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Mau News: 75 गांवों को टीबी मुक्त घोषित करने की तैयारियों के बीच दो गांवों में मिले नौ मरीज
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वर्ष 2023 में जिले में टीबी मुक्त घोषित तीन गांवों में से दो में निकले मरीज, एक गांव में आठ मरीज
24 मार्च को विश्व क्षय रोग दिवस पर नौ ब्लॉकों के 75 गांव को टीबी मुक्त घोषित करने की तैयारी अंतिम चरण में
फोटो
रजनीकांत पांडेय
मऊ। दो दिन बाद 24 मार्च को विश्व क्षय रोग पर जिले के नौ ब्लॉकों के 75 गांव को टीबी मुक्त घोषित करने की तैयारियों के बीच दो गांवों से टीबी के नौ मरीज मिले हैं। इससे स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं।
टीबी खोजी अभियान में जिले के नरौनी और जमुईपार गांव में टीबी के नौ नए मरीज मिले हैं। हालांकि करीब ढाई माह से जारी अभियान में भले ही 1300 से अधिक मरीज मिले हों, पर इन दो गांव में मिले नौ मरीजों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। दरअसल यह दोनों गांव बीते वर्ष 2023 में टीबी मुक्त गांव घोषित हुए थे। अब स्वास्थ्य विभाग की कई टीमें इन दोनों गांवों में लोगों की जांच में जुटी है। इधर बीते 96 दिनों में मिले नए 1100 मरीजों के साथ जिले में टीबी मरीजों की संख्या 2800 से ज्यादा पहुंच चुकी है।
जिले में 100 टीबी दिवसीय सघन टीबी अभियान जिले में सात दिसंबर से चलाया जा रहा है। यह अभियान 24 मार्च यानी क्षय दिवस पर खत्म होगा। जिले में पहली बार चले 100 दिन के अभियान के 96 दिन में 1174 मरीज मिल चुके हैं। इस दौरान संदिग्ध तीन लाख 63 हजार 902 लोगों की स्क्रीनिंग की गई। इस दौरान एक्सरे की जांच से 54 हजार 294 मरीजों की जांच की गई, जबकि 12479 की सीबी नॉट से की गई। इस अभियान से पहले दिसंबर माह में ही मुहम्मदाबाद गोहना तहसील के नरौनी गांव में एक मरीज और दोहरीघाट ब्लॉक के जमुनीपार गांव में टीबी के आठ नए मरीज मिले। जमुनीपार गांव में मिले मरीजों में पांच पुरुष तो तीन महिला मरीज हैं। उधर इन दोनों गांव में मिले नए मरीज से विभागीय अधिकारी अब इन गांवों में स्क्रीनिंग में जुटे हैं।
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1000 में से 30 की जांच करनी है
अभियान में नियमानुसार एक हजार की आबादी पर तीस लोगों की जांच की जानी है, लेकिन 2023 में टीबी मुक्त घोषित गांव नरौनी, जमुनीपार में फिर से मरीज निकलने से अब विभाग आबादी के दस फीसदी लोगों के साथ मरीज के संपर्क में आने वाले सभी लोगों की जांच कर रहा है। उधर 96 दिनों में 1176 नए मरीज मिलने से कुल मरीजों की संख्या 2861 पहुंच चुकी है।
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सात बिंदुओं पर चलाया जा रहा है अभियान
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. आरके सिंह ने बताया कि अभियान सात बिंदुओं पर जोखिम वाली जनसंख्या पर चलाया जा रहा है। इसके तहत 60 वर्ष से अधिक आयु के लोग, कुपोषित बच्चे, पुराने टीबी रोगी, टीबी रोगी के साथ रहने वाले व्यक्ति, डायबिटिज, एचआईवी ग्रसित और नशा करने वाले व्यक्तियों को प्राथमिकता से जांच की जा रही है। राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत अब तक 1176 मरीजों को चिह्नित कर उपचार शुरू किया जा चुका है। साथ ही 75 गांव को टीबी मुक्त घोषित करने की तैयारी की जा रही है। बीते 2023 में तीन गांव निबिया, नरौनी और जमुनीपार घोषित हुए थे। इसमें दो गांवों में मरीज मिलने पर उनका उपचार किया जा रहा है।
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शहरी क्षेत्र में 30 फीसदी मिले नए मरीज
अभियान के दौरान सबसे ज्यादा मरीज शहर क्षेत्र में मिले है, यहां 383 मरीज मिले हैं। वहीं दूसरे नंबर पर घोसी ब्लॉक में 145 तो तीसरे नंबर पर रतनपुरा ब्लॉक में 110 मरीज मिले हैं। वहीं मुहम्मदाबाद गोहना में 98 तो कोपागंज में 70 और फतेहपुर मंडाव में 65 मरीजों की पहचान हुई है।जबकि दोहरीघाट ब्लॉक में 56 और बड़रांव ब्लॉक में 45 तो रानीपुर में 402 मरीज मिले हैं।
