पहुंचा, जहां परंपरागत रस्में अदा की गईं।
करहां : मुहर्रम की नौवीं और दसवीं तारीख को ताजियादारों ने जुलूस निकाला। जुलूस जोगी टोला से प्रारंभ होकर करहां बाजार के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए आतागंज मोहल्ले पहुंचा, जहां निर्धारित चौतरे पर ताजिया स्थापित किया गया। इस दौरान अकीदतमंदों ने कर्बला के शहीदों को खिराज-ए-अकीदत पेश करते हुए मातम किया।
कोपागंज : आशूरा पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच अलम और ताजियों का जुलूस निकाला गया। इस दौरान पूरा क्षेत्र या अली, या हुसैन की सदाओं से गूंज उठा। जुलूस चौक नंबर एक फुलेलपुरा से शुरू होकर विभिन्न मार्गों से होते हुए कर्बला पहुंचा, जहां देर शाम ताजियों को दफन किया गया।
जुलूस का आगाज मौलाना हसन रजा की तकरीर के साथ हुआ, जिसमें कर्बला की घटना और इमाम हुसैन की कुर्बानी पर प्रकाश डाला गया। बाद में विभिन्न अंजुमनों ने नौहा-मातम कर अकीदत पेश की।
अमिला :
नगर के करपिया मलिक बंजारी, हेमई और चिरैयाडांड़ से मातमी जुलूस अमिला नगर के मध्य चौक स्थित इमाम चौक पर एकत्रित हुए। इस दौरान अकीदतमंदों ने ‘या हुसैन, या हुसैन’ की सदाएं बुलंद करते हुए नौहाख्वानी और मातम किया।
क्रांतिकारी झारखंडे राय यूथ ब्रिगेड के अध्यक्ष विवेक राय उर्फ गोलू राय ने अमिला कोट से गुजरने वाली करपिया मलिक के ताजियादारों के लिए जलपान की व्यवस्था कराई।
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अंजुमनों की ओर से नौहाख्वानी के बीच सीनाजनी और जंजीरों का मातम किया गया। नगर क्षेत्र के कुल सात स्थानों से निकले 10वीं मोहर्रम जुलूस के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए थे।
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नगर क्षेत्र में 10वीं मुहर्रम का जुलूस विशेष रूप से रौजा बाजार, क्यारी टोला, घास बाजार, गोला बाजार और शाही कटरा से निकला। इन इलाकों से निकले ताजिया जुलूस में अलग-अलग ताजियादार संगठनों के लोग शामिल रहे, जो नौहे और मातमी गीतों की धुनों पर सीनाजनी करते हुए चल रहे थे।
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देर शाम से ही ताजियादारों का कारवां नगर के मुख्य मार्ग की ओर बढ़ता रहा। विभिन्न अखाड़ों के युवा जुलूस में करतब दिखाते हुए आगे बढ़ रहे थे।
घोसी नगर के बड़ागांव की प्रसिद्ध 10वीं मुहर्रम का जुलूस गम के बीच पूरे रीति-रिवाज के साथ शुक्रवार की शाम राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित शिया इमामबारगाह एनएच 29 पर आकर समाप्त हुआ।
यहां अंजुमनों ने नौहाख्वानी के साथ जंजीरों का मातम किया। कर्बला पहुंचने के बाद ताजियों को दफन किया गया और शाम-ए-गरीबा के बाद कार्यक्रम समाप्त हुआ।
वलीदपुर :
मुहम्मदाबाद गोहना कोतवाली क्षेत्र में शुक्रवार को मुहर्रम की 10वीं तारीख को ताजियादारों ने पैगंबर हजरत इमाम हुसैन की याद में ताजिया जुलूस निकाला। जुलूस निर्धारित मार्गों से होकर कर्बला पहुंचा, जहां धार्मिक परंपराओं के अनुसार ताजियों का दफन किया गया।
सूरजपुर : क्षेत्र के कोरौली सहित विभिन्न इलाकों में मुहर्रम की 10वीं तारीख को ताजियादारों ने जुलूस निकाला। जुलूस निर्धारित मार्गों से होकर कर्बला पहुंचा, जहां परंपरागत रस्में अदा की गईं।
करहां : मुहर्रम की नौवीं और दसवीं तारीख को ताजियादारों ने जुलूस निकाला। जुलूस जोगी टोला से प्रारंभ होकर करहां बाजार के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए आतागंज मोहल्ले पहुंचा, जहां निर्धारित चौतरे पर ताजिया स्थापित किया गया। इस दौरान अकीदतमंदों ने कर्बला के शहीदों को खिराज-ए-अकीदत पेश करते हुए मातम किया।
कोपागंज : आशूरा पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच अलम और ताजियों का जुलूस निकाला गया। इस दौरान पूरा क्षेत्र या अली, या हुसैन की सदाओं से गूंज उठा। जुलूस चौक नंबर एक फुलेलपुरा से शुरू होकर विभिन्न मार्गों से होते हुए कर्बला पहुंचा, जहां देर शाम ताजियों को दफन किया गया।
जुलूस का आगाज मौलाना हसन रजा की तकरीर के साथ हुआ, जिसमें कर्बला की घटना और इमाम हुसैन की कुर्बानी पर प्रकाश डाला गया। बाद में विभिन्न अंजुमनों ने नौहा-मातम कर अकीदत पेश की।
अमिला :
नगर के करपिया मलिक बंजारी, हेमई और चिरैयाडांड़ से मातमी जुलूस अमिला नगर के मध्य चौक स्थित इमाम चौक पर एकत्रित हुए। इस दौरान अकीदतमंदों ने ‘या हुसैन, या हुसैन’ की सदाएं बुलंद करते हुए नौहाख्वानी और मातम किया।
क्रांतिकारी झारखंडे राय यूथ ब्रिगेड के अध्यक्ष विवेक राय उर्फ गोलू राय ने अमिला कोट से गुजरने वाली करपिया मलिक के ताजियादारों के लिए जलपान की व्यवस्था कराई।