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एंबुलेंस संचालकों ने की भूख हड़ताल
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मऊ में कलेक्ट्रेट पर मांगों को लेकर शनिवार को भूख हड़ताल पर बैठे 102 और 108 एंबुलेंस के कर्मचारी।
- फोटो : MAU
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मऊ। जीवनदायिनी स्वास्थ्य विभाग 108 102 संगठन की ओर से एंबुलेंस कर्मचारियों ने शनिवार को अपनी वेतन विसंगितयों को लेकर कलेेक्ट्रेट पर भूख हड़ताल किया। भूख हडताल के बाद कर्मचारियों ने ज्ञापन भी सौंपा। भूख हड़ताल स्थल पर मौजूद कर्मचारियों का कहना था कि न्यूनतम मजदूरा अधिनियम 1948 के अंतर्गत शासन की ओर से 7085 रुपये निर्धारित है लेकिन कंपनी उन्हें केवल 6500 रुपये ही देती है। 3542.50 रुपये परिवर्तन मंहगाई भत्ता मिलाकर कुल 10627 .50 रुपये होते हैं लेकिन कंपन परिवतन मंहगाई भत्ता नहीं देती है।
एचआरए के रूप में केवल एक हाजर रुपये कंपनी देती है। इस महंगाई के दार में इतने कम रुपयों में कहीं किराए का कमरा नहीं मिलता है। पायलट को 3000 रुपयेदिया जना चाहिए। अटेंडेंस इंसेंटिव दो सौ रुपये दिया जा रहा है। इसे उपस्थिति के हिसाब से 100 रुपये किया जाए।शिफ्ट स्प्रेड ओवर एलाउंस के नाम पर 3900 रुपये दिए जा रहे हैं, इसे पांच हजार रुपये मासिक दिए जाएं। वाशिंग एलाउंस प्रति माह 1500 रुपये तथा वीआईपी ड्युटी पर प्रति ड्युटी तीन सौ रुपये दिए जाएं।
एबुंलेंस कर्मचारियों का कहना था कि प्रति माह सात तारीख तक वेतन भुगतान कर दिया जाए। विलंब की स्थिति में 100 रुपये प्रतिदिन दिए जाएं। वेतन बिल बनाने में घपला करने वाले जिम्मेेदारों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की जाए। बायोमेट्रिक सिस्टम प्रणाली से उपस्थिति का नियम लागू किया जाए। ओवरटाइम ड्युटी पर दुगुनी दर से भुगतान किया जाए। कर्मचारियों ने 11 सूत्रीय मांग पत्र भी सौंपा। भूख हड़ताल पर दिलीप राय, विकास मिश्रा, जनार्दन चौहान, राकेश चौहान, पंकज यादव, केके राय, आनंद गिरि, हरिशंकर यादव और पकंज कुमार आदि मौजूद रहे।
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एचआरए के रूप में केवल एक हाजर रुपये कंपनी देती है। इस महंगाई के दार में इतने कम रुपयों में कहीं किराए का कमरा नहीं मिलता है। पायलट को 3000 रुपयेदिया जना चाहिए। अटेंडेंस इंसेंटिव दो सौ रुपये दिया जा रहा है। इसे उपस्थिति के हिसाब से 100 रुपये किया जाए।शिफ्ट स्प्रेड ओवर एलाउंस के नाम पर 3900 रुपये दिए जा रहे हैं, इसे पांच हजार रुपये मासिक दिए जाएं। वाशिंग एलाउंस प्रति माह 1500 रुपये तथा वीआईपी ड्युटी पर प्रति ड्युटी तीन सौ रुपये दिए जाएं।
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एबुंलेंस कर्मचारियों का कहना था कि प्रति माह सात तारीख तक वेतन भुगतान कर दिया जाए। विलंब की स्थिति में 100 रुपये प्रतिदिन दिए जाएं। वेतन बिल बनाने में घपला करने वाले जिम्मेेदारों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की जाए। बायोमेट्रिक सिस्टम प्रणाली से उपस्थिति का नियम लागू किया जाए। ओवरटाइम ड्युटी पर दुगुनी दर से भुगतान किया जाए। कर्मचारियों ने 11 सूत्रीय मांग पत्र भी सौंपा। भूख हड़ताल पर दिलीप राय, विकास मिश्रा, जनार्दन चौहान, राकेश चौहान, पंकज यादव, केके राय, आनंद गिरि, हरिशंकर यादव और पकंज कुमार आदि मौजूद रहे।
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