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24 मार्च को विश्व क्षय रोग दिवस पर नौ ब्लॉकों के 75 गांव को टीबी मुक्त घोषित करने की तैयारी अंतिम चरण में
फोटो
रजनीकांत पांडेय
मऊ। दो दिन बाद 24 मार्च को विश्व क्षय रोग पर जिले के नौ ब्लॉकों के 75 गांव को टीबी मुक्त घोषित करने की तैयारियों के बीच दो गांवों से टीबी के नौ मरीज मिले हैं। इससे स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं।
टीबी खोजी अभियान में जिले के नरौनी और जमुईपार गांव में टीबी के नौ नए मरीज मिले हैं। हालांकि करीब ढाई माह से जारी अभियान में भले ही 1300 से अधिक मरीज मिले हों, पर इन दो गांव में मिले नौ मरीजों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। दरअसल यह दोनों गांव बीते वर्ष 2023 में टीबी मुक्त गांव घोषित हुए थे। अब स्वास्थ्य विभाग की कई टीमें इन दोनों गांवों में लोगों की जांच में जुटी है। इधर बीते 96 दिनों में मिले नए 1100 मरीजों के साथ जिले में टीबी मरीजों की संख्या 2800 से ज्यादा पहुंच चुकी है।
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जिले में 100 टीबी दिवसीय सघन टीबी अभियान जिले में सात दिसंबर से चलाया जा रहा है। यह अभियान 24 मार्च यानी क्षय दिवस पर खत्म होगा। जिले में पहली बार चले 100 दिन के अभियान के 96 दिन में 1174 मरीज मिल चुके हैं। इस दौरान संदिग्ध तीन लाख 63 हजार 902 लोगों की स्क्रीनिंग की गई। इस दौरान एक्सरे की जांच से 54 हजार 294 मरीजों की जांच की गई, जबकि 12479 की सीबी नॉट से की गई। इस अभियान से पहले दिसंबर माह में ही मुहम्मदाबाद गोहना तहसील के नरौनी गांव में एक मरीज और दोहरीघाट ब्लॉक के जमुनीपार गांव में टीबी के आठ नए मरीज मिले। जमुनीपार गांव में मिले मरीजों में पांच पुरुष तो तीन महिला मरीज हैं। उधर इन दोनों गांव में मिले नए मरीज से विभागीय अधिकारी अब इन गांवों में स्क्रीनिंग में जुटे हैं।
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1000 में से 30 की जांच करनी है
अभियान में नियमानुसार एक हजार की आबादी पर तीस लोगों की जांच की जानी है, लेकिन 2023 में टीबी मुक्त घोषित गांव नरौनी, जमुनीपार में फिर से मरीज निकलने से अब विभाग आबादी के दस फीसदी लोगों के साथ मरीज के संपर्क में आने वाले सभी लोगों की जांच कर रहा है। उधर 96 दिनों में 1176 नए मरीज मिलने से कुल मरीजों की संख्या 2861 पहुंच चुकी है।
सात बिंदुओं पर चलाया जा रहा है अभियान
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. आरके सिंह ने बताया कि अभियान सात बिंदुओं पर जोखिम वाली जनसंख्या पर चलाया जा रहा है। इसके तहत 60 वर्ष से अधिक आयु के लोग, कुपोषित बच्चे, पुराने टीबी रोगी, टीबी रोगी के साथ रहने वाले व्यक्ति, डायबिटिज, एचआईवी ग्रसित और नशा करने वाले व्यक्तियों को प्राथमिकता से जांच की जा रही है। राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत अब तक 1176 मरीजों को चिह्नित कर उपचार शुरू किया जा चुका है। साथ ही 75 गांव को टीबी मुक्त घोषित करने की तैयारी की जा रही है। बीते 2023 में तीन गांव निबिया, नरौनी और जमुनीपार घोषित हुए थे। इसमें दो गांवों में मरीज मिलने पर उनका उपचार किया जा रहा है।
शहरी क्षेत्र में 30 फीसदी मिले नए मरीज
अभियान के दौरान सबसे ज्यादा मरीज शहर क्षेत्र में मिले है, यहां 383 मरीज मिले हैं। वहीं दूसरे नंबर पर घोसी ब्लॉक में 145 तो तीसरे नंबर पर रतनपुरा ब्लॉक में 110 मरीज मिले हैं। वहीं मुहम्मदाबाद गोहना में 98 तो कोपागंज में 70 और फतेहपुर मंडाव में 65 मरीजों की पहचान हुई है।जबकि दोहरीघाट ब्लॉक में 56 और बड़रांव ब्लॉक में 45 तो रानीपुर में 402 मरीज मिले हैं।